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दूध में मिलावट रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा कार्रवाई सत्र शुरू

पुणे, जनवरी (जिमाका)

पुणे जिले में दूध में मिलावट को रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है। दिसंबर में 300 किलोग्राम और 21 जनवरी 2022 को 7 लाख 12 हजार 264 रुपये कीमत का व्हे-पावडर जब्त किया गया।
8 जुलाई 2021 को बारामती में अहमदनगर जिले से आपूर्ति किए गए दूध के टैंकर के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 2 लाख 29 हजार 417 रुपये कीमत के 8 हजार 497 लीटर गाय के दूध को नष्ट कर दिया। इस संबंध में एक रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में नमूना मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त था।
29 जुलाई, 2021 को इंदापुर तालुका के लाकड़ी में दूध विक्रेता राजाराम खाड़े के कब्जे से मिलावटी उत्पादों और दूध का भंडार मिला और उसके पास से गाय के दूध, मट्ठा पाउडर और तरल पैराफिन के नमूने जब्त किए गए। इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है।
दिसंबर 2021 में इंदापुर तालुका के लखेवाड़ी में एक दूध संग्रह केंद्र से 51,256 रुपये के 300 किलोग्राम व्हे पाउडर का स्टॉक जब्त किया गया था।
21 जनवरी, 2022 को एक बिना लाइसेंस वाले थोक व्यापारी मे. साई ट्रेडिंग कंपनी, बारामती और शेष रुपये के स्टॉक से विभिन्न प्रकार के व्हे पाउडर के 8 नमूने जब्त किए गए। बाकी 7 लाख 12 हजार 264 रुपयों का भंडार खरीदी-बिक्री की जांच नहीं व भंडार की बिक्री मिलावटी दूध के लिए होने पर जब्त किया गया।
पुणे जिले के सभी दूध व्यापारियों, दूध संग्रह केंद्रों, दूध प्रसंस्करण केंद्रों (डेयरियों) को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें जो दूध मिलता है वह कानून के मानकों के अनुसार है और इसे आगे की प्रक्रिया के लिए ले जाना चाहिए और शुद्ध दूध उपलब्ध कराने के प्रशासन के प्रयासों में सहयोग करना चाहिए। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के संयुक्त आयुक्त शिवाजी देसाई ने कहा है कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले दूध व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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