लोकसभा अध्यक्ष, श्री ओम बिड़ला ने विश्व पर्यटन दिवस, 2021 को मनाने के लिए पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम "समावेशी विकास के लिए पर्यटन" में मुख्य भाषण दिया। केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी और पर्यटन राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर विश्व व्यापार संगठन के महासचिव, श्री जोराब पोलोलिकशविली का एक वीडियो संदेश प्रदर्शित किया गया। पर्यटन सचिव श्री अरविंद सिंह, पर्यटन महानिदेशक, श्री कमला वर्धन राव, यूएनईपी के प्रमुख, अतुल बगई, पर्यटन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और यात्रा एवं आतिथ्य उद्योग के प्रतिनिधियों ने संबोधित भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।इस अवसर पर अपने सम्बोधन में श्री बिरला ने कहा कि कोविड के बाद भारत में पर्यटन क्षेत्र तेजी से अपने पुराने रूप में वापस लौट रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिबद्ध और सामूहिक प्रयास से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भारत दुनिया में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में उभरे। श्री बिरला ने कहा, "जिस तरह से हमने सामूहिक रूप से कोविड-19 को हराया, हमारी सामूहिक शक्ति और समन्वित प्रयास हमारी अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।" उन्होंने कहा कि पर्यटन, अर्थव्यवस्था और रोजगार के विकास इंजनों में से एक है, इसलिए, इस क्षेत्र के और विकास के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
भारत में पर्यटन की विशाल संभावनाओं पर श्री बिरला ने कहा कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भौगोलिक विविधता दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। भारत में पर्यावरण, अध्यात्म, शिक्षा और चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। भारत की घरेलू और विदेश नीति ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक सक्षम वातावरण प्रदान किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारा लक्ष्य, भारत को पर्यटन स्थल के रुप में पहले स्थान पर लाना होना चाहिए। इस संबंध में, पर्यटन के अनुकूल स्थलों को विकसित करने के लिए अधिक से अधिक प्रयास किए जाने चाहिए। श्री बिरला ने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी उपकरणों के उपयोग पर जोर दिया।
पर्यटन को बढ़ावा देने की कार्य योजना पर बोलते हुए, श्री बिरला ने सुझाव दिया कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वाकांक्षी और सतत प्रयासों की आवश्यकता है। यह हस्तशिल्प और अन्य ग्रामीण उत्पादों की मांग पैदा करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि देश में जो पर्यटन स्थल अब भी रहस्य हैं, उन्हें भारत के पर्यटन मानचित्र पर शामिल किया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग इन पर्यटन स्थलों के बारे में जान सकें इस अवसर पर, श्री बिरला ने निधि 2.0(आतिथ्य उद्योग का राष्ट्रीय एकीकृत डेटाबेस) का शुभारंभ किया और "भारत पर्यटन सांख्यिकी: 2021- एक नज़र में” जारी किया।
श्री बिरला ने आशा व्यक्त की कि निधि 2.0 डेटा बेस, इस प्रयास में एक मील का पत्थर साबित होगा। पर्यटन मंत्रालय, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) और द रिस्पांसिबल टूरिज्म सोसाइटी ऑफ इंडिया (आरटीएसओआई) ने पर्यटन क्षेत्र में 'स्थिरता पहल' को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने और सहयोग करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस अवसर पर समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी किया गया ।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री, श्री जी. किशन रेड्डी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “पर्यटन क्षेत्र उन कुछ क्षेत्रों में से एक है, जिन्हें इस महामारी के कारण बहुत नुकसान हुआ है और पर्यटन की जल्द बहाली इस क्षेत्र के फायदे और विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “भारत में नागरिकों को पहले ही 85 करोड़ से अधिक कोविड टीके लगाए जा चुके हैं। तेज़ी से जारी टीकाकरण रणनीति के साथ, हम अब नए साल की शुरुआत में देश को पर्यटन के लिए फिर से खोलने के काफी करीब पहुंच गए हैं। श्री रेड्डी ने कहा कि टीकाकरण पर लगातार ध्यान देने के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभारी हूं।
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