पुणे, सितंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
महावितरण ने बिजली बिल कम करने के लिए बिजली मीटरों को एक-दूसरे से दूर रखने और हर महीने मीटर रीडिंग की फोटो को धुंधला करने के घोटाले का पर्दाफाश किया है। यह घटना मुलशी तालुका के नांदे में एक घरेलू ग्राहक के साथ सामने आई है। पौड पुलिस स्टेशन में एजेंसी के मीटर रीडर और संबंधित ग्राहक के खिलाफ 26 सितंबर को मामला दर्ज किया गया है।
इस बीच, बिजली उपभोक्ताओं को ऐसे किसी व्यक्ति के झांसे में नहीं आना चाहिए जो उन्हें पैसे के बदले बिजली बिल कम करने का लालच देता हो। पुणे सर्कल में ऐसी संदिग्ध बिजली खपत की जांच युद्ध स्तर पर चल रही है। महावितरण ने संबंधित बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिजली की खपत कम दिखाने, म्यूचुअल मीटर हटाने और गायब होने जैसी कोई भी बात होने पर तुरंत संबंधित कार्यालय में रिपोर्ट या शिकायत करें।
महावितरण की ओर से बिजली मीटर की फोटो रीडिंग लेने की प्रक्रिया एक अलग मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाती है। उसके लिए एक एजेंसी की नियुक्ति की गयी है। यदि इस एजेंसी के कर्मचारी मीटरों की गलत रीडिंग लेते हैं और फोटो अस्पष्ट आते हैं, रीडिंग नहीं ली जाती है, तो यह टिप्पणी देते हुए कि मीटर अच्छी स्थिति में है, लेकिन अच्छी स्थिति में नहीं है, इसकी पुष्टि स्थानीय कार्यालयों द्वारा की जा रही है। साथ ही एजेंसी के काम की निगरानी के लिए महावितरण से दो फीसदी रीडिंग ली जा रही है।
इस निगरानी के दौरान, मुलशी डिवीजन के अंतर्गत नांदे में एक घरेलू ग्राहक की बिजली खपत संदिग्ध पाई गई। इसमें मीटर रीडर के शामिल होने का संदेह जताते हुए मुख्य अभियंता श्री राजेंद्र पवार ने इसे गंभीरता से लिया और जांच के निर्देश दिए। पुणे ग्रामीण मंडल के अधीक्षक अभियंता श्री युवराज जरग, मुलशी डिवीजन के कार्यकारी अभियंता श्री माणिक राठौड़ ने जांच शुरू की।
इसमें मुलशी के उपकार्यपालन यंत्री श्री आनंद घुले, सहायक अभियंता श्री ज्ञानेश्वर डंपलवार, कनिष्ठ अभियंता मनोज काले, तकनीशियन विशाल धनवट, राहुल रौंधल ने नांदे (मुलशी) के घरेलू उपभोक्ता संभाजी सखाराम जाधव के बिजली कनेक्शन का निरीक्षण किया। मीटर सही जगह पर नहीं दिखा। इसके बाद जब इस ग्राहक के मार्च 2022 के बिजली बिल की जांच की गई तो बड़ी गड़बड़ी पाई गई। महावितरण टीम को बताया गया कि बिजली मीटरों को एक-दूसरे से दूर रखने, रीडिंग लेते समय मीटर की फोटो स्पष्ट न आने तथा वास्तविक रीडिंग की जगह 10 से 30 यूनिट ही दर्ज करने का काम जानबूझ कर किया जा रहा है।
इसके बाद आगे की जांच में बिजली मीटर को जब्त कर लिया गया, जिसे पारस्परिक रूप से वापस ले लिया गया था। इसके अलावा, मीटर रीडिंग लेने वाले अलमदाद कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारी शैलेश शिवाजी तापकीर ने जानबूझकर मीटर रीडिंग को अस्पष्ट करके पिछले मार्च 2022 से कम यूनिट दर्ज की है। इसके लिए तापकीर ने बिजली उपभोक्ता से 10 हजार से 15 हजार रुपये की मांग की। इसमें पाया गया कि जानबूझकर बिजली मीटर की स्पष्ट फोटो और वास्तविक रीडिंग नहीं लेने के कारण महावितरण को 1 लाख 65 हजार रुपये का नुकसान हुआ। पौड पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, शैलेश शिवाजी तापकीर और संभाजी सखाराम जाधव के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 138 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के उपमुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री निशिकांत राऊत द्वारा दी गई है।
महावितरण ने बिजली बिल कम करने के लिए बिजली मीटरों को एक-दूसरे से दूर रखने और हर महीने मीटर रीडिंग की फोटो को धुंधला करने के घोटाले का पर्दाफाश किया है। यह घटना मुलशी तालुका के नांदे में एक घरेलू ग्राहक के साथ सामने आई है। पौड पुलिस स्टेशन में एजेंसी के मीटर रीडर और संबंधित ग्राहक के खिलाफ 26 सितंबर को मामला दर्ज किया गया है।
इस बीच, बिजली उपभोक्ताओं को ऐसे किसी व्यक्ति के झांसे में नहीं आना चाहिए जो उन्हें पैसे के बदले बिजली बिल कम करने का लालच देता हो। पुणे सर्कल में ऐसी संदिग्ध बिजली खपत की जांच युद्ध स्तर पर चल रही है। महावितरण ने संबंधित बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिजली की खपत कम दिखाने, म्यूचुअल मीटर हटाने और गायब होने जैसी कोई भी बात होने पर तुरंत संबंधित कार्यालय में रिपोर्ट या शिकायत करें।
महावितरण की ओर से बिजली मीटर की फोटो रीडिंग लेने की प्रक्रिया एक अलग मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाती है। उसके लिए एक एजेंसी की नियुक्ति की गयी है। यदि इस एजेंसी के कर्मचारी मीटरों की गलत रीडिंग लेते हैं और फोटो अस्पष्ट आते हैं, रीडिंग नहीं ली जाती है, तो यह टिप्पणी देते हुए कि मीटर अच्छी स्थिति में है, लेकिन अच्छी स्थिति में नहीं है, इसकी पुष्टि स्थानीय कार्यालयों द्वारा की जा रही है। साथ ही एजेंसी के काम की निगरानी के लिए महावितरण से दो फीसदी रीडिंग ली जा रही है।
इस निगरानी के दौरान, मुलशी डिवीजन के अंतर्गत नांदे में एक घरेलू ग्राहक की बिजली खपत संदिग्ध पाई गई। इसमें मीटर रीडर के शामिल होने का संदेह जताते हुए मुख्य अभियंता श्री राजेंद्र पवार ने इसे गंभीरता से लिया और जांच के निर्देश दिए। पुणे ग्रामीण मंडल के अधीक्षक अभियंता श्री युवराज जरग, मुलशी डिवीजन के कार्यकारी अभियंता श्री माणिक राठौड़ ने जांच शुरू की।
इसमें मुलशी के उपकार्यपालन यंत्री श्री आनंद घुले, सहायक अभियंता श्री ज्ञानेश्वर डंपलवार, कनिष्ठ अभियंता मनोज काले, तकनीशियन विशाल धनवट, राहुल रौंधल ने नांदे (मुलशी) के घरेलू उपभोक्ता संभाजी सखाराम जाधव के बिजली कनेक्शन का निरीक्षण किया। मीटर सही जगह पर नहीं दिखा। इसके बाद जब इस ग्राहक के मार्च 2022 के बिजली बिल की जांच की गई तो बड़ी गड़बड़ी पाई गई। महावितरण टीम को बताया गया कि बिजली मीटरों को एक-दूसरे से दूर रखने, रीडिंग लेते समय मीटर की फोटो स्पष्ट न आने तथा वास्तविक रीडिंग की जगह 10 से 30 यूनिट ही दर्ज करने का काम जानबूझ कर किया जा रहा है।
इसके बाद आगे की जांच में बिजली मीटर को जब्त कर लिया गया, जिसे पारस्परिक रूप से वापस ले लिया गया था। इसके अलावा, मीटर रीडिंग लेने वाले अलमदाद कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारी शैलेश शिवाजी तापकीर ने जानबूझकर मीटर रीडिंग को अस्पष्ट करके पिछले मार्च 2022 से कम यूनिट दर्ज की है। इसके लिए तापकीर ने बिजली उपभोक्ता से 10 हजार से 15 हजार रुपये की मांग की। इसमें पाया गया कि जानबूझकर बिजली मीटर की स्पष्ट फोटो और वास्तविक रीडिंग नहीं लेने के कारण महावितरण को 1 लाख 65 हजार रुपये का नुकसान हुआ। पौड पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, शैलेश शिवाजी तापकीर और संभाजी सखाराम जाधव के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 138 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के उपमुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री निशिकांत राऊत द्वारा दी गई है।

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