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नागरिक नियमों का पालन करें अन्यथा अगले हफ्ते से लगाना पड़ेगा लॉकडाऊन : उपमुख्यमंत्री अजीत पवार

 पुणे में दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं कोरोना के मरीज, परिस्थिति गंभीर
30 अप्रैल तक स्कूल और महाविद्यालय रहेंगे बंद
पुणे जिले में कोरोना प्रकोप की स्थिति के बारे में समीक्षा बैठक की प्रमुख बातें
* लॉकडाऊन टालने के लिए नागरिक करें नियमों का पालन
* जम्बो हॉस्पिटल्स पूर्ण क्षमता से शुरू करें
* निजी हॉस्पिटलों में कोरोना मरीजों के लिए 50 प्रतिशत 
आरक्षित बेड रखने के निर्देश
* टीकाकरण केंद्र 600 तक बढ़ाए जाएंगे
* स्कूल, महाविद्यालय 30 अप्रैल तक बंद
* शादी समारोह में 50 व्यक्तियों की ही होनी चाहिए उपस्थिति
* अन्य सार्वजनिक, राजनैतिक, निजी कार्यक्रमों पर प्रतिबंध
* सार्वजनिक उद्यान सिर्फ सुबह ही शुरू रहेंगे
* मास्क न उपयोग करने वाले व्यक्तियों पर दंडात्मक 
कार्रवाई करें
* होली व अन्य त्यौहार घर में ही मनाएं
पुणे, मार्च (जिमाका)

      पुणे जिले में कोरोना मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है, जो बहुत ही चिंताजनक है। आगामी आठ दिनों में कोरोना मरीजों की संख्या नियंत्रण में नहीं आई तो पुणे जिले में 2 अप्रैल से लॉकडाऊन लगाने का निर्णय लिया जाएगा, इसलिए नागरिक नियमों का पालन करें। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री व पुणे जिले के पालकमंत्री अजीत पवार द्वारा दी गई है।
पुणे स्थित कौन्सिल हॉल में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में जिले के जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकारियों के साथ कोरोना परिस्थिति उपाय योजना के बारे में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, तब वे बोल रहे थे। बैठक में कामगार मंत्री दिलीप वलसे-पाटिल, सार्वजनिक बांधकाम राज्यमंत्री दत्तात्रय भरणे, महापौर मुरलीधर मोहोल, जिला परिषद की अध्यक्षा निर्मला पानसरे, विधायक सर्वश्री संजय जगताप, दिलीप मोहिते पाटिल, सुनील शेलके, अतुल बेनके, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और यशदा के महासंचालक एस. चोक्कलिंगम, पुणे महापालिका आयुक्त विक्रमकुमार, पिंपरी-चिंचवड महापालिका आयुक्त राजेश पाटिल, जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, पुलिस आयुक्त अमिताभ गुप्ता, पुलिस आयुक्त कृष्णप्रकाश, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिनव देशमुख, अतिरिक्त आयुक्त रुबल अग्रवाल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष प्रसाद, ससून अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ. मुरलीधर तांबे, डॉ.डी. बी. कदम, स्वास्थ्य उपसंचालक डॉ. संजय देशमुख, जिला शल्यचिकित्सक डॉ.अशोक नांदापुरकर आदि सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या नियंत्रण में रखना बहुत आवश्यक है, इसके लिए नियमों पर कड़क अमल किया जाए। सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं में पूर्ण क्षमता का उपयोग कर नमूनों की जांच बढ़ाई जाए। पर्याप्त दवा, सभी सुविधायुक्त एंबूलेंस, ऑक्सिजन युक्त बेड आदि स्वास्थ्य व्यवस्था सक्षम होने की दृष्टि से उपाय योजना तेज की जाए।
उन्होंने कहा कि लॉकडाऊन के कारण आम जनता को परेशानी नहीं हो, इसलिए सभी को सावधानी बरतनी आवश्यक है। कोरोना की शृंखला तोड़ने के लिए नागरिकों को स्वयं पालन करना चाहिए। भीड़ में जाना टालें, सामाजिक अंतर बनाए रखें, मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग आदि नियमों का पालन सभी को करना अनिवार्य है। मास्क न उपयोग करने वाले व्यक्तियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि कोरोना मरीजों का समय पर उपचार करने के लिए सीओईपी जम्बो हॉस्पिटल में बेड की संख्या आवश्यकतानुसार 800 तक बढ़ाकर पूरी क्षमता से हॉस्पिटल शुरू किए जाएं। पिंपरी-चिंचवड में अण्णासाहेब मगर स्टेडियम स्थित जम्बो कोविड हॉस्पिटल जल्द से जल्द शुरू किया जाए। निजी हॉस्पिटल में कोरोना मरीजों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षित बेड रखने की कार्रवाई की जाए। यह कहते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना का प्रकोप रोकने के लिए कोविड टीकाकरण पर जोर दिया जाएगा। जिले में टीकाकरण केंद्रों की संख्या 316 से बढ़ाकर 600 की जाएगी। वैक्सीन की आवश्यक मात्रा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
10वीं, 12वीं व एमपीएससी की परीक्षा पूर्व नियोजित समय पर होंगी। तथापि कोरोना के प्रकोप को रोकने की दृष्टि से कुछ उपाय योजना की जाएंगी। कक्षा 10वीं व 12वीं को छोड़कर स्कूल, महाविद्यालय 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे।
शादी समारोह 50 व्यक्तियों की उपस्थिति व अंतिम संस्कार 20 व्यक्तियों की उपस्थिति में ही किए जाएं। सार्वजनिक, राजनैतिक, निजी कार्यक्रमों पर प्रतिबंद रहेगा, इसके लिए जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी सहयोग करें।
सार्वजनिक उद्यान केवल सुबह ही शुरू रहेंगे। आगामी होली व अन्य त्यौहार समारोह घर में ही आयोजित किए जाएं। यह आह्वान उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने किया है।
कामागार मंत्री दिलीप वलसे-पाटिल ने कहा कि शहर सहित जिले के ग्रामीण भागों में कोरोना नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय योजना शुरू की जाए। ग्रामीण भाग में आवश्यक चिकित्सा सुविधा, सभी सुविधाओं सहित एंबूलेंस, संबंधित विभागों द्वारा पर्याप्त बेड उपलब्ध कराने के लिए योजना बनाई जानी चाहिए।
महापौर मुरलीधर मोहोल ने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का कड़ाई से कार्यान्वयन के साथ-साथ टीकाकरण को गति दी जानी चाहिए।
जनप्रतिनियों ने कहा कि जिले में शादी समारोह कम से कम संख्या में हों, सार्वजनिक जगहों पर नागरिकों की भीड़ रोकने के लिए प्रयास किए जाएं, प्रतिबंधों पर कड़क अमल किया जाए, स्वास्थ्य व्यवस्था अधिक सक्षम हो और बिस्तर (बेड) प्रबंधन सुचारू रखा जाए।
डॉ. डी. बी. कदम ने कोविड नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय योजना और टीकाकरण के बारे में जानकारी दी।
कलेक्टर डॉ. राजेश देशमुख ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति, घरेलू अलगाव, ऑक्सीजनयुक्त बेड पर मरीज, उपलब्ध बेड और प्रशासन द्वारा किए जा रहे उपायों के बारे में जानकारी दी।

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