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शहरी स्थानीय निकायों के लिए छह राज्यों को 1348.10 करोड़ रुपये का अनुदान जारी

     वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने शहरी स्थानीय निकायों को अनुदान प्रदान करने के लिए आज 6 राज्यों को 1348.10 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। आज जिन राज्यों को अनुदान जारी किया गया उनमें झारखंड (112.20 करोड़ रुपये), कर्नाटक (375 करोड़ रुपये), केरल (168 करोड़ रुपये), ओडिशा (411 करोड़ रुपये), तमिलनाडु (267.90 करोड़ रुपये) और त्रिपुरा (14 करोड़ रुपये) शामिल हैं। जारी की गई यह अनुदान राशि छावनी बोर्डों सहित दस लाख से कम आबादी वाले शहरों (नॉन मिलियन प्लस सिटीज-एनएमपीसी) के लिए हैं।
    15वें वित्त आयोग ने 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए अपनी रिपोर्ट में शहरी स्थानीय निकायों को दो श्रेणियों में बांटा है-
(ए) 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरी समुदायों/शहरों (दिल्ली और श्रीनगर को छोड़कर) और (बी) दस लाख से कम आबादी वाले अन्य शहर और कस्बे (नॉन मिलियन प्लस सिटीज)। 15वें वित्त आयोग ने इन शहरों के लिए अलग से अनुदान देने की सिफारिश की है। दस लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए आयोग द्वारा सिफारिश किए गए कुल अनुदानों में 40% मूल (शर्त रहित) अनुदान है और शेष 60% सशर्त अनुदान के रूप में है। मूल अनुदान का उपयोग वेतन भुगतान और अन्य स्थापना व्यय को छोड़करस्थान विशिष्ट में अनुभव की जा रही जरूरतों के लिए किया जाता है।
    दूसरी ओर दस लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए सशर्त अनुदान, मूल सुविधाओं की आपूर्ति में मदद करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए जारी किया जाता है। कुल सशर्त अनुदान में से 50% राशि स्वच्छता व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और आवासन तथा शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा विकसित स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए निर्धारित की गई है। बकाया 50% राशि  'पेय जलवर्षा जल संचयन और जल पुनर्शोधन (रिसाइक्लिंग)के लिए निर्धारित है।
    सशर्त अनुदान राशि शहरी स्थानीय निकायों को केंद्र और राज्य द्वारा विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत स्वच्छता और पेयजल के लिए आवंटित धन के अलावा अतिरिक्त धन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और नागरिकों को गुणवत्तायुक्त सेवाएं प्रदान करने के लिए है।
    भारत सरकार ने चालू वित्त वर्ष में दस लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए अनुदान के रूप में अब तक राज्यों को कुल 10,699.33 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। यह अनुदान आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय की सिफारिशों पर वित्त मंत्रालय ने जारी किए हैं।
क्र. संख्या राज्य वर्ष 2021-22 में जारी यूएलबी अनुदान की राशि (करोड़ रुपये में)
1.         आंध्र प्रदेश- 873.00
2.         बिहार- 759.00
3.         छत्तीसगढ़- 369.90
4.         गोवा- 13.50
5.         गुजरात- 660.00
6.         हरियाणा- 193.50
7.         हिमाचल प्रदेश- 98.55
8.         झारखंड- 299.20
9.         कर्नाटक- 750.00
10.         केरल- 336.00
11.         मध्य प्रदेश- 499.00
12.         महाराष्ट्र- 461.00
13.         मिजोरम- 17.00
14.         ओडिशा- 822.00
15.         पंजाब- 185.00
16.         राजस्थान- 490.50
17.         सिक्किम- 10.00
18.         तमिलनाडु- 1188.25
19.         तेलंगाना- 209.43
20.             त्रिपुरा- 72.00
21.         उत्तर प्रदेश- 1592.00
22.             उत्तराखंड- 104.50
23.         पश्चिम बंगाल- 696.00
कुल- 10699.33

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