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नागरिक ‘लोक सेवा अधिकार अधिनियम’ का उपयोग कर लाभ उठाएं : आयुक्त दिलीप शिंदे

पुणे, अगस्त (जिमाका)
सरकार के विभिन्न विभागों और प्राधिकरणों द्वारा प्रदान की जानेवाली विभिन्न सेवाएँ कभी-कभी आम आदमी तक समय पर नहीं पहुँच पाती हैं या नागरिकों को उन सेवाओं को प्राप्त करने के लिए कई बार प्रयास करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में नागरिकों को लोकसेवा अधिकार अधिनियम का लाभ उठाना चाहिए। यह अपील राज्य लोक सेवा अधिकार आयोग के आयुक्त दिलीप शिंदे ने की है। 
राज्य अधिकार अधिनियम 2015 के प्रावधान, प्रक्रियाओं और अधिसूचित सेवाओं के संबंध में जानकारी प्रदान करने के लिए लोणी कालभोर में आयोजित ग्रामसभा की बैठक में आयुक्त श्री शिंदे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां आयोग की उप सचिव अनुराधा खानविलकर, हवेली के गुट विकास अधिकारी भूषण जोशी, पुलिस निरीक्षक दत्तात्रय चव्हाण, हवेली के पूर्व उपसभापति योगेंद्र कालभोर, सरपंच योगेश कालभोर, उपसरपंच ललिता कालभोर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। 
श्री शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने विभिन्न विभागों की सेवाएँ निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध हों, इसलिए महाराष्ट्र लोक सेवा अधिकार अधिनियम 2015 क्रांतिकारी कानून लागू किया है। नागरिकों को सरकार की अधिसूचित सेवाओं का लाभ उठाने का अधिकार देनेवाला और प्रशासन को जवाबदेह बनानेवाला यह कानून है। इस कानून के कारण नागरिकों को निर्धारित अवधि के भीतर त्वरित, सुगमतापूर्वक सेवाएँ प्राप्त होना संभव हो सका है।
अब तक सरकार के विभिन्न विभागों की 500 से अधिक सेवाएँ इस अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित की जा चुकी हैं और इनमें से लगभग 400 सेवाएँ हमारे सरकारी पोर्टल साथ ही आर. टी. एस. महाराष्ट्र मोबाइल ऐप पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं। नागरिक उन सेवाओं को घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। आप अपने गांव के सरकारी सेवा केंद्र पर जाकर भी इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इन अधिसूचित सेवाओं की सूची प्रत्येक कार्यालय एवं वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
अधिनियम में नामित अधिकारी को पात्र व्यक्तियों को समयबद्ध लोक सेवा प्रदान करना अनिवार्य है तथा सेवा प्रदान करने की एक निश्चित समय सीमा है। समय सीमा के अंदर सूचना उपलब्ध नहीं करानेवाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाने व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रावधान है। ‘हमारी सेवा हमारा कर्तव्य’ आयोग का आदर्श वाक्य है और इस अधिनियम के प्रावधानों का लाभ अधिकतम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों से जागरूकता फैलाई जानी चाहिए।
हवेली के गुट विकास अधिकारी भूषण जोशी ने कहा कि संत तुकाराम महाराज की पालकी का विश्राम स्थल लोणी कालभोर है, इसलिए इसका विशेष महत्व है। 50 हजार की आबादीवाला यह गांव विभिन्न गतिविधियों में हमेशा अग्रणी रहता है। यहां सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं और प्रशासन का सदैव सहयोग मिलता है।
प्रास्ताविक में सरपंच योगेश कालभोर ने गांव में विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को पंचप्रण प्रतिज्ञा दिलाई गई। साथ ही गांव में उल्लेखनीय कार्य करनेवाले लोगों को उपस्थित गणमान्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।

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