अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक द्वारा जानकारी - पहले चरण में 750 बचत गुटों को मिलेगा योजना का लाभ
मुंबई, जून (महासंवाद)
मौलाना आजाद अल्पसंख्यक आर्थिक विकास निगम की ओर से राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं के बचत गुटों को 2 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा। यह योजना अल्पसंख्यक महिलाओं के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देगी और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगी। यह जानकारी अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने दी है। प्रथम चरण में 750 बचत गुटों को ऋण दिया जाएगा और संबंधित बचत गुटों को इसके लिए आवेदन करना होगा। यह अपील मंत्री नवाब मालिक ने की है।
मंत्री श्री मलिक ने आगे कहा कि अल्पसंख्यक मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, सिख, जैन, पारसी और यहूदी समुदायों की महिलाओं के बचत गुट इस सूक्ष्म ऋण योजना से लाभान्वित होंगे। यह योजना महिला आर्थिक विकास निगम (माविम), राष्ट्रीय शहरी आजीविका अभियान और महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका अभियान (उमेद अभियान) की मदद से सभी जिलों में लागू की जाएगी।
अल्पसंख्यक महिला बचत गुट जिन्होंने पहले और दूसरे चरण के ऋण चुकाए हैं, वे तीसरे चरण की 2 लाख रुपये की ऋण योजना के लिए पात्र होंगे। ऋण में निगम का हिस्सा 1 लाख 90 हजार रुपये और संबंधित महिला बचत गुटों का हिस्सा 10 हजार रुपये होगा। ब्याज दर 7% होगी। माविम और अन्य संगठनों द्वारा स्थापित अल्पसंख्यक महिला स्वयं सहायता समूह योजना के लिए पात्र होंगे। महिला बचत गुटों के 70% से अधिक सदस्य अल्पसंख्यक समुदाय से होने चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए मौलाना आजाद अल्पसंख्यक आर्थिक विकास निगम, माविम, राष्ट्रीय शहरी आजीविका विकास अभियान, महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका विकास अभियान के मुख्यालय या जिले के तालुका कार्यालय से संपर्क करें। योजना के आवेदन मौलाना आजाद अल्पसंख्यक आर्थिक विकास निगम के जिला कार्यालय में उपलब्ध हैं। निगम की https://mamfdc.maharashtra.gov.in/ वेबसाइट पर अधिक जानकारी उपलब्ध है। योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2021 है।
मौलाना आजाद अल्पसंख्यक आर्थिक विकास निगम की ओर से राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं के बचत गुटों को 2 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा। यह योजना अल्पसंख्यक महिलाओं के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देगी और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगी। यह जानकारी अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने दी है। प्रथम चरण में 750 बचत गुटों को ऋण दिया जाएगा और संबंधित बचत गुटों को इसके लिए आवेदन करना होगा। यह अपील मंत्री नवाब मालिक ने की है।
मंत्री श्री मलिक ने आगे कहा कि अल्पसंख्यक मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, सिख, जैन, पारसी और यहूदी समुदायों की महिलाओं के बचत गुट इस सूक्ष्म ऋण योजना से लाभान्वित होंगे। यह योजना महिला आर्थिक विकास निगम (माविम), राष्ट्रीय शहरी आजीविका अभियान और महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका अभियान (उमेद अभियान) की मदद से सभी जिलों में लागू की जाएगी।
अल्पसंख्यक महिला बचत गुट जिन्होंने पहले और दूसरे चरण के ऋण चुकाए हैं, वे तीसरे चरण की 2 लाख रुपये की ऋण योजना के लिए पात्र होंगे। ऋण में निगम का हिस्सा 1 लाख 90 हजार रुपये और संबंधित महिला बचत गुटों का हिस्सा 10 हजार रुपये होगा। ब्याज दर 7% होगी। माविम और अन्य संगठनों द्वारा स्थापित अल्पसंख्यक महिला स्वयं सहायता समूह योजना के लिए पात्र होंगे। महिला बचत गुटों के 70% से अधिक सदस्य अल्पसंख्यक समुदाय से होने चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए मौलाना आजाद अल्पसंख्यक आर्थिक विकास निगम, माविम, राष्ट्रीय शहरी आजीविका विकास अभियान, महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका विकास अभियान के मुख्यालय या जिले के तालुका कार्यालय से संपर्क करें। योजना के आवेदन मौलाना आजाद अल्पसंख्यक आर्थिक विकास निगम के जिला कार्यालय में उपलब्ध हैं। निगम की https://mamfdc.maharashtra.gov.in/ वेबसाइट पर अधिक जानकारी उपलब्ध है। योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2021 है।

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