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राज्य में प्रो-कबड्डी की तर्ज पर 31 अगस्त को प्रो-गोविंदा टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा : उद्योग मंत्री उदय सामंत

पहला पुरस्कार 11 लाख रुपये
मुंबई, अगस्त (महासंवाद)
उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि राज्य में पहली बार प्रो-कबड्डी की तर्ज पर प्रो-गोविंदा टूर्नामेंट का आयोजन 31 अगस्त को शाम 6 से 10 बजे तक वर्ली के इनडोर स्टेडियम में किया जाएगा।
वह सरकारी आवास मुक्तागिरी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बंदरगाह, युवा और खेल मंत्री संजय बनसोडे, महाराष्ट्र ओलंपिक एसोसिएशन के सचिव नामदेव शिरगांवकर, दहीहंडी समन्वय समिति के पूर्वेश सरनाईक, गीता जागड़े, श्रीकृष्ण पडलकर उपस्थित थे।
मंत्री श्री सामंत ने कहा कि प्रो-गोविंदा प्रतियोगिता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के मार्गदर्शन और निर्देशों के अनुसार आयोजित की जाएगी और गोविंदा टीम में गोविंदा की सुरक्षा के लिए बीमा कवर दिया गया है। इसके लिए राज्य भर में 50,000 गोविंदाओं का बीमा किया गया है और मुंबई में 20 गोविंदा टीमों के 3,500 गोविंदाओं को बीमा का लाभ मिलेगा।
दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दहीहंडी समन्वय समिति को निर्देश दिए गए हैं और इसके अनुसार समिति नियमावली तैयार करेगी। नियमानुसार हर प्रतियोगी का ख्याल रखा जाएगा और सभी के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इनडोर स्टेडियम में ओलंपिक की तर्ज पर मैट का इस्तेमाल किया जाएगा और गोविंदा की मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में सरकार की ओर से 10 लाख रुपये दिए जाएंगे।
गोविंदा एथलीटों के कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं पूरे साल आयोजित की जाएंगी और दहीहंडी को एक खेल का दर्जा दिया गया है। वर्ली इलाके में इनडोर स्टेडियम की ऊंचाई 40 फीट है, इसलिए मंत्री श्री सावंत ने बताया कि प्रतियोगिता वहां आयोजित की गई थी।
प्रो-गोविंदा टूर्नामेंट से अच्छे खिलाड़ी तैयार होंगे : मंत्री संजय बनसोडे
दहीहंडी एक पारंपरिक प्रतियोगिता है जिसे एक उत्सव का रूप दे दिया गया है। इस टूर्नामेंट से अच्छे खिलाड़ी निकलेंगे जो राज्य का मान बढ़ाएंगे। यह विश्वास खेल मंत्री श्री बनसोडे ने व्यक्त किया। प्रतियोगिता बड़े ही हर्षोल्लास के साथ आयोजित की जायेगी और इसे खेल विभाग द्वारा साहसिक खेल के रूप में मान्यता दे दी गयी है। उन्होंने यह भी कहा कि इन प्रतियोगिताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने पर जोर दिया जायेगा।
प्रो-गोविंदा टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें भाग लेंगी और पहला पुरस्कार 11 लाख रुपये, दूसरा पुरस्कार 7 लाख रुपये, तीसरा पुरस्कार 5 लाख रुपये और चौथा पुरस्कार 3 लाख रुपये है। इसके साथ ही महिला टीम और नेत्रहीन गोविंदा टीम को भी उनकी भागीदारी के लिए एक लाख का पुरस्कार दिया जाएगा।

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