वर्ष 2019 से चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगा रहे चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने चंद्रयान 3 के लैंडर विक्रम के चित्र लिए हैं। चंद्रयान-2 में लगे उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे ने चंद्रमा की सतह पर मौजूद लैंडर की तस्वीर भेजी हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो ने कहा है कि यह चंद्रमा के चारों ओर सबसे अच्छा रिज़ॉल्यूशन वाला सबसे अच्छा चित्र है। कुछ देर पहले इसरो ने लैंडर विक्रम के रैंप पर नीचे आते हुए रोवर प्रज्ञान का वीडियो भी जारी किया है।
चन्द्रयान-3 के विक्रम लैंडर के चांद की सतह पर उतरने के बाद बेंगलूरू में इसरो टेलिमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड सेन्टर ने लैंडर मोड्यूल के पेलोड इल्सा, रम्भा और चास्टे को चालू कर दिया है। चन्द्रयान-3 के प्रोपल्जन मॉड्यूल के शेप पेलोड को कल चालू किया गया। लैंडर विक्रम से निकलकर रोवर चांद की सतह पर अब घूम रहा है। इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने संवाददाता सम्मेलन में लैंडर और रोवर में लगे पेलोड के कार्यों के बारे में जानकारी दी।
श्री सोमनाथ ने बताया कि इसरो भविष्य के कई मिशनों पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आदित्य एल वन के प्रक्षेपण के लिए काम चल रहा है। यह मिशन सूर्य - पृथ्वी की व्यवस्था के अध्ययन के लिए भारत का पहला अंतरिक्ष अभियान होगा। उन्होंने कहा कि भारत शुक्र ग्रह पर अध्ययन के लिए भी मिशन पर बिचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि मानव रहित अंतरिक्ष मिशन और मानव को अंतरिक्ष में भेजने वाले मिशन गगनयान का कार्य भी प्रगति पर है।
श्री सोमनाथ ने बताया कि इसरो भविष्य के कई मिशनों पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आदित्य एल वन के प्रक्षेपण के लिए काम चल रहा है। यह मिशन सूर्य - पृथ्वी की व्यवस्था के अध्ययन के लिए भारत का पहला अंतरिक्ष अभियान होगा। उन्होंने कहा कि भारत शुक्र ग्रह पर अध्ययन के लिए भी मिशन पर बिचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि मानव रहित अंतरिक्ष मिशन और मानव को अंतरिक्ष में भेजने वाले मिशन गगनयान का कार्य भी प्रगति पर है।

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