पुणे, जुलाई (ह.ए. प्रतिनिधि)
पुणे रेल मंडल के वरिष्ठ टिकट निरीक्षक राजेंद्र काटकर के सजग प्रयासों से अकेले यात्रा कर रहा एक 5 वर्षीय बालक सुरक्षित रूप उसके अभिभावक को सौंपा गया।
राजेन्द्र काटकर 2 जुलाई को विशेष गाड़ी संख्या 02016 पुणे-मुंबई इंद्रायणी एक्सप्रेस में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। गाड़ी के कल्याण स्टेशन छोड़ने पर नियमित चेकिंग के दौरान उनकी नजर कोच संख्या डी-8 में अकेले यात्रा कर रहे एक पांच वर्षीय बालक पर गई, जिसके पास एक बैग भी था। कोच में मौजूद यात्रियों से पूछताछ करने पर उन्हें जानकारी मिली कि कल्याण स्टेशन पर एक व्यक्ति ने बच्चे और बैग को कोच में बिठाया और वह ट्रेन में सवार नहीं हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए टिकट निरीक्षक राजेंद्र काटकर ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल ऑफिस को दी। इस दौरान उन्होंने अपनी ओर से बच्चे से पूछताछ कर उसका नाम वगैरह जानने की कोशिश की जो वह नहीं बता पाया।
दादर स्टेशन आने पर राजेंद्र काटकर द्वारा रेल सुरक्षा बल के जवान को उक्त बालक एवं बैग को सुपूर्द किया गया। बाद में बालक के परिवार द्वारा रेल सुरक्षा बल थाना दादर पहुंचने पर उचित सत्यापन के बाद बालक को परिवार को सौंप दिया गया।
राजेंद्र काटकर द्वारा किया गया यह कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है और यह अपने कर्तव्य के प्रति उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। रेलवे कर्मचारी द्वारा किए गए परोपकारी एवं मानवीय कार्य के लिए पुणे रेल मंडल को उन पर गर्व है। यह जानकारी पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मनोज झंवर द्वारा दी गई है।
पुणे रेल मंडल के वरिष्ठ टिकट निरीक्षक राजेंद्र काटकर के सजग प्रयासों से अकेले यात्रा कर रहा एक 5 वर्षीय बालक सुरक्षित रूप उसके अभिभावक को सौंपा गया।
राजेन्द्र काटकर 2 जुलाई को विशेष गाड़ी संख्या 02016 पुणे-मुंबई इंद्रायणी एक्सप्रेस में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। गाड़ी के कल्याण स्टेशन छोड़ने पर नियमित चेकिंग के दौरान उनकी नजर कोच संख्या डी-8 में अकेले यात्रा कर रहे एक पांच वर्षीय बालक पर गई, जिसके पास एक बैग भी था। कोच में मौजूद यात्रियों से पूछताछ करने पर उन्हें जानकारी मिली कि कल्याण स्टेशन पर एक व्यक्ति ने बच्चे और बैग को कोच में बिठाया और वह ट्रेन में सवार नहीं हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए टिकट निरीक्षक राजेंद्र काटकर ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल ऑफिस को दी। इस दौरान उन्होंने अपनी ओर से बच्चे से पूछताछ कर उसका नाम वगैरह जानने की कोशिश की जो वह नहीं बता पाया।
दादर स्टेशन आने पर राजेंद्र काटकर द्वारा रेल सुरक्षा बल के जवान को उक्त बालक एवं बैग को सुपूर्द किया गया। बाद में बालक के परिवार द्वारा रेल सुरक्षा बल थाना दादर पहुंचने पर उचित सत्यापन के बाद बालक को परिवार को सौंप दिया गया।
राजेंद्र काटकर द्वारा किया गया यह कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है और यह अपने कर्तव्य के प्रति उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। रेलवे कर्मचारी द्वारा किए गए परोपकारी एवं मानवीय कार्य के लिए पुणे रेल मंडल को उन पर गर्व है। यह जानकारी पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मनोज झंवर द्वारा दी गई है।

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