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राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा 100 माइक्रोसाइट्स परियोजना के तहत पहले एबीडीएम माइक्रोसाइट की आइजोल, मिजोरम में शुरूआत

  राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने देश भर में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) को त्वरित रूप से अपनाने के लिए 100 माइक्रोसाइट्स परियोजना की घोषणा की थी। मिजोरम अपनी राजधानी आइजोल में एबीडीएम माइक्रोसाइट की शुरूआत करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। इसके तहतक्षेत्र में निजी क्लीनिकोंछोटे अस्पतालों और प्रयोगशालाओं सहित सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को एबीडीएम-सक्षम बनाया जाएगा और मरीजों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
  परियोजना के महत्व के बारे में राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य प्राधिकरण के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी ने कहा, एबीडीएम के तहत 100 माइक्रोसाइट परियोजना निजी क्षेत्र के छोटे और मध्यम स्तर के स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं तक बड़े पैमाने पर पहुंचने के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहल है। माइक्रोसाइट्स की अवधारणा की परिकल्पना देश भर में स्वास्थ्य देखभाल डिजिटलीकरण प्रयासों को मजबूती प्रदान करने के लिए की गई थी। मिजोरम टीम के प्रयासों के परिणामस्वरूप आइजोल भारत में पहला एबीडीएम माइक्रोसाइट बन गया है। एनएचए अन्य राज्य टीमों से भी इसी तरह की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया की आशा करता है।''
    आइजोल में 23 अगस्त 2023 को माइक्रोसाइट की शुरूआत के कार्यक्रम में स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण, मिजोरम की अपर सचिव सुश्री बेट्सी ज़ोथनपारी सेलो ने कहा, “हमारा दृढ़ मत है कि स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के हमारे लक्ष्य को हासिल करने में सहायता कर सकता है। हमारी स्वास्थ्य सुविधाओं में डिजिटल सेवाओं और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्डों तक सुरक्षित पहुंच के साथरोगियों को सबसे अधिक लाभ होगा। हमारी टीमों ने एबीडीएम सक्षमता की प्रक्रिया का बारीकी से अध्ययन करने के लिए सचेत प्रयास किए हैं और आइजोल में हमारे पहले माइक्रोसाइट को चालू करने के लिए एक कार्यान्वयन भागीदार का चयन किया है। हम सभी इसके अमल को मिशन मोड में लेने के लिए तैयार हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि आइजोल माइक्रोसाइट देश में पहली एबीडीएम माइक्रोसाइट के रूप में अपनी भूमिका निभाए।”
    एबीडीएम माइक्रोसाइट्स परिभाषित भौगोलिक क्षेत्र हैं जहां छोटे और मध्यम स्तर के निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं तक पहुंच के केन्द्रित प्रयास किए जाएंगे। इन माइक्रोसाइट्स को मुख्य रूप से एबीडीएम के राज्य मिशन निदेशकों द्वारा कार्यान्वित किया जाएगाजबकि वित्तीय संसाधन और समग्र मार्गदर्शन एनएचए द्वारा प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत एक इंटरफेसिंग एजेंसी के पास क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं तक पहुंचने के लिए एक ऑन-ग्राउंड टीम होगी। यह टीम एबीडीएम के लाभों के बारे में जागरूकता फैलाएगी और नियमित नैदानिक ​​​​दस्तावेज़ीकरण के लिए एबीडीएम सक्षम डिजिटल समाधानों के उपयोग को बढ़ावा देने के अलावा सेवा प्रदाताओं को एबीडीएम के तहत मुख्य रजिस्ट्रियों में शामिल होने में मदद करेगी।
    मरीज इन सुविधाओं पर उत्पन्न स्वास्थ्य रिकॉर्ड को अपने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खातों (एबीएचए) के साथ जोड़ सकेंगे और अपने फोन पर किसी एबीडीएम-सक्षम व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड (पीएचआर) एप्लिकेशन का उपयोग करके इन रिकॉर्ड को देख और साझा कर सकेंगे। (https://phr.abdm.gov.in/uhi/1231)
    एनएचए ने पहले मुंबईअहमदाबाद और सूरत में माइक्रोसाइट्स प्रायोगिक योजनाओं की देखरेख की थी। इन योजनाओं से मिली सीख और अनुभवों को एबीडीएम के तहत 100 माइक्रोसाइट्स परियोजना की समग्र संरचना में शामिल किया गया है।
    मिजोरम के अलावाआंध्र प्रदेशमध्य प्रदेशउत्तर प्रदेशमहाराष्ट्र और छत्तीसगढ़   सहित अन्य राज्यों ने भी एबीडीएम माइक्रोसाइट्स के कार्यान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण प्रगति की है। अगले कुछ हफ्तों में ऐसी और माइक्रोसाइट्स चालू होने की उम्मीद है।
    एबीडीएम के तहत 100 माइक्रोसाइट्स परियोजना के बारे में अधिक जानकारी यहां प्राप्त की जा सकती है: https://abdm.gov.in/microsites

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