पुणे, मई (ह.ए. प्रतिनिधि)
भारतीय रेल कोविड की विषम परिस्थितियों में राष्ट्र के लोगों की सहायता के लिए आगे आकर ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए लिक्विड ऑक्सीजन के भरे टैंकरों को एक स्थान से दूसरे स्थान लगातार पहुंचा रही है। इसी क्रम में एक मालगाड़ी ओडिशा के अंगुल से लिक्विड ऑक्सीजन के चार टैंकरों को लेकर पुणे के लोणी स्टेशन पर पिछले मंगलवार देर रात पहुंची। ऑक्सीजन एक्सप्रेस के लिए पुणे रेल मंडल ने लोणी स्टेशन पर विशेष इंतजाम किए थे। सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों ने पिछले अप्रैल महीने से ही विशेष प्रयास कर टैंकरों को मालगाड़ी से उतारने के लिए विशेष प्रकार के रैम्प का निर्माण कर रखा था। वहां सीमेंट से भरे ट्रक को ट्रायल के लिए इस्तेमाल किया गया। एप्रोच रोड भी बनाया गया ताकि टैंकरों को रोड तक कनेक्टिविटी दी जा सके। इसकी उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग उचित रूप से की जा रही थी। ऑक्सीजन एक्सप्रेस पुणे आने के पहले इस काम में लगे कुछ स्टाफ ने अपने अनुभव साझा किए।
भारतीय रेल कोविड की विषम परिस्थितियों में राष्ट्र के लोगों की सहायता के लिए आगे आकर ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए लिक्विड ऑक्सीजन के भरे टैंकरों को एक स्थान से दूसरे स्थान लगातार पहुंचा रही है। इसी क्रम में एक मालगाड़ी ओडिशा के अंगुल से लिक्विड ऑक्सीजन के चार टैंकरों को लेकर पुणे के लोणी स्टेशन पर पिछले मंगलवार देर रात पहुंची। ऑक्सीजन एक्सप्रेस के लिए पुणे रेल मंडल ने लोणी स्टेशन पर विशेष इंतजाम किए थे। सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों ने पिछले अप्रैल महीने से ही विशेष प्रयास कर टैंकरों को मालगाड़ी से उतारने के लिए विशेष प्रकार के रैम्प का निर्माण कर रखा था। वहां सीमेंट से भरे ट्रक को ट्रायल के लिए इस्तेमाल किया गया। एप्रोच रोड भी बनाया गया ताकि टैंकरों को रोड तक कनेक्टिविटी दी जा सके। इसकी उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग उचित रूप से की जा रही थी। ऑक्सीजन एक्सप्रेस पुणे आने के पहले इस काम में लगे कुछ स्टाफ ने अपने अनुभव साझा किए।
लोणी स्टेशन पर तैनात स्टेशन मैनेजर श्री सुधीर सोनपरोते इस बारे में बताते हैं कि यह ऑक्सीजन एक्सप्रेस लोणी स्टेशन पर आएगी यह खबर जब मिली तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। क्यों ना हो आखिरकार यह ऑक्सीजन कई मरीजों का जीवन बचाने में काम आने वाली है, यही जानकर वह अपने आप को सौभाग्यशाली मानते हैं। भारतीय रेल के एक सदस्य के तौर पर इसमें अपना योगदान देने में वह अपने आपको बहुत गौरवान्वित भी महसूस कर रहे हैं। श्री सोनपरोते बताते हैं कि इसके लिए उन्हें सभी डिपार्टमेंट का सहयोग मिला और जिसकी मदद से वह रैंप आदि के लिए जरूरी इंतजाम में अपना योगदान दे सकें। राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ भी वे लगातार संपर्क में रहें ताकि जब करीब 55 मेट्रिक टन ऑक्सीजन के ये टैंकर आएं तो उन्हें बिना कोई देरी किए सौंप सकें, जिससे आगे की वितरण व्यवस्था राज्य प्रशासन कर सके और मरीजों तक इसे जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जा सके। जब टैंकर आए तब उनके टायरों में हवा भरी गई, उनकी पेकिंग को खोलकर धीरे धीरे उतारा गया। लोगों की जिंदगी बचाने वाला यह प्रयास उनके जीवन की अमिट स्मृतियों में रहेगा।
इसके अलावा इस गाड़ी को लोणी तक लाने वाले चालक दल के सदस्य लोको पायलट श्री सुधीर कुमार भी अपनी ड्यूटी इस गाड़ी पर लगने को लेकर बहुत उत्साहित थे। श्री सुधीर कहते हैं कि जब उन्हें बताया गया कि आपको ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ी लोणी ले जाना है तब मुझे बहुत खुशी मिली कि मैं इस महामारी में जरूरतमंद मरीजों तक जीवनदायिनी पहुंचाने का एक हिस्सा रहूंगा। मार्ग में हमें सभी जगह ग्रीन कोरिडोर मिला, सभी स्टेशनों पर सुचारु रूप से गाड़ी पास करने के सभी इंतजाम किए गए थे, कोई बाधा नहीं हुई। सभी स्टाफ सजगता से जुटा रहा। लोणी स्टेशन पर सभी लोग हमारी गाड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जैसे ही एंटर हुए फटाफट रैम्प तक ले गए।
गाड़ी में तैनात रेलवे गार्ड श्री नागेश वाघमारे भी अपनी ड्यूटी से उत्साहित थे, उन्होंने कहा कि यह मेरे जीवन की अद्भुत घटना है, जब मुझे इस ऑक्सीजन एक्सप्रेस को ले जाने के लिए चुना गया, क्योंकि यह असामान्य रूप से अलग अनुभव देने वाली विशेष ड्यूटी थी। मैं और मेरा परिवार बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं, लोगों की जिंदगी बचाने में अपने योगदान से।
देशभर में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पंहुचा कर कोविड-19 के प्रसार को रोकने में देश के प्रयास में रेलवे का योगदान निरंतर जारी है। यह जानकारी पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मनोज झंवर द्वारा दी गई है।
देशभर में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पंहुचा कर कोविड-19 के प्रसार को रोकने में देश के प्रयास में रेलवे का योगदान निरंतर जारी है। यह जानकारी पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मनोज झंवर द्वारा दी गई है।




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