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सुरक्षित यातायात के लिए स्कूल बस नियमों का सख्ती से पालन किया जाए : पुलिस आयुक्त रितेश कुमार

पुणे, जुलाई (जिमाका)
स्कूली छात्र यातायात एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। विद्यार्थियों की सुरक्षा के सभी पहलुओं की दृष्टि से विद्यालय, साथ ही छात्रों को ले जाने वाली स्कूल बसों को स्कूल बस नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। यह निर्देश पुणे शहर पुलिस आयुक्त रितेश कुमार ने दिए हैं। 
पुलिस आयुक्तालय में आयोजित स्कूली विद्यार्थी यातायात जिला सुरक्षा समिति की बैठक में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां पुलिस सहआयुक्त संदीप कर्णिक, यातायात शाखा के पुलिस उपायुक्त विजयकुमार मगर, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अजीत शिंदे, पुणे ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. मितेश घट्टे, उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी संजीव भोर, अतुल आदे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। 
पुलिस आयुक्त रितेश कुमार ने आगे कहा कि घर और स्कूल के बीच छात्रों के परिवहन के दौरान दुर्घटना या अन्य तरीकों से जीवन के लिए, शारीरिक, मानसिक खतरे की अन्य घटनाओं को रोकने के लिए स्कूल बस नियमों का कड़ाई से पालन करना आवश्यक है। स्कूल बस में एक सहायक (अटेंडेंट), लड़कियों को ले जाने वाली स्कूल बस में एक महिला सहायक का होना अनिवार्य है। इन बसों के ड्राइवर अच्छी तरह से प्रशिक्षित, नैतिक रूप से सक्षम, अच्छा पूर्ववृत्त होना चाहिए। इन बातों को स्कूल परिवहन समिति द्वारा सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
रात में यात्रियों को ले जाने वाले वाहनों की जांच के लिए विशेष अभियान
पुणे शहर में सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियाँ, अन्य स्थानों पर नाइट ड्यूटी में काम करनेवाली महिलाओं और रात में यात्रा करनेवाले वरिष्ठ नागरिकों के साथ अन्य सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऑटोरिक्शा, टैक्सियों आदि की जांच के लिए पुलिस विभाग, परिवहन शाखा और परिवहन विभाग को एक संयुक्त विशेष अभियान चलाना चाहिए। रात के समय में रुककर अनाप सनाप किराया मांगना, चोरियां, यात्रियों को पीटना साथ ही अन्य दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए रात्रि नाकाबंदी के दौरान सभी वाहनों की गहन जांच की जानी चाहिए। नियमों का उल्लंघन करते पाए जानेवाले वाहनों पर, वाहनचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फैंसी नंबर प्लेट वाले वाहनों की नंबर प्लेट जब्त करना एवं वाहनों की रोकथाम आदि सख्त कदम उठाए जाएं।
पुलिस सहआयुक्त संदीप कर्णिक ने कहा कि सभी संबंधित यंत्रणाएं बैठक करें और स्कूल परिवहन समिति यह सुनिश्चित करें कि स्कूल बस नियमावली के अनुरूप कार्य हो। विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन के लिए आवश्यक उपाय किये जायें। 
यातायात शाखा के पुलिस उपायुक्त विजयकुमार मगर ने कहा कि सभी स्थानीय निकाय, नगर परिषदें यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों में स्कूल परिवहन समितियाँ स्थापित हों। हर तीन महीने में बैठकें आयोजित करके इस विषय पर संवेदनशीलता और जागरूकता निर्माण करनी चाहिए। किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो इसके लिए पहले से ही सतर्क रहना जरूरी है।
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अजीत शिंदे ने कहा कि छात्रों को ले जानेवाली स्कूल बसों के साथ स्कूलों द्वारा एक समझौता ज्ञापन बनाना, यह स्कूलों की जिम्मेदारी है। इन वाहनों का वैध योग्यता प्रमाणपत्र रहना और वाहन की रचना में स्कूल बस नियमों के अनुसार ज़रूरी सुधारना की जानी चाहिए। संबंधित स्थानीय स्वशासन निकाय द्वारा इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। स्कूल के साथ अनुबंधित न रहनेवाले निजी यात्री वाहनों द्वारा छात्रों का परिवहन तो नहीं हो रहा है, यह देखने की जिम्मेदारी स्कूल के साथ परिवहन समिति की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने परिवहन विभाग और पुलिस से भी अपील की कि अगर कहीं भी बिना अनुमति के यातायात किया जा रहा हो तो उसे तुरंत परिवहन विभाग के ध्यान में लाएं।
उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी संजीव भोर ने प्रस्तुति के माध्यम से जानकारी दी। जिले में स्कूल बस छात्र परिवहन समिति के कामकाज को आसान और प्रभावी तरीके से सुविधाजनक बनने के लिए  https://schoolbussafetypune.org यह वेबसाइट शुरू की गई है। जिले में 9 हजार 663 हजार स्कूल बसें हैं और 5 हजार 731 स्कूलों ने इस वेबसाइट पर पंजीकरण कराया है। शेष सभी विद्यालयों को इस पर पंजीकरण करना चाहिए इसके लिए शिक्षा विभाग को पहल करनी चाहिए। स्कूली छात्रों के अवैध यातायात पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने जनवरी से 10 जुलाई 2023 के बीच 709 स्कूल बसों और 417 अन्य वाहनों का निरीक्षण किया गया। इसमें 178 स्कूल बसें और 84 अन्य वाहन दोषी पाए गए और 35 वाहन जब्त किये गये। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में नियमों के उल्लंघन पर 29 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।

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