मुंबई, नवंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)
रेलवे ने उपनगरीय और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में केवल आपातकालीन उपयोग के लिए अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) का विकल्प प्रदान किया है। हाल ही में यह देखा गया है कि यात्री देर से स्टेशन पहुंचने, मध्यवर्ती स्टेशनों पर उतरने/बोर्डिंग आदि जैसे छोटे कारणों से एसीपी का सहारा ले रहे हैं।
ट्रेन में एसीपी का कार्य न केवल उस विशेष ट्रेन के चलने को प्रभावित करता है बल्कि पीछे चलने वाली ट्रेनों पर भी व्यापक प्रभाव डालता है। मुंबई मंडल जैसी उपनगरीय प्रणाली में एसीपी के परिणामस्वरूप मेल/ एक्सप्रेस और उपनगरीय ट्रेनें देरी से चलती हैं, जिससे इसके समय पालन में बाधा आती है। इसके अलावा एक या कुछ यात्रियों की सुविधा के लिए एसीपी का दुरुपयोग अन्य सभी यात्रियों को असुविधा का कारण बनता है।
रेलवे ने उपनगरीय और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में केवल आपातकालीन उपयोग के लिए अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) का विकल्प प्रदान किया है। हाल ही में यह देखा गया है कि यात्री देर से स्टेशन पहुंचने, मध्यवर्ती स्टेशनों पर उतरने/बोर्डिंग आदि जैसे छोटे कारणों से एसीपी का सहारा ले रहे हैं।
ट्रेन में एसीपी का कार्य न केवल उस विशेष ट्रेन के चलने को प्रभावित करता है बल्कि पीछे चलने वाली ट्रेनों पर भी व्यापक प्रभाव डालता है। मुंबई मंडल जैसी उपनगरीय प्रणाली में एसीपी के परिणामस्वरूप मेल/ एक्सप्रेस और उपनगरीय ट्रेनें देरी से चलती हैं, जिससे इसके समय पालन में बाधा आती है। इसके अलावा एक या कुछ यात्रियों की सुविधा के लिए एसीपी का दुरुपयोग अन्य सभी यात्रियों को असुविधा का कारण बनता है।
मध्य रेल मुंबई मंडल इस तरह की अनुचित एसीपी घटनाओं पर कड़ी नजर रखे हुए है। चालू कैलेंडर वर्ष के दौरान जनवरी से 31 अक्टूबर, 2021 तक मध्य रेल मुंबई मंडल ने अनुचित एसीपी मामलों के 1,608 मामले दर्ज किए। इनमें से करीब 1,381 यात्रियों से 10.06 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया है।
रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वे अनावश्यक / मामूली कारणों से एसीपी का सहारा न लें, जिससे बाकी यात्रियों को असुविधा होती है। अनावश्यक परिस्थितियों में एसीपी का सहारा लेना रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दंडनीय अपराध है।
यह प्रेस विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।
रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वे अनावश्यक / मामूली कारणों से एसीपी का सहारा न लें, जिससे बाकी यात्रियों को असुविधा होती है। अनावश्यक परिस्थितियों में एसीपी का सहारा लेना रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दंडनीय अपराध है।
यह प्रेस विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।
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