पुणे, जून (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान) पुणे कार्यालय के मध्यवर्ती सभागृह में दिनांक 28/06/2023 को सुबह 11 बजे पुणे स्थित केंद्र सरकार के कार्यालयों / बैंकों / उपक्रमों व निगमों के संपर्क अधिकारियों (राजभाषा) बैठक का आयोजन सुनियोजित तरीके से सम्पन्न किया गया। उक्त बैठक में बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष तथा केंद्र कार्यालयों, उपक्रमों, बैंकों, निकायों के लगभग 155 अधिकारियों ने भाग लिया।
सर्वप्रथम बैठक में दीप प्रज्ज्वलन मंचासीन अतिथियों में डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा.र.ले.से., एनडीसीरक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान) एवं सर्व कार्यभारी अधिकारी, हिंदी शिक्षण योजना, पुणे तथा सुश्री अपर्णा जोगलेकर, अध्यक्ष, बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति एवं अंचल प्रमुख, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, प्रधान कार्यालय, पुणे और श्री अफ्रोज चिश्ती, कार्यालयाध्यक्ष, प्रधान निदेशक, भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण, कार्यालय, पुणे द्वारा किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात सर्व कार्यभारी अधिकारी एवं रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान) डॉ. राजीव चव्हाण जी का स्वागत पौधा देकर सुश्री गार्गी गाडगिल, सहायक निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना, मुंबई द्वारा किया गया। उसके उपरांत अतिथि सुश्री अपर्णा जोगलेकर, अध्यक्ष, बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति एवं अंचल प्रमुख, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, प्रधान कार्यालय, पुणे और श्री अफ्रोज चिश्ती, कार्यालयाध्यक्ष, प्रधान निदेशक, भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण, कार्यालय, पुणे, डॉ. गार्गी गाडगिल, सहायक निदेशक, हिशियो, मुंबई का स्वागत रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक, दक्षिण कमान द्वारा पौधा देकर किया गया।
बैठक को सफल बनाने में श्री बी.एस. कांबले, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा संयुक्त नियंत्रक, श्री ओंकार मोघे, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा उप नियंत्रक, श्रीमती सुनलिनी बोईड, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा उप नियंत्रक, श्री स्वप्निल हनमाने, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक, श्री ऋषिकेश देशमुख, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक, श्री वेंकट राव, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक, श्रीमती वैशाली डीसूजा, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक ने विशेष योगदान दिया।
स्वागत के पश्चात सर्व प्रथम सुश्री अपर्णा जोगळेकर, अध्यक्ष, बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, पुणे ने अपने भाषण में कहा कि सभी कार्यालय अपने कर्मचारियों एवं अधिकारियों को निर्धारित समय में प्रशिक्षण दिलाएं तथा अपना अधिकाधिक काम हिंदी में करें ताकि लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
इसके पश्चात डॉ. गार्गी गाडगिल, सहायक निदेशकने स्वागत भाषण दिया और हिंदी शिक्षण योजना द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षणों की विस्तृत जानकारी पावर पोइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत की और कक्षाओं के लिए नामांकन एवं अर्धवार्षिक रिपोर्ट भेजने हेतु बैठक में उपस्थित सभी कार्यालय प्रमुखों से अनुरोध किया।
तद्परांत अतिथि श्री अफ्रोज चिश्ती, कार्यालयाध्यक्ष, प्रधान निदेशक, भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण, कार्यालय, पुणे ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी में काम करना गर्व की बात है। यह हमारा संवैधानिक दायित्व भी है। उन्होंने अपने कार्यालय के बारे में जानकारी दी कि हमारे कार्यालय में प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी हिंदी में अपना कार्य कर रहे हैं।
उक्त बैठक के अध्यक्ष डॉ. राजीव चव्हाण, भा.र.ले.से., एनडीसी, सर्व कार्यभारी अधिकारी एवं रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान), पुणे ने अपने उद्बोधन में केंद्र सरकार के सभी कार्यालयों/ बैंकों/ उपक्रमों/ निकायों से आए हुए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारे लिए बड़े गर्व की बात है कि उक्त बैठक में 155 अधिकारियों एवं कर्मचारियों में से 65 कार्यालय प्रमुख एवं कार्यालयाध्यक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राजभाषा विभाग द्वारा प्रशिक्षण के लिए निर्धारित समयावधि वर्ष 2025 तक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भरसक प्रयास करें तथा पर्याप्त संख्या में हिंदी भाषा/हिंदी शब्द संसाधन/हिंदी कंप्यूटर टाइपिंग तथा हिंदी आशुलिपि प्रशिक्षण के लिए शेष अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नामित करें। राजभाषा नियम, 1976 के नियम 12 के तहत सभी कार्यालय प्रमुखों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कार्यालय में राजभाषा नीति, नियमों का समुचित रूप से पालन करवाएं और राजभाषा विभाग द्वारा दिए गए लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर अग्रसर हों। सभी हस्ताक्षरकर्ता अधिकारियों का यह दायित्व है कि धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले सभी 14 दस्तावेजों को हमेशा द्विभाषी रूप में जारी करें। हमारी ओर से हिंदी प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार की समस्या आड़े नहीं आने दी जाएगी। समस्याओं के समाधान के लिए आप हमारे अधिकारियों से कभी भी संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस बार संपर्क अधिकारियों की बैठक में एक अनूठा और नया प्रयास किया गया कि प्रशिक्षण के लिए केंद्रीय कार्यालयों, उपक्रमों, बैंकों को सर्वाधिक नामांकन भेजने वाले प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया है और हम आप सभी से आशा करते हैं कि भविष्य में भी इसी तरह हिंदी प्रशिक्षण के लिए नामांकन भेजते रहेंगे। हमें 26 कार्यालयों, बैंकों, उपक्रमों से गृह पत्रिकाएं प्राप्त हुई हैं इनमें से सर्वश्रेष्ठ गृह पत्रिकाओं को भी सम्मानित करने तथा एक सांस्कृतिक संध्या का कार्यक्रम आयोजन करने की भी हमारी शीघ्र भविष्य में योजना है, जिसे शीघ्र ही कार्यरूप दिया जाएगा। अध्यक्ष महोदय का भाषण सारगर्भित और प्रशंसनीय रहा।
उक्त अवसर पर श्री अमरदीप कुलश्रेष्ठ, द्वारा लिखित हिंदी कविताओं का संग्रह ‘इश्तिहार का आदमी’ तथा श्री मुनि कुमार कुलश्रेष्ठ द्वारा लिखी गई ‘काव्य धारा’ हिंदी कविताओं के संग्रह जिसे उदंत मरुतृण, कलकत्ता द्वारा प्रकाशित किया गया है जो कि ऑनलाइन WWW.AMAZON.IN&WWW.FLIPKART.COM पर उपलब्ध है। इन दोनों पत्रिकाओं का विमोचन डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा.र.ले.से., रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान) एवं सर्व कार्यभारी अधिकारी, हिंदी शिक्षण योजना, पुणे द्वारा किया गया।
तत्पश्चात प्रशिक्षण के लिए सर्वाधिक नामांकन भेजने वाले 20 कार्यालयों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिसमें रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (अफसर) कार्यालय, पुणे, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, पुणे तथा सशस्त्र सेना चिकित्सा महाविद्यालय, पुणे के क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया तथा शेष 17 कार्यालयों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र अध्यक्ष महोदय के कर कमलों से प्रदान किए गए।
उक्त बैठक में प्रमाण पत्र वितरण के उपरांत सभी सहभागियों के लिए खुला मंच आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों के सवालों का समुचित जवाब दिया गया और समस्याओं का समाधान किया गया। अध्यक्ष महोदय ने आश्वासन दिया कि प्रशिक्षण संबंधी किसी भी समस्या के लिए कोई भी कार्यालय कभी भी हमसे संपर्क कर सकता है।
उक्त बैठक के सफल आयोजन को साकार करने में रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (द.क.) पुणे कार्यालय के डॉ. अनिल कुडिया, स.नि.(राज), श्री रवि कुमार, व.ले.अ.,श्री सी. बी. मिसाल, व.ले.अ., श्री के. पी. सिंह, व.ले.अ., श्रीमती मधु गांधी, व.ले.अ., श्री ए एन पाठक, ले.अ., श्री आदर्श कुमार, स.ले.अ., श्री सुभाष, स.ले.अ., श्री धनंजय ठाकुर,स.ले.अ., श्रीमती कामाक्षी दस, स.ले.अ., श्री विश्वेश दीक्षित, स.ले.अ., श्री आशुतोष पाठक, स.ले.अ., श्री मलय नन्द चंद्र, स.ले.अ. एवं अन्य अधिकारी कर्मचारियों द्वारा सहयोग प्राप्त हुआ।
उक्त बैठक का संचालन श्री राजेन्द्र प्रसाद वर्मा, स.निदेशक, भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, हिशियो पुणे द्वारा किया गया तथा बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तथा जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष से सक्रिय सहयोग प्रदान किया उनका आभार प्रदर्शन करते हुए श्री राजेन्द्र प्रसाद वर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया।
धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात राष्ट्रगान के साथ बैठक संपन्न हुई।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।
रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान) पुणे कार्यालय के मध्यवर्ती सभागृह में दिनांक 28/06/2023 को सुबह 11 बजे पुणे स्थित केंद्र सरकार के कार्यालयों / बैंकों / उपक्रमों व निगमों के संपर्क अधिकारियों (राजभाषा) बैठक का आयोजन सुनियोजित तरीके से सम्पन्न किया गया। उक्त बैठक में बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष तथा केंद्र कार्यालयों, उपक्रमों, बैंकों, निकायों के लगभग 155 अधिकारियों ने भाग लिया।
सर्वप्रथम बैठक में दीप प्रज्ज्वलन मंचासीन अतिथियों में डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा.र.ले.से., एनडीसीरक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान) एवं सर्व कार्यभारी अधिकारी, हिंदी शिक्षण योजना, पुणे तथा सुश्री अपर्णा जोगलेकर, अध्यक्ष, बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति एवं अंचल प्रमुख, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, प्रधान कार्यालय, पुणे और श्री अफ्रोज चिश्ती, कार्यालयाध्यक्ष, प्रधान निदेशक, भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण, कार्यालय, पुणे द्वारा किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात सर्व कार्यभारी अधिकारी एवं रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान) डॉ. राजीव चव्हाण जी का स्वागत पौधा देकर सुश्री गार्गी गाडगिल, सहायक निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना, मुंबई द्वारा किया गया। उसके उपरांत अतिथि सुश्री अपर्णा जोगलेकर, अध्यक्ष, बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति एवं अंचल प्रमुख, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, प्रधान कार्यालय, पुणे और श्री अफ्रोज चिश्ती, कार्यालयाध्यक्ष, प्रधान निदेशक, भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण, कार्यालय, पुणे, डॉ. गार्गी गाडगिल, सहायक निदेशक, हिशियो, मुंबई का स्वागत रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक, दक्षिण कमान द्वारा पौधा देकर किया गया।
बैठक को सफल बनाने में श्री बी.एस. कांबले, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा संयुक्त नियंत्रक, श्री ओंकार मोघे, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा उप नियंत्रक, श्रीमती सुनलिनी बोईड, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा उप नियंत्रक, श्री स्वप्निल हनमाने, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक, श्री ऋषिकेश देशमुख, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक, श्री वेंकट राव, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक, श्रीमती वैशाली डीसूजा, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक ने विशेष योगदान दिया।
स्वागत के पश्चात सर्व प्रथम सुश्री अपर्णा जोगळेकर, अध्यक्ष, बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, पुणे ने अपने भाषण में कहा कि सभी कार्यालय अपने कर्मचारियों एवं अधिकारियों को निर्धारित समय में प्रशिक्षण दिलाएं तथा अपना अधिकाधिक काम हिंदी में करें ताकि लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
इसके पश्चात डॉ. गार्गी गाडगिल, सहायक निदेशकने स्वागत भाषण दिया और हिंदी शिक्षण योजना द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षणों की विस्तृत जानकारी पावर पोइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत की और कक्षाओं के लिए नामांकन एवं अर्धवार्षिक रिपोर्ट भेजने हेतु बैठक में उपस्थित सभी कार्यालय प्रमुखों से अनुरोध किया।
तद्परांत अतिथि श्री अफ्रोज चिश्ती, कार्यालयाध्यक्ष, प्रधान निदेशक, भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण, कार्यालय, पुणे ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी में काम करना गर्व की बात है। यह हमारा संवैधानिक दायित्व भी है। उन्होंने अपने कार्यालय के बारे में जानकारी दी कि हमारे कार्यालय में प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी हिंदी में अपना कार्य कर रहे हैं।
उक्त बैठक के अध्यक्ष डॉ. राजीव चव्हाण, भा.र.ले.से., एनडीसी, सर्व कार्यभारी अधिकारी एवं रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान), पुणे ने अपने उद्बोधन में केंद्र सरकार के सभी कार्यालयों/ बैंकों/ उपक्रमों/ निकायों से आए हुए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारे लिए बड़े गर्व की बात है कि उक्त बैठक में 155 अधिकारियों एवं कर्मचारियों में से 65 कार्यालय प्रमुख एवं कार्यालयाध्यक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राजभाषा विभाग द्वारा प्रशिक्षण के लिए निर्धारित समयावधि वर्ष 2025 तक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भरसक प्रयास करें तथा पर्याप्त संख्या में हिंदी भाषा/हिंदी शब्द संसाधन/हिंदी कंप्यूटर टाइपिंग तथा हिंदी आशुलिपि प्रशिक्षण के लिए शेष अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नामित करें। राजभाषा नियम, 1976 के नियम 12 के तहत सभी कार्यालय प्रमुखों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कार्यालय में राजभाषा नीति, नियमों का समुचित रूप से पालन करवाएं और राजभाषा विभाग द्वारा दिए गए लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर अग्रसर हों। सभी हस्ताक्षरकर्ता अधिकारियों का यह दायित्व है कि धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले सभी 14 दस्तावेजों को हमेशा द्विभाषी रूप में जारी करें। हमारी ओर से हिंदी प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार की समस्या आड़े नहीं आने दी जाएगी। समस्याओं के समाधान के लिए आप हमारे अधिकारियों से कभी भी संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस बार संपर्क अधिकारियों की बैठक में एक अनूठा और नया प्रयास किया गया कि प्रशिक्षण के लिए केंद्रीय कार्यालयों, उपक्रमों, बैंकों को सर्वाधिक नामांकन भेजने वाले प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया है और हम आप सभी से आशा करते हैं कि भविष्य में भी इसी तरह हिंदी प्रशिक्षण के लिए नामांकन भेजते रहेंगे। हमें 26 कार्यालयों, बैंकों, उपक्रमों से गृह पत्रिकाएं प्राप्त हुई हैं इनमें से सर्वश्रेष्ठ गृह पत्रिकाओं को भी सम्मानित करने तथा एक सांस्कृतिक संध्या का कार्यक्रम आयोजन करने की भी हमारी शीघ्र भविष्य में योजना है, जिसे शीघ्र ही कार्यरूप दिया जाएगा। अध्यक्ष महोदय का भाषण सारगर्भित और प्रशंसनीय रहा।
उक्त अवसर पर श्री अमरदीप कुलश्रेष्ठ, द्वारा लिखित हिंदी कविताओं का संग्रह ‘इश्तिहार का आदमी’ तथा श्री मुनि कुमार कुलश्रेष्ठ द्वारा लिखी गई ‘काव्य धारा’ हिंदी कविताओं के संग्रह जिसे उदंत मरुतृण, कलकत्ता द्वारा प्रकाशित किया गया है जो कि ऑनलाइन WWW.AMAZON.IN&WWW.FLIPKART.COM पर उपलब्ध है। इन दोनों पत्रिकाओं का विमोचन डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा.र.ले.से., रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान) एवं सर्व कार्यभारी अधिकारी, हिंदी शिक्षण योजना, पुणे द्वारा किया गया।
तत्पश्चात प्रशिक्षण के लिए सर्वाधिक नामांकन भेजने वाले 20 कार्यालयों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिसमें रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (अफसर) कार्यालय, पुणे, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, पुणे तथा सशस्त्र सेना चिकित्सा महाविद्यालय, पुणे के क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया तथा शेष 17 कार्यालयों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र अध्यक्ष महोदय के कर कमलों से प्रदान किए गए।
उक्त बैठक में प्रमाण पत्र वितरण के उपरांत सभी सहभागियों के लिए खुला मंच आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों के सवालों का समुचित जवाब दिया गया और समस्याओं का समाधान किया गया। अध्यक्ष महोदय ने आश्वासन दिया कि प्रशिक्षण संबंधी किसी भी समस्या के लिए कोई भी कार्यालय कभी भी हमसे संपर्क कर सकता है।
उक्त बैठक के सफल आयोजन को साकार करने में रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (द.क.) पुणे कार्यालय के डॉ. अनिल कुडिया, स.नि.(राज), श्री रवि कुमार, व.ले.अ.,श्री सी. बी. मिसाल, व.ले.अ., श्री के. पी. सिंह, व.ले.अ., श्रीमती मधु गांधी, व.ले.अ., श्री ए एन पाठक, ले.अ., श्री आदर्श कुमार, स.ले.अ., श्री सुभाष, स.ले.अ., श्री धनंजय ठाकुर,स.ले.अ., श्रीमती कामाक्षी दस, स.ले.अ., श्री विश्वेश दीक्षित, स.ले.अ., श्री आशुतोष पाठक, स.ले.अ., श्री मलय नन्द चंद्र, स.ले.अ. एवं अन्य अधिकारी कर्मचारियों द्वारा सहयोग प्राप्त हुआ।
उक्त बैठक का संचालन श्री राजेन्द्र प्रसाद वर्मा, स.निदेशक, भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, हिशियो पुणे द्वारा किया गया तथा बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तथा जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष से सक्रिय सहयोग प्रदान किया उनका आभार प्रदर्शन करते हुए श्री राजेन्द्र प्रसाद वर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया।
धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात राष्ट्रगान के साथ बैठक संपन्न हुई।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।
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