दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं के शिखर सम्मेलन के दौरान, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा से लेकर स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और जलवायु परिवर्तन तक कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। भारत जी20 के अध्यक्ष के रूप में अनेक विकासशील देशों की आशाओं और आकांक्षाओं का पुरजोर समर्थन करते हुए खुद को एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है।
लोगो, कटआउट, झंडे, फव्वारे, भवनों के अग्र भाग पर रोशनी, भित्ति चित्रों, दीवारों पर आकृतियों तथा विभिन्न स्थानों पर सजाई गई मूर्तियों से नई दिल्ली रंगीन हो गई है। जी20 शिखर सम्मेलन स्थल पर इंटरनेशनल मीडिया सेंटर में भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने संवाददाताओं को बताया कि नई दिल्ली घोषणा पत्र तैयार है और सम्मेलन के दौरान इसे नेताओं के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह घोषणा पत्र विकासशील देशों की आवाज है। श्रीकांत ने यह भी कहा कि भारत की जी20 की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी, महत्वाकांक्षी, कार्योन्मुखी और निर्णायक दृष्टिकोण के अनुरूप है।
जी20 संगठन में अफ्रीकी संघ को शामिल करने के मुद्दे पर विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सम्मेलन की आज से शुरू हो रही कार्यवाही में, इस पर उचित फैसला लिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नई दिल्ली में हो रहा जी20 शिखर सम्मेलन मानव-केंद्रित और समावेशी विकास की दिशा में नया रास्ता तैयार करेगा। सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि भारत की जी20 की अध्यक्षता समावेशी, महत्वाकांक्षा, निर्णायक और कार्योंन्मुखी रही है। जी20 बैठक के अलावा प्रधानमंत्री विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक भी कर रहे हैं।

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