
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह अपनी महाराष्ट्र यात्रा के दूसरे दिन पुणे में एनडीआरएफ की पांचवी बटालियन के कैंप परिसर का औपचारिक उद्घाटन कर नए परिसर का निरीक्षण किया और सीएफ़एसएल परिसर में नई इमारत का लोकार्पण किया
इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ़ विश्वास का प्रतीक है और उनकी उपस्थिति मात्र से ही लोगों के मन में सुरक्षा का भाव उत्पन्न हो जाता है। इतने कम समय में एनडीआरएफ की 16 बटालियनें पूरे देश में अपना काम बहुत अच्छे तरीके से कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा हो बाढ़, भूस्खलन, तूफ़ान, कहीं इमारत ढह गई हो या बिजली गिरी हो, हर मौक़े पर एनडीआरएफ जवानों के पहुंचते ही देश की जनता राहत लेती है कि अब एनडीआरएफ आ गया है और हम सब सलामत हैं। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में, इतने बड़े देश में और इतने कठिन क्षेत्र में यह विश्वास पैदा कर पाना बहुत कठिन होता है और वह तभी होता है जब बल के मुखिया से लेकर अंतिम व्यक्ति तक सब लोग अपने उद्देश्य के प्रति समर्पित हों। यह तब होता है जब अपनी चिंता किए बिना जिसे बचाने आए हैं, उसकी चिंता करें, अपनी जान की चिंता किए बिना जिसकी जान बचानी है, उसके लिए काम करें। श्री शाह ने कहा कि आपने देश में बहुत कम समय में लोगों का विश्वास अर्जित किया है और ये ख्याति सिर्फ भार में ही नहीं बल्कि बहुत सारे देशों में हुई है। विदेशों में भी एनडीआरएफ़ को कई बार भेजा गया और वहां पर भी बहुत अच्छे परिणाम आए और बहुत अच्छे संदेश आप भारत के लिए छोड़ कर आए हैं और वह तभी संभव हो सकता है जब आप वसुधैव कुटुंबकम में भरोसा करते हो। समग्र मानव जाति के प्रति एनडीआरएफ की जो संवेदना और समर्पण है ये इसका परिचायक है और हमें यह बरकरार रखना चाहिए।

श्री अमित शाह ने कहा कि 2006 में एनडीआरएफ का गठन हुआ और उस वक्त आठ बटालियन थीं जो बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ के जवानों को लेकर बनाई गई थीं। आज इस बल की 16 बटालियन हो चुकी हैं और 28 शहरों में रीजनल रिस्पांस सेंटर औप रीजनल रिस्पांस टीम भी मौजूद हैं। एनडीआरएफ को दुनियाभर के आपदा के क्षेत्रों के सभी पहलुओं और डाइमेंशन की स्टडी करने के लिए अपने यहां टीम बनानी चाहिए और वह टीम एनडीआरएफ को विश्व में सबसे अच्छा आपदा मोचन बल बनाने की दिशा में ले जाए, ये सुनिश्चित करना चाहिए। आज पूरे विश्व में सबसे अच्छे और सबसे बड़े आपदा मोचन बलों में एनडीआरएफ की गणना हो रही है, ये पूरे देश के लिए और भारत सरकार के लिए बहुत गौरव का विषय है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आपके समर्पण, इतिहास और ड्यूटी के प्रति निष्ठा के कारण ही यह सिद्ध हो पाया है।


केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि इससे आज क्या बदलाव आएगा, मैं उनको कहना चाहता हूँ कि अगर हम ऐसे ही सोचेंगे तो कभी भविष्य को संवार नहीं पाएंगे। आज हम जो बीज बोयेंगे वही आगे चलकर वटवृक्ष बनेगा और ये बीज डालने का काम मोदी सरकार कर रही है। सीएफएसएल की मैनपावर की स्थिति को भी हम बढ़ाएंगे। इसके साथ ही जल्द से जल्द साइंटिफिक एविडेंस सीधा कोर्ट और थाने तक इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पहुंचाए, इसको भी सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। भारत सरकार ने कई सॉफ्टवेयर डेवलप किए हैं जिनसे कोर्ट और एफएसएल को भी जोड़ा जा रहा है जिससे कोर्ट में कोई भी व्यक्ति या प्रॉसिक्यूटर नहीं कह सकेगा कि एफएसएल रिपोर्ट आनी बाकी है। रिपोर्ट कोर्ट के रिकॉर्ड में सीधी पहुंच जाएगी और इसकी प्रति थाने में जाएगी और एक कॉपी राज्य के गृह मंत्रालय के पास जाएगी। यह व्यवस्था जिस दिन स्थापित होगी उस दिन बहुत सारी देरी समाप्त हो जाएगी और विज्ञान का उपयोग करते हुए हम दोष सिद्धि के प्रमाण को बढ़ा पाएंगे। उन्होंने कहा कि आज ढेर सारी चुनौतियां आंतरिक सुरक्षा के सामने खड़ी हुई हैं, जैसे, नारकोटिक्स, हथियारों की तस्करी, जाली नोट, सीमापार से घुसपैठ आदि क्षेत्रों में एफएसएल के सहयोग से हम काफी कुछ कर सकते हैं।
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