विकास कार्य में आनेवाली बाधाओं को दूर करने के प्रयासों को हर किसी को इसे वस्तुनिष्ठ, सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना चाहिए
मुंबई, अगस्त (महासंवाद)
कोकण, नासिक, पुणे सहित राज्य में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के निर्माण में आनेवाली बाधाओं को तुरंत दूर किया जाना चाहिए, विकास कार्य अविलंब शुरू किए जाएं, इसलिए उपमुख्यमंत्री तथा अर्थमंत्री अजित पवार ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कक्ष’ के माध्यम से कार्यरत है। यह कक्ष मुख्यमंत्री महोदय की ‘वॉर रुम’ की सहायक, पूरक भूमिका निभा रहा है। ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कक्ष’ का उद्देश्य राज्य की विकास कार्यों की बाधाओं को दूर कर विकास प्रक्रिया को गति देना, महाराष्ट्र को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। यह उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के कार्यालय ने स्पष्ट किया है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पूरा मंत्रिमंडल राज्य की विकास प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रयासरत है। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार भी ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कक्ष’ के माध्यम से योगदान दे रहे हैं। पिछले सप्ताह उपमुख्यमंत्री द्वारा ली गई ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग रूम’ की बैठक 24 वीं बैठक थी। इस बैठक में कोकण के पर्यटन केंद्रों को जोड़नेवाला कोकण सागर राजमार्ग, रेवस-रेड्डी सागर महामार्ग, सातारा-अलिबाग का मेडिकल कॉलेज, पुणे मेट्रो, पुणे रिंग रोड, मुंबई का जीएसटी भवन, पुणे का कृषि भवन, शिक्षण आयुक्तालय, कामगार कल्याण भवन, सहकार भवन, नोंदणी भवन, शक्कर संग्रहालय, इंद्रायणी मेडिसिटी, पुलिस गृहनिर्माण प्रकल्प, शिरुर-खेड-कर्जत मार्ग को चौगुना करना, ‘सारथी’ का प्रशिक्षण केंद्र, वढू-तुलापुर में स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज का स्मारक, पंढरपुर शहर, विट्ठल मंदिर परिसर का विकास आदि विकास कार्यों की प्रगति एवं निधि की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। साथ ही विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये। हर पखवाड़े नियमित कक्ष बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की जायेगी। प्रक्रिया की बाधाएं दूर की जाएगी। विकास प्रक्रिया में तेजी लायी जायेगी। यह भी उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा ‘वॉर रूम’ के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग रूम’ सहायक की भूमिका निभाता रहेगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में विकास परियोजनाओं के लिए केन्द्रीय स्वीकृति, सहायता और सहयोग प्राप्त करने के प्रयास किये जायेंगे। मुख्य सचिव के साथ प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी, ‘वॉर रूम’ के प्रमुख राधेशाम मोपलवार सहित सब लोग कक्ष की बैठक में उपस्थित रहकर ‘वॉर रूम’ साथ ही ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कक्ष’ के माध्यम से योगदान दे रहे हैं। इन सभी प्रयासों का निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम दिखाई देगा। यह विश्वास उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने व्यक्त किया है। विकास प्रक्रिया को गति देने के इन प्रयासों को वस्तुनिष्ठ और सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए। यह अपील की गई है।
कोकण, नासिक, पुणे सहित राज्य में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के निर्माण में आनेवाली बाधाओं को तुरंत दूर किया जाना चाहिए, विकास कार्य अविलंब शुरू किए जाएं, इसलिए उपमुख्यमंत्री तथा अर्थमंत्री अजित पवार ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कक्ष’ के माध्यम से कार्यरत है। यह कक्ष मुख्यमंत्री महोदय की ‘वॉर रुम’ की सहायक, पूरक भूमिका निभा रहा है। ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कक्ष’ का उद्देश्य राज्य की विकास कार्यों की बाधाओं को दूर कर विकास प्रक्रिया को गति देना, महाराष्ट्र को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। यह उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के कार्यालय ने स्पष्ट किया है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पूरा मंत्रिमंडल राज्य की विकास प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रयासरत है। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार भी ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कक्ष’ के माध्यम से योगदान दे रहे हैं। पिछले सप्ताह उपमुख्यमंत्री द्वारा ली गई ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग रूम’ की बैठक 24 वीं बैठक थी। इस बैठक में कोकण के पर्यटन केंद्रों को जोड़नेवाला कोकण सागर राजमार्ग, रेवस-रेड्डी सागर महामार्ग, सातारा-अलिबाग का मेडिकल कॉलेज, पुणे मेट्रो, पुणे रिंग रोड, मुंबई का जीएसटी भवन, पुणे का कृषि भवन, शिक्षण आयुक्तालय, कामगार कल्याण भवन, सहकार भवन, नोंदणी भवन, शक्कर संग्रहालय, इंद्रायणी मेडिसिटी, पुलिस गृहनिर्माण प्रकल्प, शिरुर-खेड-कर्जत मार्ग को चौगुना करना, ‘सारथी’ का प्रशिक्षण केंद्र, वढू-तुलापुर में स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज का स्मारक, पंढरपुर शहर, विट्ठल मंदिर परिसर का विकास आदि विकास कार्यों की प्रगति एवं निधि की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। साथ ही विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये। हर पखवाड़े नियमित कक्ष बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की जायेगी। प्रक्रिया की बाधाएं दूर की जाएगी। विकास प्रक्रिया में तेजी लायी जायेगी। यह भी उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा ‘वॉर रूम’ के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग रूम’ सहायक की भूमिका निभाता रहेगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में विकास परियोजनाओं के लिए केन्द्रीय स्वीकृति, सहायता और सहयोग प्राप्त करने के प्रयास किये जायेंगे। मुख्य सचिव के साथ प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी, ‘वॉर रूम’ के प्रमुख राधेशाम मोपलवार सहित सब लोग कक्ष की बैठक में उपस्थित रहकर ‘वॉर रूम’ साथ ही ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कक्ष’ के माध्यम से योगदान दे रहे हैं। इन सभी प्रयासों का निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम दिखाई देगा। यह विश्वास उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने व्यक्त किया है। विकास प्रक्रिया को गति देने के इन प्रयासों को वस्तुनिष्ठ और सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए। यह अपील की गई है।

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