पुणे, अगस्त (जिमाका)
गणेशोत्सव, दहीहंडी और अन्य आगामी त्यौहारों को शांति और उत्साह के साथ मनाया जाना चाहिए, इस संबंध में सभी संबंधित प्रणालियों और मंडलों को समन्वय से काम करना चाहिए। यह अपील विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे ने की है।
विभागीय आयुक्त कार्यालय में आगामी समय में मनाये जानेवाले गणेशोत्सव एवं दहीहंडी की पृष्ठभूमि में प्रशासन द्वारा तैयार किये जानेवाले नियमों को लेकर बैठक का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर पुणे मनपा आयुक्त विक्रम कुमार, पुणे शहर पुलिस आयुक्त रितेश कुमार, जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रवीण पाटिल, उपायुक्त संदीप गिल, आर. राजा, जिला पुलिस अधीक्षक अंकित गोयल, यातायात शाखा के उपायुक्त विजयकुमार मगर, विभागीय उपायुक्त वर्षा उंटवाल, जिला क्रीड़ा अधिकारी महादेव कासगावडे आदि उपस्थित थे।
उपसभापति नीलम गोर्हे ने आगे कहा कि पिछले साल गणेशोत्सव मंडलों को जारी किए गए लाइसेंस 2026 तक वैध रहेंगे, इसलिए उन्हें इस साल नए सिरे से आवेदन करने की जरूरत नहीं है। जिन गणेशोत्सव मंडलों ने पहले अनुमति नहीं ली है, वे नए सिरे से आवेदन करें। नागरिकों को अपनी सूचना जिलाधिकारी, पुणे महानगरपालिका और पुलिस आयुक्त कार्यालय को प्रस्तुत करनी चाहिए। प्राप्त सुझावों पर प्रशासन की ओर से सकारात्मक संज्ञान लेकर समाधान किया जाएगा। दहीहंडी उत्सव को एक साहसिक खेल के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसके अनुसार मुंबई की तर्ज पर सुरक्षा की दृष्टि से मंडलों को मार्गदर्शन जनजागरूकता प्रदर्शन करने का निर्देश दिया गया है।
त्यौहार के दौरान शहर में अच्छी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन को योजना बनानी चाहिए। शहर में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए यातायात का उचित प्रबंधन किया जाए, इसके लिए यातायात जामवाले स्थान का निरीक्षण किया जाए।
यातायात में परिवर्तन की जानकारी नागरिकों को दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सड़क के दोनों किनारों को खुला रखा जाना चाहिए ताकि भक्त गणेशोत्सव और दहीहंडी देख सकें।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश के मुताबिक गणेशोत्सव अवधि के दौरान 5 दिन 23, 24, 26, 27 और 28 सितंबर को रात 12 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की छूट दी गई है। गौरी विसर्जन के दिन देर रात तक छूट दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से आनेवाले भक्तों के लिए पुणे महानगरपालिका की ओर से भोजन की व्यवस्था की जाएगी।
पुणे शहर के सार्वजनिक मंडलों के प्रतिनिधि द्वारा दिए गए सुझावों पर प्रशासन द्वारा सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। गणेशोत्सव हर वर्ष सामाजिक भावना से मनाया जाता है। प्रशासन द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करने और सहयोग करने की भी अपील नागरिकों से नीलम गोर्हे ने की है।
इस अवसर पर प्रशासन की ओर से उत्सव अवधि के दौरान की जानेवाली तैयारियों की जानकारी पुणे मनपा आयुक्त, जिलाधिकारी आदि ने दी।
गणेशोत्सव, दहीहंडी और अन्य आगामी त्यौहारों को शांति और उत्साह के साथ मनाया जाना चाहिए, इस संबंध में सभी संबंधित प्रणालियों और मंडलों को समन्वय से काम करना चाहिए। यह अपील विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे ने की है।
विभागीय आयुक्त कार्यालय में आगामी समय में मनाये जानेवाले गणेशोत्सव एवं दहीहंडी की पृष्ठभूमि में प्रशासन द्वारा तैयार किये जानेवाले नियमों को लेकर बैठक का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर पुणे मनपा आयुक्त विक्रम कुमार, पुणे शहर पुलिस आयुक्त रितेश कुमार, जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रवीण पाटिल, उपायुक्त संदीप गिल, आर. राजा, जिला पुलिस अधीक्षक अंकित गोयल, यातायात शाखा के उपायुक्त विजयकुमार मगर, विभागीय उपायुक्त वर्षा उंटवाल, जिला क्रीड़ा अधिकारी महादेव कासगावडे आदि उपस्थित थे।
उपसभापति नीलम गोर्हे ने आगे कहा कि पिछले साल गणेशोत्सव मंडलों को जारी किए गए लाइसेंस 2026 तक वैध रहेंगे, इसलिए उन्हें इस साल नए सिरे से आवेदन करने की जरूरत नहीं है। जिन गणेशोत्सव मंडलों ने पहले अनुमति नहीं ली है, वे नए सिरे से आवेदन करें। नागरिकों को अपनी सूचना जिलाधिकारी, पुणे महानगरपालिका और पुलिस आयुक्त कार्यालय को प्रस्तुत करनी चाहिए। प्राप्त सुझावों पर प्रशासन की ओर से सकारात्मक संज्ञान लेकर समाधान किया जाएगा। दहीहंडी उत्सव को एक साहसिक खेल के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसके अनुसार मुंबई की तर्ज पर सुरक्षा की दृष्टि से मंडलों को मार्गदर्शन जनजागरूकता प्रदर्शन करने का निर्देश दिया गया है।
त्यौहार के दौरान शहर में अच्छी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन को योजना बनानी चाहिए। शहर में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए यातायात का उचित प्रबंधन किया जाए, इसके लिए यातायात जामवाले स्थान का निरीक्षण किया जाए।
यातायात में परिवर्तन की जानकारी नागरिकों को दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सड़क के दोनों किनारों को खुला रखा जाना चाहिए ताकि भक्त गणेशोत्सव और दहीहंडी देख सकें।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश के मुताबिक गणेशोत्सव अवधि के दौरान 5 दिन 23, 24, 26, 27 और 28 सितंबर को रात 12 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की छूट दी गई है। गौरी विसर्जन के दिन देर रात तक छूट दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से आनेवाले भक्तों के लिए पुणे महानगरपालिका की ओर से भोजन की व्यवस्था की जाएगी।
पुणे शहर के सार्वजनिक मंडलों के प्रतिनिधि द्वारा दिए गए सुझावों पर प्रशासन द्वारा सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। गणेशोत्सव हर वर्ष सामाजिक भावना से मनाया जाता है। प्रशासन द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करने और सहयोग करने की भी अपील नागरिकों से नीलम गोर्हे ने की है।
इस अवसर पर प्रशासन की ओर से उत्सव अवधि के दौरान की जानेवाली तैयारियों की जानकारी पुणे मनपा आयुक्त, जिलाधिकारी आदि ने दी।

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