मुंबई, जुलाई (महासंवाद)
महाराष्ट्र सरकार का माल एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग उन लोगों के खिलाफ अभियान चला रहा है जो फर्जी बिलों के जरिए सरकार का राजस्व लूट रहे हैं। इसके तहत 161 करोड़ रुपये के फर्जी बिलों के जरिए 29.01 करोड़ रुपये की फर्जी कर कटौती कर सरकारी राजस्व लूटने के आरोप में रामचंद्र प्रधान को गिरफ्तार किया गया है।
महाराष्ट्र वस्तु एवं सेवा कर विभाग ने मे. सनशाइन ट्रेडर्स के खिलाफ जांच शुरू की थी। कार्यवाही के दौरान, व्यापारी ने 69.99 करोड़ रुपये का झूठा बिल बनाकर और 12.59 करोड़ रुपये का झूठा कर काटकर, जिस व्यापारी का पंजीकरण प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया है, उससे वास्तव में सामान खरीदे बिना सरकार के राजस्व को डुबो दिया है। साथ ही, यह भी देखा गया है कि सरकार को बिना सामान बेचे 91.25 करोड़ रुपये के झूठे बिलों के माध्यम से 16.42 करोड़ रुपये की झूठी कर कटौती जारी करके राजस्व का नुकसान पहुंचाया है।
महानगर दंडाधिकारी ने निराकार रामचंद्र प्रधान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई राहुल द्विवेदी, राज्यकर सहआयुक्त अन्वेषण- अ, मुंबई, श्री राजेंद्र टिलेकर, राज्यकर उपायुक्त के मार्गदर्शन में सहायक राज्यकर आयुक्त नामदेव मानकर, संजय शेटे व अनिल पांढरे द्वारा की गई।
महाराष्ट्र सरकार का माल एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग उन लोगों के खिलाफ अभियान चला रहा है जो फर्जी बिलों के जरिए सरकार का राजस्व लूट रहे हैं। इसके तहत 161 करोड़ रुपये के फर्जी बिलों के जरिए 29.01 करोड़ रुपये की फर्जी कर कटौती कर सरकारी राजस्व लूटने के आरोप में रामचंद्र प्रधान को गिरफ्तार किया गया है।
महाराष्ट्र वस्तु एवं सेवा कर विभाग ने मे. सनशाइन ट्रेडर्स के खिलाफ जांच शुरू की थी। कार्यवाही के दौरान, व्यापारी ने 69.99 करोड़ रुपये का झूठा बिल बनाकर और 12.59 करोड़ रुपये का झूठा कर काटकर, जिस व्यापारी का पंजीकरण प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया है, उससे वास्तव में सामान खरीदे बिना सरकार के राजस्व को डुबो दिया है। साथ ही, यह भी देखा गया है कि सरकार को बिना सामान बेचे 91.25 करोड़ रुपये के झूठे बिलों के माध्यम से 16.42 करोड़ रुपये की झूठी कर कटौती जारी करके राजस्व का नुकसान पहुंचाया है।
महानगर दंडाधिकारी ने निराकार रामचंद्र प्रधान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई राहुल द्विवेदी, राज्यकर सहआयुक्त अन्वेषण- अ, मुंबई, श्री राजेंद्र टिलेकर, राज्यकर उपायुक्त के मार्गदर्शन में सहायक राज्यकर आयुक्त नामदेव मानकर, संजय शेटे व अनिल पांढरे द्वारा की गई।

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