नई दिल्ली, अप्रैल (पसूका)
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने निर्धारण-वर्ष 2021-22 के लिए दिनांक 31.03.2021 को अधिसूचना सं. 242 (ई) के माध्यम से आयकर रिटर्न फॉर्म (आईटीआर फॉर्म) को अधिसूचित कर दिया है। कोविड महामारी के कारण जारी संकट को ध्यान में रखते हुए और करदाताओं की सुविधा के लिए, पिछले वर्ष के आईटीआर फॉर्म की तुलना में आईटीआर फॉर्म में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किया गया है। आयकर अधिनियम, 1961 में संशोधनों के कारण केवल कुछ ही न्यूनतम परिवर्तन आवश्यक हैं।
आईटीआर फॉर्म 1 (सहज) और आईटीआर फॉर्म 4 (सुगम) आसान फॉर्म हैं जिनसे बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम कर दाताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाता है। 50 लाख रुपए तक की आय वाला एक व्यक्ति जो इस आय को वेतन, एक घर की संपत्ति/अन्य स्रोतों (ब्याज आदि) से प्राप्त करता है, सहज फॉर्म को भर सकता है। इसी तरह से, व्यापार और कार्यक्षेत्र से हुई अनुमानित आय की गणना के प्रावधानों के तहत कुल 50 लाख रुपए से अधिक की आय रखने वाले व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) और फर्म (सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) के अलावा) सुगम के माध्यम से अपना आईटीआर भर सकते हैं।
व्यवसाय से आय न प्राप्त करने वाले व्यक्ति और एचयूएफ (सहज को दाखिल नहीं कर सकते हैं) आईटीआर-2 दाखिल कर सकते हैं जबकि व्यवसाय या पेशे से आय रखने वाले व्यक्ति आईटीआर फॉर्म-3 दाखिल कर सकते हैं। व्यक्तिगत, एचयूएफ और कंपनियों के अलावा अन्य व्यक्ति अर्थात साझेदारी फर्म, एलएलपी आदि आईटीआर फॉर्म-5 दाखिल कर सकते हैं। कंपनियां आईटीआर फॉर्म-6 और ट्रस्टी, राजनीतिक दल, धर्मार्थ संस्थाएं, जो अधिनियम के तहत आयकर से छूट का दावा करती हैं, आईटीआर-7 दाखिल कर सकती हैं।
पिछले वर्ष की तुलना में आईटीआर फॉर्म भरने के तरीके में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अधिसूचित आईटीआर फॉर्म निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है- http:// egazette .nic. in /WriteReadData/ 2021/ 226336pdf.
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने निर्धारण-वर्ष 2021-22 के लिए दिनांक 31.03.2021 को अधिसूचना सं. 242 (ई) के माध्यम से आयकर रिटर्न फॉर्म (आईटीआर फॉर्म) को अधिसूचित कर दिया है। कोविड महामारी के कारण जारी संकट को ध्यान में रखते हुए और करदाताओं की सुविधा के लिए, पिछले वर्ष के आईटीआर फॉर्म की तुलना में आईटीआर फॉर्म में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किया गया है। आयकर अधिनियम, 1961 में संशोधनों के कारण केवल कुछ ही न्यूनतम परिवर्तन आवश्यक हैं।
आईटीआर फॉर्म 1 (सहज) और आईटीआर फॉर्म 4 (सुगम) आसान फॉर्म हैं जिनसे बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम कर दाताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाता है। 50 लाख रुपए तक की आय वाला एक व्यक्ति जो इस आय को वेतन, एक घर की संपत्ति/अन्य स्रोतों (ब्याज आदि) से प्राप्त करता है, सहज फॉर्म को भर सकता है। इसी तरह से, व्यापार और कार्यक्षेत्र से हुई अनुमानित आय की गणना के प्रावधानों के तहत कुल 50 लाख रुपए से अधिक की आय रखने वाले व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) और फर्म (सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) के अलावा) सुगम के माध्यम से अपना आईटीआर भर सकते हैं।
व्यवसाय से आय न प्राप्त करने वाले व्यक्ति और एचयूएफ (सहज को दाखिल नहीं कर सकते हैं) आईटीआर-2 दाखिल कर सकते हैं जबकि व्यवसाय या पेशे से आय रखने वाले व्यक्ति आईटीआर फॉर्म-3 दाखिल कर सकते हैं। व्यक्तिगत, एचयूएफ और कंपनियों के अलावा अन्य व्यक्ति अर्थात साझेदारी फर्म, एलएलपी आदि आईटीआर फॉर्म-5 दाखिल कर सकते हैं। कंपनियां आईटीआर फॉर्म-6 और ट्रस्टी, राजनीतिक दल, धर्मार्थ संस्थाएं, जो अधिनियम के तहत आयकर से छूट का दावा करती हैं, आईटीआर-7 दाखिल कर सकती हैं।
पिछले वर्ष की तुलना में आईटीआर फॉर्म भरने के तरीके में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अधिसूचित आईटीआर फॉर्म निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है- http:// egazette .nic. in /WriteReadData/ 2021/ 226336pdf.

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