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पुणे मंडल रेल प्रबंधक ने पुणे मंडल की प्रमुख उपलब्धियों और प्रदर्शन के बारे में दी जानकारी

Pune Railway

पुणे, अप्रैल (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
पुणे मंडल रेल प्रबंधक श्री राजेश कुमार वर्मा ने गत शुक्रवार को डीआरएम कार्यालय पुणे के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पुणे मंडल की प्रमुख उपलब्धियों और प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी।
इस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीआरएम ने वाणिज्यिक, परिचालन, बुनियादी ढांचा, सुरक्षा, सिग्नलिंग और दूरसंचार, तथा संरक्षा आदि सहित विभिन्न क्षेत्रों में मंडल के प्रदर्शन पर प्रकाश डाला।

*वाणिज्यिक प्रदर्शन*
पुणे मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल ₹2,238.20 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.7% की वृद्धि दर्शाता है। यात्री राजस्व ₹1,657.24 करोड़ रहा, जिसमें 13% की वृद्धि देखी गई, जबकि टिकट जांच राजस्व ₹30 करोड़ तक पहुंच गया, जो 57.5% की वृद्धि को दर्शाता है। वाणिज्यिक प्रचार (NFR) से राजस्व ₹15.67 करोड़ (10.4% वृद्धि), 'पे एंड पार्क' से ₹4.15 करोड़ (38% वृद्धि), और खानपान (Catering) से ₹3.96 करोड़ (26% वृद्धि) रहा। यात्रियों की संख्या में भी पिछले वर्ष की तुलना में 6.3% की वृद्धि दर्ज की गई।

*परिचालन उपलब्धियां*
यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, पुणे मंडल ने वर्ष के दौरान बड़ी संख्या में विशेष ट्रेनों का परिचालन किया। कुल 1,109 दिवाली और छठ विशेष ट्रेनों का परिचालन किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 197.3% की वृद्धि दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, 40 क्रिसमस और नव वर्ष विशेष ट्रेनों (566.67% वृद्धि) और 251 होली विशेष ट्रेनों (141.35% वृद्धि) का भी परिचालन किया गया।
संपर्क को और सुदृढ़ करते हुए, पांच जोड़ी नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं, जो पुणे मंडल को जोधपुर, रीवा, अजनी (वंदे भारत), तिरुपति और मुजफ्फरपुर से जोड़ती हैं। अमलनेर-बीड सेक्शन पर पहली बार यात्री ट्रेन सेवाएँ भी शुरू की गईं। इसके लिए ट्रेन संख्या 71441/42
(एएनजी-एएमएनई-एएनजी डेमू) को बीड तक बढ़ाया गया। इस सेवा का उद्घाटन महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री ने 17.09.2025 को किया, जिससे क्षेत्र की एक पुरानी माँग पूरी हुई।

*बुनियादी ढाँचे का विकास*
पुणे डीकंजेशन (भीड़ कम करने) योजना के तहत, कई बड़े काम किए गए। इनमें ₹153 करोड़ की लागत से हडपसर कोचिंग टर्मिनल का विकास शामिल है। इसके तहत यार्ड की क्षमता 5 से बढ़ाकर 7 लाइनें की गई, प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाई गई, और सभी प्लेटफॉर्म को जोड़ने वाला दूसरा प्रवेश द्वार बनाया गया। चौथे प्लेटफॉर्म और फुट ओवर ब्रिज के विकास के लिए ₹26 करोड़ की अतिरिक्त मंज़ूरी भी मिल गई है।
खड़की कोचिंग टर्मिनल को भी अपग्रेड किया गया। इसमें लगभग ₹50 करोड़ की लागत से यार्ड का विस्तार 5 से 8 लाइनों तक किया गया और प्लेटफॉर्म की संख्या 3 से बढ़ाकर 4 की गई। स्टेशन भवन, फुट ओवर ब्रिज और यात्रियों के लिए अन्य सुविधाओं के विकास के लिए ₹70 करोड़ के अतिरिक्त कार्यों को मंज़ूरी दी गई है।
पुणे स्टेशन पर, ₹398 करोड़ के कार्यों को मंज़ूरी दी गई है। इनमें यार्ड का रीमॉडलिंग, 6 नए प्लेटफॉर्म जोड़ना, मौजूदा प्लेटफॉर्म का विस्तार, और अतिरिक्त प्रवेश/निकास द्वार बनाना शामिल है। साथ ही, लिफ्ट, एस्केलेटर और ट्रेन इंडिकेशन सिस्टम जैसी आधुनिक यात्री सुविधाएँ भी विकसित की जाएंगी। स्टेशन के पुनर्विकास की मास्टर प्लान अपने अंतिम चरण में है।

दोहरीकरण और नई लाइन की शुरुआत:
दोहरीकरण के कई अहम काम पूरे किए गए, जिनमें शिव-एबीएल (17.06.2025), वीबीआर–RRI (24.09.2025), केआरजी-
आरएमपी–टीएजेडआई (06.11.2025) और डीडी–केएसटीएच (25.01.2026) शामिल हैं।
नई लाइन परियोजनाओं के तहत, अहमदनगर-बीड-परली वैजनाथ लाइन के बीड-वडवानी सेक्शन को 29.01.2026 को शुरू किया गया। नए स्टेशन और सिग्नलिंग:
नए इंफ्रास्ट्रक्चर में एएनजी–एनवाईडीओ सेक्शन को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (21.09.2025), सोलापुरवाड़ी (28.12.2025), न्यू आष्टी (28.12.2025), और शिरसाई ब्लॉक केबिन (12.02.2026) के साथ चालू करना शामिल था। इस साल कुल 14 इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग चालू की गईं।

*कवच का कार्यान्वयन*
सुरक्षा पहल कवच के तहत, 121 नियोजित इंस्टॉलेशन में से 16 इंस्टॉलेशन पूरे हो गए, 3 इंस्टॉलेशन के ट्रायल पूरे हो गए, और 5 इंस्टॉलेशन पर काम चल रहा है। 123 नियोजित टावरों में से 62 टावर लगाए जा चुके हैं, और बाकी जगहों पर काम जारी है।

*सुरक्षा उपलब्धियाँ*
सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार हासिल किए गए, जिनमें 9 खराब लेआउट को ठीक करना; टीआरआर, डीप स्क्रीनिंग और गिट्टी डालने जैसे मुख्य ट्रैक रखरखाव कार्यों में लक्ष्यों से अधिक उपलब्धि हासिल करना; 8 लेवल क्रॉसिंग को हटाना (लक्ष्य 4 के मुकाबले); 7आरओबी/
आरयूबीएस को चालू करना; एसएंडटी (सिग्नल और दूरसंचार) में 24% कमियों को कम करना; 149 km रेलमार्ग का विद्युतीकरण करना; और 30 km ओएचई (ओवरहेड उपकरण) को 'अनियमित' से 'नियमित' श्रेणी में बदलना शामिल है।

यात्री सुविधाएँ और आधुनिकीकरण:
'अमृत भारत स्टेशन योजना' (एबीबीएस) के तहत 20 स्टेशनों को चुना गया था, जिनमें से केडगाँव और लोनांद का उद्घाटन किया जा चुका है; जबकि वाथर, बारामती और कराड स्टेशनों का काम पूरा हो गया है, और बाकी स्टेशनों पर काम अभी चल रहा है।
यात्री सुविधाओं के मामले में, लक्ष्यों के अनुसार लिफ्ट (पुणे स्टेशन पर 4), एस्केलेटर (चिंचवड़ में 1), और बीईई ऊर्जा दक्षता प्रमाणन (पल्सी और शिंदावणे स्टेशनों पर 'शून्य' और 'शून्य प्लस' प्रमाणन) जैसी उपलब्धियाँ हासिल की गईं।
इसके अलावा, 17 रेक (16 ट्रेनें) आईसीएफ कोच से बदलकर LHB कोच वाली कर दी गईं। इनमें ट्रेन संख्या 12129, 11039, 22186, 11087, 11089, 11091, 22150, 11097, 11033, 22131, 11037, 11045, 12147, 11050, 11403, और 01024 शामिल हैं। इस बदलाव से सुरक्षा और यात्रियों के आराम में काफी बढ़ोतरी हुई है।

*सीसीटीवी और निगरानी*
पुणे मंडल ने पुणे स्टेशन पर 160 हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाकर और अन्य स्टेशनों पर 382 कैमरे लगाकर अपनी निगरानी व्यवस्था को काफी मजबूत किया है। 
*सुरक्षा पहलें*
आरपीएफ के विभिन्न अभियानों के तहत, कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की गईं: यात्री सुरक्षा (125 गिरफ्तारियाँ, ₹33.18 लाख की बरामदगी), महिला सुरक्षा (1,492 गिरफ्तारियाँ, ₹5.80 लाख का जुर्माना), ऑपरेशन सतर्क (21 गिरफ्तारियाँ, ₹51.28 लाख की बरामदगी), ऑपरेशन दूसरा (7,763 अपराधियों पर जुर्माना, ₹68.44 लाख का जुर्माना), ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते (412 बच्चों को बचाया गया), ऑपरेशन अमानत (260 खोई हुई वस्तुएँ वापस की गईं), जीवन रक्षा (12 जानें बचाई गईं), और तंबाकू व कूड़ा-करकट विरोधी अभियान (200 मामले, ₹40,200 का जुर्माना)। डिवीजन ने ₹50 करोड़ मूल्य के कबाड़ के निपटान में भी महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की।

*खेल उपलब्धियाँ*
डिवीजन ने 69वीं सीनियर राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप (जयपुर) में स्वर्ण पदक, 72वीं सीनियर राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप (छत्तीसगढ़) में रजत पदक, और 38वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल खेलों (उत्तर प्रदेश) में कांस्य पदक हासिल किया।
इन उपलब्धियों का सारांश प्रस्तुत करते हुए, डीआरएम ने कहा कि पुणे डिवीजन कुशल और नवीन कार्यप्रणालियों के माध्यम से यात्री सेवाओं को बेहतर बनाने, सुरक्षा प्रणालियों को सुदृढ़ करने, बुनियादी ढांचे में सुधार करने और राजस्व बढ़ाने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहा है।

राजेश कुमार वर्मा


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