अरूणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर द्वारा जानकारी
जरूरतमंदों को खाना वितरण करते हुए अरूणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर, साथ में उनके सहयोगी उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
मांजरी, मई (ह.ए. प्रतिनिधि)
कोरोना संकट के दौरान लॉकडाउन के कारण रोजंदारी पर काम करने वालों का रोजगार ही चला गया है। दो वक्त का पेटभर खाना उन्हें मिलना मुनासिब नहीं है। ऐसे कठिन समय में अरूणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था संलग्न नेहरू युवा केंद्र पुणे द्वारा ‘अपना भोजन अपने भाइयों के लिए’ पहल की शुरूआत की गई है। इस हेतु मांजरी, हड़पसर, परिसर की बस्तियां व सोसायटी के नागरिकों द्वारा घर की रसोई में चपाती व सब्जी इकट्ठा करके उसे पैकेट में भरकर पिछले पन्द्रह दिनों से एकत्रित करके जरूरतमंदों में बांटा जा रहा है। साथ ही संस्था घर के खाने के साथ पीने की पानी की बोतल भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल को नागरिकों से बहुत अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और कुछ घरों से हर दिन पैकेट्स उपलब्ध कराए जाते हैं। कुछ नागरिक अपने जन्मदिन के खर्चे को टालकर उन पैसों से संस्था के माध्यम से भोजन दान कर रहे हैं। उक्त पहल नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा अधिकारी यशवंत मानखेडकर के मार्गदर्शन में जारी है। यह जानकारी अरूणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर ने हमारे प्रतिनिधि को दी है।
‘अपना भोजन अपने भाइयों के लिए’ पहल को सफल बनाने के लिए संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर, अतुल रासकर, मीनाक्षी कुमकर, डॉ. शोभा पाटिल, प्रदीप मगर, कैलाश कुंजीर, रमेश उंद्रे, महेश गलगे, राहुल कुदले, विकास हिरुलकर, आदित्य घाडिगावकर, अमोल शिंगडगाव, अर्चना दूंगरवाल, शंकर बावकर, गोरख आड़ेकर, मसा जाधव व मधुकर कवडे अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मांजरी, मई (ह.ए. प्रतिनिधि)
कोरोना संकट के दौरान लॉकडाउन के कारण रोजंदारी पर काम करने वालों का रोजगार ही चला गया है। दो वक्त का पेटभर खाना उन्हें मिलना मुनासिब नहीं है। ऐसे कठिन समय में अरूणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था संलग्न नेहरू युवा केंद्र पुणे द्वारा ‘अपना भोजन अपने भाइयों के लिए’ पहल की शुरूआत की गई है। इस हेतु मांजरी, हड़पसर, परिसर की बस्तियां व सोसायटी के नागरिकों द्वारा घर की रसोई में चपाती व सब्जी इकट्ठा करके उसे पैकेट में भरकर पिछले पन्द्रह दिनों से एकत्रित करके जरूरतमंदों में बांटा जा रहा है। साथ ही संस्था घर के खाने के साथ पीने की पानी की बोतल भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल को नागरिकों से बहुत अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और कुछ घरों से हर दिन पैकेट्स उपलब्ध कराए जाते हैं। कुछ नागरिक अपने जन्मदिन के खर्चे को टालकर उन पैसों से संस्था के माध्यम से भोजन दान कर रहे हैं। उक्त पहल नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा अधिकारी यशवंत मानखेडकर के मार्गदर्शन में जारी है। यह जानकारी अरूणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर ने हमारे प्रतिनिधि को दी है।
‘अपना भोजन अपने भाइयों के लिए’ पहल को सफल बनाने के लिए संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर, अतुल रासकर, मीनाक्षी कुमकर, डॉ. शोभा पाटिल, प्रदीप मगर, कैलाश कुंजीर, रमेश उंद्रे, महेश गलगे, राहुल कुदले, विकास हिरुलकर, आदित्य घाडिगावकर, अमोल शिंगडगाव, अर्चना दूंगरवाल, शंकर बावकर, गोरख आड़ेकर, मसा जाधव व मधुकर कवडे अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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