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बच्चों के लिए कोविड वैक्सीन के विकास में तेजी लायें : उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडु का वैज्ञानिक समुदाय से आग्रह

नई दिल्ली, जुलाई (पसूका) 
    उप राष्ट्रपतिश्री एम वेंकैया नायडु ने आज वैज्ञानिक समुदाय से बच्चों के लिए कोविड वैक्सीन के विकास में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों को वायरस से बचाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिये।
    श्री नायडु ने इस बात पर जोर दिया कि कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान एक अखिल भारतीय 'जन आंदोलनबनना चाहिये और लोगों से अपील की कि वे  टीके की आवश्यक खुराक लेकर खुद को प्रतिरक्षित करें।
    हैदराबाद के जीनोम वैली में भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के संयंत्र का दौरा करने के बाद वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "टीकाकरण  में हिचकिचाहट के लिए कोई जगह नहीं है"। सभी से टीकाकरण कराने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा, "अपनी और अपने आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए इससे अधिक प्रभावी तरीका और कोई नहीं है।".
    श्री नायडु ने एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में नेजल कोविड वैक्सीन के विकास की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह टीके से जुड़ी हिचकिचाहट को कम कर सकता है और टीकाकरण को और आसान कर सकता है।
    यह कहते हुए कि टीकाकरण के लाभ कथित कमियों से कहीं अधिक हैंश्री नायडु ने कहायह संदेश देश के कोने-कोने में और हर घर में साफ और स्पष्ट रूप से पहुँचाया जाना चाहिये। "अब यह स्पष्ट है कि टीकाकरण से अस्पताल में भर्ती होने और संक्रमित होने पर बीमारी के गंभीर होने की संभावना कम हो रही है"उन्होंने कहा।
    उप राष्ट्रपति ने मीडिया को टीकाकरण के लाभों के बारे में जनता को शिक्षित करने की भी सलाह दी। उन्होंने चिकित्सा समुदाय से लोगों को एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए शिक्षित करने के साथ-साथ टीके से जुड़ी झिझक को दूर करने का भी आग्रह किया।
    कोविड-19 मामलों में अस्थायी गिरावट से लोगों को असावधान होने के खिलाफ आगाह करते हुएउन्होंने कहा, "हम जिम्मेदार नागरिक बनें और कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करके लापरवाह तरीके से व्यवहार न करें"। उन्होंने लोगों से मास्क लगानेशारीरिक दूरी बनाने और व्यक्तिगत स्वच्छता को जारी रखने की अपील की।
    उप राष्ट्रपति ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और उन्हे मानने वालों से भी कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया। “जिम्मेदारी से कार्य करना हम में से प्रत्येक का कर्तव्य है। हम तीसरी लहर को आमंत्रित करने का जोखिम नहीं उठा सकते, ”उन्होंने चेतावनी दी।
    यह देखते हुए कि लगातार बदल रहा वायरस अप्रत्याशित चुनौतियां सामने लाता है और हमें ऐसे समाधान खोजने के लिए मजबूर करता है जो जीवन को बचाएंगे और आजीविका की रक्षा करेंगेश्री नायडु ने कहा, "हमें व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से इस राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रयास में योगदान देना होगा।" उन्होंने कहा कि टीकों की आपूर्ति तेजी से बढ़ायी जानी चाहिए और जल्द से जल्द सभी को टीके लगाये जाने चाहिये।
    हालांकिउन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले महीनों में टीकाकरण अभियान गति पकड़ेगा और कहा कि भारत सरकार का इरादा वर्ष के अंत तक सभी योग्य वयस्कों का टीकाकरण करने का है।
    बहुत कम समय में एक प्रभावी टीका विकसित करने के लिए भारत बायोटेक के वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, "मैं इस उत्कृष्ट कार्य के लिए आप में से प्रत्येक की प्रशंसा करता हूं। मैं इस संगठन में डॉ. कृष्णा एल्ला और डॉ. सुचित्रा एल्ला द्वारा लाए गए आशावाद और गतिशीलता की सराहना करता हूं।
    श्री नायडु ने कहा कि कुछ अन्य भारतीय कंपनियों ने भी कोविड-19टीकों का उत्पादन करने के लिए समय के खिलाफ दौड़ लगाई हैजबकि कुछ और प्रक्रिया में हैं।
    यह बताते हुए कि भारत ने 'दुनिया की फार्मेसीके रूप में दुनिया भर की प्रशंसा अर्जित की हैउन्होंने कहा कि भारत 50 प्रतिशत से अधिक टीकों की आपूर्ति कर रहा है और जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा उत्पादक है। भारतीय फार्मा कंपनियां भी एड्स से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर 80 प्रतिशत से अधिक एंटी-रेट्रोवायरल दवाओं की आपूर्ति कर रही हैं।
    श्री नायडु ने कहा कि भारत का घरेलू दवा बाजारजिसका अनुमान 2021 में 42 बिलियन अमेरिकी डॉलर थाके 2030 तक 120-130 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।
    हैदराबाद के टीकों और थोक दवाओं के केंद्र के रूप में उभरने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि यह जीनोम वैली के साथ एक जैव प्रौद्योगिकी केंद्र में भी बदल गया है जिससे इस क्षेत्र में विकास हो रहा है।
    उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि हाल ही में स्वीकृत केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं में से एक हैदराबाद में स्थित है। परियोजना को प्रस्तावित करने वाली राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए प्रोत्साहन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, "इसके लिए मैंने अपना पूरा समर्थन दिया था"।
    इकोसिस्टम सपोर्ट और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुएउन्होंने खुशी व्यक्त की कि भारत सरकारराज्य सरकारें और निजी क्षेत्र ने इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को प्राथमिकता दी है और सहयोगात्मक कार्रवाई शुरू की है।
    भारत बायोटेक लिमिटेड की सुविधाओं का जायजा लेने वाले उप राष्ट्रपति ने भारत और दुनिया भर में टीकाकरण कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए कंपनी की सराहना की।
    तेलंगाना के गृह मंत्रीश्री मोहम्मद महमूद अलीभारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ कृष्णा एल्लाभारत बायोटेक की संयुक्त प्रबंध निदेशक  श्रीमती सुचित्रा एल्लापूर्णकालिक निदेशकडॉ वी कृष्ण मोहन और इस कार्यक्रम में भारत बायोटेक के विभिन्न प्रभागों के प्रमुखों ने भाग लिया।

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