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पुणे जिले में 212 करोड़ की निधि जमा और 16,442 कृषिपंपों को नए कनेक्शन : कृषि पंप कनेक्शन नीति से विभिन्न कार्यों को ‘ऊर्जा’

31 मार्च, 2022 तक वर्तमान बिजली बिल और संशोधित बकाया का 50 प्रतिशत भुगतान करते हैं, तो शेष 50 प्रतिशत बकाया माफ कर दिया जाएगा

पुणे, फरवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)

किसानों द्वारा भुगतान किए गए वर्तमान और बकाया कृषि बिजली बिलों का लगभग 66% संबंधित ग्राम पंचायतों और जिलों में बिजली व्यवस्था के विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग किया जा रहा है, इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत प्रणालियों के विस्तार और सशक्तिकरण को गति मिली है। अभी तक पुणे जिले में 211.82 करोड़ रुपये की कृषि आकस्मिकता निधि एकत्रित की जा चुकी है और 16 हजार 442 कृषि पंपों के नए बिजली कनेक्शन चालू कर दिए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत ने कृषि पंप बिजली कनेक्शन नीति 2020 में बिजली बिल भुगतान का 66% स्थानीय बिजली से संबंधित कार्यों के लिए स्थानीय आकस्मिक निधि के रूप में उपयोग करने का प्रावधान किया है, इसके अच्छे लाभ अब दिखने लगे हैं। ग्रामपंचायत व जिला क्षेत्र में कृषि बिजली बिल जैसे भरे जा रहे हैं, वैसे ही निधि भी बढ़ती जाएगी। इस निधि से महावितरण ने संबंधित ग्राम पंचायत और जिला स्तर पर बिजली व्यवस्था के विस्तार और सशक्तिकरण का काम शुरू किया। ग्रामीण क्षेत्रों में नए कनेक्शन और उचित दबाव के साथ गुणवत्तापूर्ण और सुचारू बिजली आपूर्ति उपलब्ध है।
कृषि नीति में बकाया राहत योजना में अब तक पुणे जिले के 1 लाख 53 हजार 584 किसानों ने भाग लिया है। उन्होंने वर्तमान और बकाया बिजली बिलों के लिए 275.74 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इस रकम से ग्रामपंचायत व जिला क्षेत्र के लिए प्रत्येक को 105 करोड़ 91 लाख कुल 211 करोड़ 82 लाख रुपये कृषि आकस्मिक निधि में जमा हुए हैं। इस निधि से अब तक जिले में 7 नये उपकेन्द्र एवं 7 उपकेन्द्रों की क्षमता निर्माण प्रस्तावित किया गया है। इसमें से 28 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत से 7 नए उपकेन्द्र और 4 उपकेन्द्र के क्षमता निर्माण के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही जिले में 84.95 करोड़ रुपये लागत के 1506 विभिन्न कार्यों के लिए बजट स्वीकृत किया गया है। कृषि आकस्मिकता निधि से अब तक 37.73 करोड़ रुपये की लागत से 1258 कार्य प्रारंभ करने के आदेश दिये गये हैं, जिसमें से 963 कार्य प्रगति पथ पर हैं और 295 विभिन्न कार्य पूरे कर लिए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू विद्युत व्यवस्था के विस्तार एवं सशक्तिकरण से अब तक पुणे जिले के 16 हजार 442 कृषि पंपों को नये बिजली कनेक्शन दिये गये हैं। यदि सभी किसान कृषि पंपों के वर्तमान और अतिदेय बिजली बिलों का भुगतान करते हैं, तो संबंधित ग्राम पंचायत और पुणे जिले की 33 प्रतिशत कृषि आकस्मिक निधि में वृद्धि होती जाएगी। इस निधि से नए सबस्टेशन, सबस्टेशनों की क्षमता में वृद्धि या अतिरिक्त बिजली ट्रांसफार्मर, नए वितरण रोहित्रा, नए बिजली के खंभे और उच्च दबाव, कम दबाव वाली लाइनें आदि विभिन्न कार्य किए जाएंगे।  साथ ही, यदि बकाया किसान 31 मार्च, 2022 तक वर्तमान बिजली बिल और संशोधित बकाया का 50 प्रतिशत भुगतान करते हैं, तो शेष 50 प्रतिशत बकाया माफ कर दिया जाएगा।
बकाया राहत के साथ ही कृषि बिजली बिल नियमित भरा गया तो आकस्मिक निधि के माध्यम से ग्रामपंचायत व जिला क्षेत्र के विद्युत व्यवस्था के विकास काम के लिए  उचित निधि प्राप्त होगी। यह अपील पुणे प्रादेशिक संचालक (प्र.) श्री अंकुश नाले ने की है।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशी राऊत द्वारा दी गई है।

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