पुणे, सितंबर (जिमाका)
गणेशोत्सव के दौरान गणेश मंडलों को प्रसाद तैयार करते समय और वितरित करते समय स्वच्छता के नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। साथ ही प्रसाद स्वयं बनाकर तैयार करके भक्तों को वितरित करनेवाले गणेश मंडलों को खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा। यह निर्देश खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से दिये गये हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 नियम एवं विनियम 2011 के तहत गणेश मंडलों को ध्यान रखना चाहिए कि भक्तों को आवश्यकतानुसार ताजा प्रसाद ही देना चाहिए। दूध और दुग्धजन्य से बने अन्न उत्पादों से तैयार किया गया ताजा प्रसाद भक्तों को मिलेगा और ध्यान रहे कि उक्त प्रसाद बचे नहीं। भक्तों को बासी भोजन सेवन करने के लिए नहीं देना चाहिए।
भक्त के लिए बनाया गया प्रसाद कांच के ढक्कन या पारदर्शी प्लास्टिक कवर में ढका होना चाहिए ताकि प्रसाद पर धूल, मिट्टी, मक्खी, चींटी और अन्य कीड़ों का असर न हो। प्रसाद बांटनेवाले सभी व्यक्तियों के कपड़े साफ होने चाहिए, उन्हें साबुन से हाथ साफ धोने के बाद ही काम शुरू करना चाहिए। संक्रामक रोग से पीड़ित व्यक्ति को प्रसाद नहीं बनाना चाहिए और न ही उसे बांटना चाहिए। प्रसाद संभालनेवाले व्यक्ति को व्यक्तिगत स्वच्छता के सभी नियमों को सावधानीपूर्वक कार्यान्वयन करना चाहिए। नाक, कान, सिर, बाल या आंखें खुजलाने, छींकना, थूकने, नाक साफ करना, तंबाकू या धूम्रपान करने से बचें। प्रसाद संभालनेवाले व्यक्ति के नाखून साफ-सुथरे कटे होने चाहिए और गंदगी से मुक्त होने चाहिए। अपने हाथ पोंछने के लिए साफ कपड़े का प्रयोग करें। प्रसाद बनानेवाले व्यक्ति को दस्ताने और एप्रन के साथ-साथ बालों को पूरी तरह ढकने वाली टोपी और मुंह पर मास्क पहनना चाहिए। प्रसाद तैयार करने के लिए और बर्तन धोने के लिए इस्तेमाल किया जानेवाला पानी पीने योग्य होना चाहिए। पीने के पानी को साफ ढक्कन से ढकें और साफ बर्तन में पानी संग्रहित किया जाना चाहिए। बर्तन का उपयोग करने से पहले इसे धोनेवाले साबुन, घोल से रगड़कर साफ करना चाहिए और साफ पानी से धोना चाहिए। बर्तनों को सुखाने के लिए साफ कपड़े का इस्तेमाल करना चाहिए। कच्चे खाद्य पदार्थों का कूड़ा कचरा और श्रद्धालुओं को कूड़ा कचरा डालने के लिए ढक्कनवाले कूड़ेदान रखे जाने चाहिए। प्रसाद स्वयं तैयार करके भक्तों को वितरित करनेवाले गणेश मंडल https://foscos.fssai.gov.in इस वेबसाइट पर जाएं और 100 रुपये शुल्क का भुगतान करें । खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पास पंजीकरण करके पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करें। कच्चे खाद्य पदार्थों के क्रय बिल संभालकर रखे जाने चाहिए और कच्ची खाद्य सामग्री लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदनी चाहिए। यह जानकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहआयुक्त (अन्न) सु. ग. अन्नपुरे ने दी है।
गणेशोत्सव के दौरान गणेश मंडलों को प्रसाद तैयार करते समय और वितरित करते समय स्वच्छता के नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। साथ ही प्रसाद स्वयं बनाकर तैयार करके भक्तों को वितरित करनेवाले गणेश मंडलों को खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा। यह निर्देश खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से दिये गये हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 नियम एवं विनियम 2011 के तहत गणेश मंडलों को ध्यान रखना चाहिए कि भक्तों को आवश्यकतानुसार ताजा प्रसाद ही देना चाहिए। दूध और दुग्धजन्य से बने अन्न उत्पादों से तैयार किया गया ताजा प्रसाद भक्तों को मिलेगा और ध्यान रहे कि उक्त प्रसाद बचे नहीं। भक्तों को बासी भोजन सेवन करने के लिए नहीं देना चाहिए।
भक्त के लिए बनाया गया प्रसाद कांच के ढक्कन या पारदर्शी प्लास्टिक कवर में ढका होना चाहिए ताकि प्रसाद पर धूल, मिट्टी, मक्खी, चींटी और अन्य कीड़ों का असर न हो। प्रसाद बांटनेवाले सभी व्यक्तियों के कपड़े साफ होने चाहिए, उन्हें साबुन से हाथ साफ धोने के बाद ही काम शुरू करना चाहिए। संक्रामक रोग से पीड़ित व्यक्ति को प्रसाद नहीं बनाना चाहिए और न ही उसे बांटना चाहिए। प्रसाद संभालनेवाले व्यक्ति को व्यक्तिगत स्वच्छता के सभी नियमों को सावधानीपूर्वक कार्यान्वयन करना चाहिए। नाक, कान, सिर, बाल या आंखें खुजलाने, छींकना, थूकने, नाक साफ करना, तंबाकू या धूम्रपान करने से बचें। प्रसाद संभालनेवाले व्यक्ति के नाखून साफ-सुथरे कटे होने चाहिए और गंदगी से मुक्त होने चाहिए। अपने हाथ पोंछने के लिए साफ कपड़े का प्रयोग करें। प्रसाद बनानेवाले व्यक्ति को दस्ताने और एप्रन के साथ-साथ बालों को पूरी तरह ढकने वाली टोपी और मुंह पर मास्क पहनना चाहिए। प्रसाद तैयार करने के लिए और बर्तन धोने के लिए इस्तेमाल किया जानेवाला पानी पीने योग्य होना चाहिए। पीने के पानी को साफ ढक्कन से ढकें और साफ बर्तन में पानी संग्रहित किया जाना चाहिए। बर्तन का उपयोग करने से पहले इसे धोनेवाले साबुन, घोल से रगड़कर साफ करना चाहिए और साफ पानी से धोना चाहिए। बर्तनों को सुखाने के लिए साफ कपड़े का इस्तेमाल करना चाहिए। कच्चे खाद्य पदार्थों का कूड़ा कचरा और श्रद्धालुओं को कूड़ा कचरा डालने के लिए ढक्कनवाले कूड़ेदान रखे जाने चाहिए। प्रसाद स्वयं तैयार करके भक्तों को वितरित करनेवाले गणेश मंडल https://foscos.fssai.gov.in इस वेबसाइट पर जाएं और 100 रुपये शुल्क का भुगतान करें । खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पास पंजीकरण करके पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करें। कच्चे खाद्य पदार्थों के क्रय बिल संभालकर रखे जाने चाहिए और कच्ची खाद्य सामग्री लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदनी चाहिए। यह जानकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहआयुक्त (अन्न) सु. ग. अन्नपुरे ने दी है।

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