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जाति प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए 28 फरवरी तक विशेष अभियान

पुणे, जनवरी (जिमाका)

शिक्षा, सेवा, चुनाव आदि कारणों से जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। 2021-22 वर्ष में त्रुटियों के अभाव में लंबित हैं, ऐसे छात्रों और आवेदकों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए, इसके लिए डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (बार्टी) ने सभी जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समितियों को 28 फरवरी 2022 तक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
इस विशेष अभियान के तहत सभी लंबित प्रकरणों को समिति की ओर से निस्तारित करने के निर्देश दिये गये हैं। त्रुटि के मामले में संबंधित छात्र और आवेदक को सूचित करने और समितियों को अपने मामलों में त्रुटियों की रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर देने का भी निर्देश दिया गया है।
जिन छात्रों या उनके माता-पिता को त्रुटि के कारण जाति वैधता प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुआ है व अन्य आवेदक संबंधित जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति के पास कार्यालयीन कामकाज के दिन त्रुटि पूरी करने के लिए आवश्यक सबूत और मूल दस्तावेज सहित 28 फरवरी 2022 तक संपर्क करें। यह अपील बार्टी के महासंचालक तथा राज्य के जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति के मुख्य समन्वयक महाधम्मज्योती गजभिये ने की है।

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