नई दिल्ली, अगस्त (पसूका)
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि उन्हें देश भर के नागरिकों से ‘खेल रत्न पुरस्कार’ का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने के लिए अनगिनत अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए ‘खेल रत्न पुरस्कार’ को अब से ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार’ कहा जाएगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मेजर ध्यानचंद भारत के उन अग्रणी खिलाड़ियों में से एक थे, जिन्होंने भारत के सम्मान और गौरव को नए शिखर पर पहुंचा दिया था। अत: यह बिल्कुल उचित है कि हमारे देश का सर्वोच्च खेल सम्मान उन्हीं के नाम पर रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री ने अनेक ट्वीट्स में कहा है; “ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है, जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।
देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। “जय हिंद!”
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार करने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ़फैसले का स्वागत किया है। अपने ट्वीट्स में श्री अमित शाह ने कहा कि देश के सर्वोच्च खेल सम्मान ‘खेल रत्न पुरस्कार’ को देश के महानतम खिलाड़ी मेजर ध्यान चंद जी के नाम पर रखना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। यह खेल जगत से जुड़े हर व्यक्ति के लिए एक गर्व का निर्णय है। मैं इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का सभी देशवासियों की ओर से अभिनंदन करता हूँ।
गृह मंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि ‘मेजर ध्यान चंद खेल रत्न पुरस्कार’ देश के हर खिलाड़ी को हॉकी के जादूगर ध्यानचंद जी के राष्ट्र के प्रति समर्पण, उसका मान बढ़ाने के उनके संकल्प और उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियों से प्रेरित कर विश्व खेल जगत में तिरंगे को और शिखर तक ले जाएगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि उन्हें देश भर के नागरिकों से ‘खेल रत्न पुरस्कार’ का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने के लिए अनगिनत अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए ‘खेल रत्न पुरस्कार’ को अब से ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार’ कहा जाएगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मेजर ध्यानचंद भारत के उन अग्रणी खिलाड़ियों में से एक थे, जिन्होंने भारत के सम्मान और गौरव को नए शिखर पर पहुंचा दिया था। अत: यह बिल्कुल उचित है कि हमारे देश का सर्वोच्च खेल सम्मान उन्हीं के नाम पर रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री ने अनेक ट्वीट्स में कहा है; “ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है, जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।
देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। “जय हिंद!”
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार करने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ़फैसले का स्वागत किया है। अपने ट्वीट्स में श्री अमित शाह ने कहा कि देश के सर्वोच्च खेल सम्मान ‘खेल रत्न पुरस्कार’ को देश के महानतम खिलाड़ी मेजर ध्यान चंद जी के नाम पर रखना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। यह खेल जगत से जुड़े हर व्यक्ति के लिए एक गर्व का निर्णय है। मैं इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का सभी देशवासियों की ओर से अभिनंदन करता हूँ।
गृह मंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि ‘मेजर ध्यान चंद खेल रत्न पुरस्कार’ देश के हर खिलाड़ी को हॉकी के जादूगर ध्यानचंद जी के राष्ट्र के प्रति समर्पण, उसका मान बढ़ाने के उनके संकल्प और उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियों से प्रेरित कर विश्व खेल जगत में तिरंगे को और शिखर तक ले जाएगा।

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