पुणे, जुलाई (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
सम्मानित श्रीमती रसिका चौबे, भा. र. ले. से. एनडीसी, वित्तीय सलाहकार (रक्षा सेवाएं), सचिव, भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय, साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली ने 17 जुलाई 2023 को रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (द.क.), पुणे का दौरा किया।
श्रीमती रसिका चौबे 16 जुलाई, 2023 को आयोजित 2022 बैच के परिवीक्षाधीन भा.र.ले.से. अधिकारियों के समापन समारोह के लिए अपनी आधिकारिक यात्रा पर पधारी थीं। इसी दौरान उन्होंने एनएडीएफएम, पुणे में वेतन लेखा कार्यालयों सम्मेलन का उद्घाटन भी किया। यह सम्मेलन रक्षा लेखा महानियंत्रक, नई दिल्ली कार्यलय के पर्यवेक्षण, मार्गदर्शन और प्रतिनिधित्व के तहत और एनएडीएफएम पुणे के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। सम्मेलन में 50 सेना अधिकारियों और भा.र.ले.से. अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन में भारतीय सेना के 15 लाख जवानों के 125 लाख करोड़ रूपये के वेतन और भत्तों के भुगतान के लिए जिम्मेदार देश के 47 वेतन लेखा कार्यलयों के प्रभारियों को औपचारिक रुप से प्रशिक्षित किया गया।
साथ ही उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद पीसीडीए (एससी), पुणे कार्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर डॉ. राजीव चव्हाण, भा.र.ले.से., एनडीसी. पीसीडीए (एससी), पुणे ने श्रीमती रसिका चौबे एफए (डीएस) को गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया।
पीसीडीए (एससी) द्वारा औपचारिक स्वागत के बाद, एफए (डीएस) श्रीमती रसिका चौबे ने परिसर के हरे-भरे कमल उद्यान में वृक्षारोपण किया। परिसर की हरियाली ने उन्हें बहुत प्रभावित किया। इसके बाद भव्य पारंपरिक मराठी तरीके से उन्हें तिलक और औक्षण करके सम्मानित किया गया। महोदया के प्रसन्न चहरे ने पूरे परिसर को आनंदित और संपूर्ण वातावरण को ऊर्जावान बना दिया। उन्हें पीसीडीए (एससी) कार्यालय का ऐतिहासिक संग्रहालय भी दिखाया गया। उन्होंने 150 से अधिक वर्षों से संरक्षित प्राचीन वस्तुओं की सराहना की। विशेष रूप से ‘सर विंस्टन चर्चिल पूर्व ब्रिटिश प्रधान मंत्री के संरक्षित पत्र ने उन्हें बहुत आकर्षित किया। उन्होंने कार्यालय भवन में स्थित फड़के हॉल में वीरांगनाओं के चित्रों की सराहना की, जिसमें भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कम ज्ञात वीरांगनाओं के योगदान और बलिदान को दर्शाया गया है। पुराने ऐतिहासिक स्मारकों की प्रशंसा करते हुए जो पिछले 275 वर्षों से राष्ट्र के लिए इस विभाग की सेवा की विरासत के रूप में खड़े थे। उन्होंने 1835 ईस्वी में निर्मित 188 साल पुराने विरासत भवन के रखरखाव और सौंदर्यीकरण के लिए पीसीडीए (एससी) पुणे के प्रयासों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर श्री एस.के. सिंह, पीसीडीए (ओ) पुणे, श्री एम सर्वनन आईएफए (एससी) पुणे, श्री. सुखसोहित सिंह, भा.र.ले.से., रलेअपरनि, श्री. बी.एस.कांबले, भा.र.ले.से., र ले संयुक्त नि, श्री. राहुल कराले, भा.र.ले.से., र ले संयुक्त नि, श्री. ओमकार मोघे, भा.र.ले.से., डीसीडीए, श्रीमती सुनलिनी बोइड, भा.र.ले.से., डीसीडीए, श्री. स्वप्निल हनमाने, भा.र.ले.से., एसीडीए, श्री. हृषिकेश देशमुख, भा.र.ले.से., एसीडीए, श्री. आर.के. बिंदरू, भा.र.ले.से., एसीडीए, श्रीमती वैशाली डिसूजा, भा.र.ले.से., एसीडीए, श्री. रमेश जाधव, भा.र.ले.से., एसीडीए विषेश रूप से उपस्थित थे।
इसी दौरान श्रीमती रसिका चौबे, भा.र.ले.से., एफएडीएस (एमओडी) ने पीसीडीए (एससी), पुणे के नए पुनर्निर्मित चैंबर का उद्घाटन किया और डिजिटल रूप से क्षिप्रा (ज्ञान साझाकरण: पीबीओआरएस वेतन और भत्ते) 3.0 की ऑडियो/ वीडियो स्किट श्रृंखला ( नाट्य रूपांतरण) का उद्घाटन किया, जिसे जेसीओ/ओआर के वेतन और भत्ते और हकदारी के बारे में शिक्षित करने और जागरूकता पैदा करने के लिए बनाया गया है। यद्यपि क्षिप्रा 25 शैक्षिक ऑडियो/वीडियो का एक संग्रह है, जिसे पीबीओआर को डी ओ -2 में अस्वीकृति को कम करने के लिए डीओ भाग खख के तत्काल, सटीक, सही और त्रुटि मुक्त प्रकाशन पर शिक्षित करने के मूल उद्देश्य के साथ बनाया गया था, जबकि क्षिप्रा 2.0 को जवानों को शिक्षित करने और साथ ही भर्ती से सेवानिवृत्ति तक उनकी हकदारी के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इस पहल को भारतीय सेना के सभी वरिष्ठ अधिकारियों और हाल ही में पीएओ सम्मेलन में रक्षा लेखा विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बहुत सराहा गया था। क्षिप्रा श्रृंखला की निरंतरता में क्षिप्रा 3.0 स्किट को हिंदी में चित्रात्मक चित्रण (रोल प्लेइंग) में बनाया गया है ताकि पीबीओआर को बेहतर समझ और प्रशंसा के लिए अधिक सरल, आसान और इंटरैक्टिव तरीकों से उनकी हकदारियों के बारे में शिक्षित किया जा सके।
डिजिटल उद्घाटन के बाद एफए (डीएस) श्रीमती रसिका चौबे के साथ डॉ. राजीव चव्हाण पीसीडीए (एससी) पुणे, श्री. एस. के. सिंह पीसीडीए (ओ) पुणे और श्री एम सर्वनन आईएफए (एससी) पुणे ने क्षिप्रा 3.0 की सीडी और दो हिंदी त्रैमासिक पत्रिका की भौतिक प्रतियां लॉन्च कीं।
वर्तमान में क्षिप्रा 3.0 सीडी में 89 में से 25 वीडियो हैं। शेष 64 वीडियो स्वतंत्रता दिवस 2023 के अवसर पर लॉन्च किए जाएंगे, जो डिजिटल युग में विभाग की प्रगति को चिह्नित करते और डिजिटल इंडिया के मिशन को मजबूत करने में योगदान देते हैं।
इस अवसर पर श्रीमती रसिका चौबे, भा.र.ले.से., एफएडीएस (एमओडी) ने इस गर्मजोशी से स्वागत के लिए पीसीडीए (एससी) पुणे और हर कर्मचारी को धन्यवाद दिया और इस कार्यालय की अपनी पुरानी यादों को ताज़ा किया, जहां उन्होंने 16-17 साल पहले काम किया था। उन्होंने कर्मचारियों के उत्साह के साथ-साथ पीसीडीए (एससी) पुणे की अनुकरणीय नैतिक कार्य संस्कृति की भी सराहना की, जो डीएडी में पूरे भारत में प्रसिद्ध है। उन्होंने श्रीमती मधु गांधी व ले.अ.और क्षिप्रा पर काम करने वाले कर्मचारियों के प्रयासों की भी प्रशंसा की और अधिकारियों को इन्हें सीजीडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की सलाह दी ताकि सभी जेसीओ/ओआर एस भी श्रृंखला का लाभ उठा सकें, जिससे अदालती मामलों को कम करने, शिकायतों को कम और रक्षा सेवाओं को अधिक कुशल और तेजी से वितरण में मदद मिलेगी। उन्होंने त्रिमासिक पत्रिका के बारे में जानकर भी प्रसन्नता व्यक्त की और गैर-हिंदी राज्य में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए डॉ. राजीव चव्हाण, भा.र.ले.से. , एनडीसी, पीसीडीए (एससी) पुणे के प्रयासों की सराहना की।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।

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