पुस्तकालय (लाइब्रेरी) आंदोलन को नई मजबूती देने के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग करेगी, ऐसा प्रतिपादन राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने किया।
मंत्रालय में राज्य पुस्तकालय परिषद की बैठक आयोजित की गई थी, इस बैठक में उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से शामिल हुए।
इस बैठक में उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव बी. वेणुगोपाल रेड्डी, सहायक धर्मादाय आयुक्त राम लिप्ते, स्कूल शिक्षा व खेल विभाग के उप सचिव तुषार महाजन, उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव अमोल मुत्याल, पुस्तकालय निदेशक अशोक गाडेकर, महाराष्ट्र राज्य पुस्तकालय संघ के अध्यक्ष गजानन कोटेवार, पुस्तकालय संघ अमरावती विभाग के अध्यक्ष प्रभाकर घुगे, पुस्तकालय संघ मराठवाड़ा विभाग के अध्यक्ष खंडेराव सरनाईक, पुणे विभाग के अध्यक्ष सोपान पवार, कोंकण विभाग के अध्यक्ष दिलीप कोरे, डॉ. सिद्धी जगदाले, डॉ. सुभाष चव्हाण, सुनील वायाल तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने कहा कि राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार 16 वर्षों के बाद राज्य पुस्तकालय परिषद का पुनर्गठन किया गया है। यह परिषद पुस्तकालय आंदोलन को ज्यादा सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार को सलाह देने वाली प्रमुख परिषद है। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय आंदोलन को मजबूत करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी और इसी प्रकार पुस्तकालय प्रबंधन के समग्र विकास के लिए ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
इस बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में पठन-संस्कृति (पढ़ने के कल्चर) को बढ़ावा देने के लिए सीएसआर निधि या राजा राम मोहन रॉय योजना के माध्यम से मोबाइल रीडिंग वैन खरीदकर उन्हें गांवों, स्कूलों और दुर्गम क्षेत्रों में ले जाकर पठन उपक्रमों को शुरु करने का प्रस्ताव रखा गया। ‘जहां गांव वहां पुस्तकालय’ अभियान को लागू करने के लिए ग्राम विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है।
इसके अलावा, राज्य केंद्रीय पुस्तकालय और छह विभागीय पुस्तकालयों में प्रायोगिक आधार (पायलट बेसिस) पर मोबाइल लाइब्रेरी सर्विस (घूमंतू पुस्तकालय सेवा) शुरू करने, ई-लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी यूनिक डेटाबेस, घूमंतू पुस्तकालय जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। सार्वजनिक पुस्तकालयों के निरीक्षण को तीन वर्षों के अंतराल के बाद करने की मंजूरी दी गई। इस बैठक में पुस्तकालय निदेशालय (लाइब्रेरीज़ डायरेक्टरेट) के वर्ष 2008-09 से 2024-25 तक के रिपोर्ट्स को भी मंजूरी दी गई है।
मंत्रालय में राज्य पुस्तकालय परिषद की बैठक आयोजित की गई थी, इस बैठक में उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से शामिल हुए।
इस बैठक में उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव बी. वेणुगोपाल रेड्डी, सहायक धर्मादाय आयुक्त राम लिप्ते, स्कूल शिक्षा व खेल विभाग के उप सचिव तुषार महाजन, उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव अमोल मुत्याल, पुस्तकालय निदेशक अशोक गाडेकर, महाराष्ट्र राज्य पुस्तकालय संघ के अध्यक्ष गजानन कोटेवार, पुस्तकालय संघ अमरावती विभाग के अध्यक्ष प्रभाकर घुगे, पुस्तकालय संघ मराठवाड़ा विभाग के अध्यक्ष खंडेराव सरनाईक, पुणे विभाग के अध्यक्ष सोपान पवार, कोंकण विभाग के अध्यक्ष दिलीप कोरे, डॉ. सिद्धी जगदाले, डॉ. सुभाष चव्हाण, सुनील वायाल तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने कहा कि राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार 16 वर्षों के बाद राज्य पुस्तकालय परिषद का पुनर्गठन किया गया है। यह परिषद पुस्तकालय आंदोलन को ज्यादा सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार को सलाह देने वाली प्रमुख परिषद है। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय आंदोलन को मजबूत करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी और इसी प्रकार पुस्तकालय प्रबंधन के समग्र विकास के लिए ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
इस बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में पठन-संस्कृति (पढ़ने के कल्चर) को बढ़ावा देने के लिए सीएसआर निधि या राजा राम मोहन रॉय योजना के माध्यम से मोबाइल रीडिंग वैन खरीदकर उन्हें गांवों, स्कूलों और दुर्गम क्षेत्रों में ले जाकर पठन उपक्रमों को शुरु करने का प्रस्ताव रखा गया। ‘जहां गांव वहां पुस्तकालय’ अभियान को लागू करने के लिए ग्राम विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है।
इसके अलावा, राज्य केंद्रीय पुस्तकालय और छह विभागीय पुस्तकालयों में प्रायोगिक आधार (पायलट बेसिस) पर मोबाइल लाइब्रेरी सर्विस (घूमंतू पुस्तकालय सेवा) शुरू करने, ई-लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी यूनिक डेटाबेस, घूमंतू पुस्तकालय जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। सार्वजनिक पुस्तकालयों के निरीक्षण को तीन वर्षों के अंतराल के बाद करने की मंजूरी दी गई। इस बैठक में पुस्तकालय निदेशालय (लाइब्रेरीज़ डायरेक्टरेट) के वर्ष 2008-09 से 2024-25 तक के रिपोर्ट्स को भी मंजूरी दी गई है।

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