पत्रकार गिरीश कुबेर द्वारा लिखित ‘रीनैसंस द स्टेट’ किताब पर सरकार द्वारा तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए, मांग का निवेदन निवासी जिलाधिकारी जयश्री कटारिया को प्रदान करते हुए संभाजी ब्रिगेड पुणे जिलाध्यक्ष शिवश्री उत्तम बापू कामठे, साथ में संभाजी ब्रिगेड के अन्य पदाधिकारीगण उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
हड़पसर, मई (ह.ए. प्रतिनिधि)
पत्रकार गिरीश कुबेर द्वारा लिखित ‘रीनैसंस द स्टेट’ किताब में छत्रपति संभाजी महाराज और मातोश्री सोयराबाई राणीसाहेब के बारे में आपत्तिजनक लेखन किया गया है, इसलिए इस किताब पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग संभाजी ब्रिगेड पुणे जिलाध्यक्ष शिवश्री उत्तम बापू कामठे ने महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से निवेदन द्वारा की है।
संभाजी ब्रिगेड पुणे जिलाध्यक्ष शिवश्री उत्तम बापू कामठे द्वारा दिया गया निवेदन पुणे की निवासी जिलाधिकारी जयश्री कटारिया ने स्वीकारा। इस अवसर पर जिला सचिव तेजश्री पवार, कार्याध्यक्ष धनंजय जाधव, कोषाध्यक्ष मारुती भाऊ काले, जिला संघटक तुषार भोसले, योगेश शिंदे व संभाजी ब्रिगेड के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
शिवश्री उत्तम बापू कामठे ने बताया कि गिरीश कुबेर नामक लेखक ने छत्रपति संभाजी महाराज और मातोश्री सोयराबाई राणीसाहेब के बारे में आपत्तिजनक लेखन ठशपरळीीरपलश डींरींश : ढहश णपुीळीींंशप ीीेीूं ेष ींहश चरज्ञळपस ेष चरहरीरीीींर नामक किताब में किया है। इस किताब पर तत्काल प्रतिबंध लगाना चाहिए, यह हमारी मुख्य मांग है। स्वराज्य के दूसरे छत्रपति संभाजी महाराज साहित्यिक थे। संस्कृत भाषा पर उनका प्रभुत्व था। छत्रपति संभाजी महाराज की बदनामी करके जानबूझकर दो समाजों के बीच दरार निर्माण करने की साजिश है। छत्रपति संभाजी महाराज के विरोध में अनाजीपंत ने जिस तरह से षड्यंत्र करके उन्हें तकलीफ देने की कोशिश की, उसी तरह से छत्रपति संभाजी महाराज का चरित्र हनन करने का काम आज भी कथा, कादंबरी, मालिका व किताबों में समय-समय पर किया जा रहा है, परंतु छत्रपति शिवाजी महाराज, छत्रपति संभाजी महाराज के विचारों के हम मावले हैं, हम छत्रपति की बदनामी सहन नहीं करेंगे। यह किताब निकट भविष्य में महाराष्ट्र के लिए अस्थिरता का खतरा पैदा कर सकती है। कुबेर का लेखन महाराष्ट्रवासियों को शर्मसार करेगा। हम सभी इतिहास शोधकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है, इसलिए मैं आपसे नम्र अनुरोध करता हूं कि ‘रीनैसंस द स्टेट’ नामक किताब पर पूरे देश में हमेशा के लिए पाबंदी लगाई जाए, साथ ही बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध इन सभी किताबों को सरकार अपने कब्जे में ले ले। जब तक लेखक गिरीश कुबेर व प्रकाशक हार्पर कॉलिंस किताब में से विवादास्पद पाठ निकाल नहीं देते तब तक महाराष्ट्र सरकार को सभी वितरकों को इस किताब को शासन के पास जमा करने का आदेश देना चाहिए। कुबेर एक दैनिक के संपादक हैं। छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में अज्ञानता से लेखन करेंगे, ऐसा लगता नहीं, इसलिए कुबेर की किताब में छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में ऐसा आपत्तिजनक लिखेंगे, इसके पीछे उनका उद्देश्य क्या है? इसकी भी जांच होनी चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि आपके द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे पर जल्द से जल्द ध्यान देकर उचित कानूनी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। सरकार को इस किताब पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए अन्यथा लेखक गिरीश कुबेर और प्रकाशक हार्पर कोलिन्स के खिलाफ शिकायत दर्ज करेंगे और राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे। यह चेतावनी संभाजी ब्रिगेड पुणे जिलाध्यक्ष शिवश्री उत्तम बापू कामठे ने दी है।
हड़पसर, मई (ह.ए. प्रतिनिधि)
पत्रकार गिरीश कुबेर द्वारा लिखित ‘रीनैसंस द स्टेट’ किताब में छत्रपति संभाजी महाराज और मातोश्री सोयराबाई राणीसाहेब के बारे में आपत्तिजनक लेखन किया गया है, इसलिए इस किताब पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग संभाजी ब्रिगेड पुणे जिलाध्यक्ष शिवश्री उत्तम बापू कामठे ने महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से निवेदन द्वारा की है।
संभाजी ब्रिगेड पुणे जिलाध्यक्ष शिवश्री उत्तम बापू कामठे द्वारा दिया गया निवेदन पुणे की निवासी जिलाधिकारी जयश्री कटारिया ने स्वीकारा। इस अवसर पर जिला सचिव तेजश्री पवार, कार्याध्यक्ष धनंजय जाधव, कोषाध्यक्ष मारुती भाऊ काले, जिला संघटक तुषार भोसले, योगेश शिंदे व संभाजी ब्रिगेड के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
शिवश्री उत्तम बापू कामठे ने बताया कि गिरीश कुबेर नामक लेखक ने छत्रपति संभाजी महाराज और मातोश्री सोयराबाई राणीसाहेब के बारे में आपत्तिजनक लेखन ठशपरळीीरपलश डींरींश : ढहश णपुीळीींंशप ीीेीूं ेष ींहश चरज्ञळपस ेष चरहरीरीीींर नामक किताब में किया है। इस किताब पर तत्काल प्रतिबंध लगाना चाहिए, यह हमारी मुख्य मांग है। स्वराज्य के दूसरे छत्रपति संभाजी महाराज साहित्यिक थे। संस्कृत भाषा पर उनका प्रभुत्व था। छत्रपति संभाजी महाराज की बदनामी करके जानबूझकर दो समाजों के बीच दरार निर्माण करने की साजिश है। छत्रपति संभाजी महाराज के विरोध में अनाजीपंत ने जिस तरह से षड्यंत्र करके उन्हें तकलीफ देने की कोशिश की, उसी तरह से छत्रपति संभाजी महाराज का चरित्र हनन करने का काम आज भी कथा, कादंबरी, मालिका व किताबों में समय-समय पर किया जा रहा है, परंतु छत्रपति शिवाजी महाराज, छत्रपति संभाजी महाराज के विचारों के हम मावले हैं, हम छत्रपति की बदनामी सहन नहीं करेंगे। यह किताब निकट भविष्य में महाराष्ट्र के लिए अस्थिरता का खतरा पैदा कर सकती है। कुबेर का लेखन महाराष्ट्रवासियों को शर्मसार करेगा। हम सभी इतिहास शोधकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है, इसलिए मैं आपसे नम्र अनुरोध करता हूं कि ‘रीनैसंस द स्टेट’ नामक किताब पर पूरे देश में हमेशा के लिए पाबंदी लगाई जाए, साथ ही बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध इन सभी किताबों को सरकार अपने कब्जे में ले ले। जब तक लेखक गिरीश कुबेर व प्रकाशक हार्पर कॉलिंस किताब में से विवादास्पद पाठ निकाल नहीं देते तब तक महाराष्ट्र सरकार को सभी वितरकों को इस किताब को शासन के पास जमा करने का आदेश देना चाहिए। कुबेर एक दैनिक के संपादक हैं। छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में अज्ञानता से लेखन करेंगे, ऐसा लगता नहीं, इसलिए कुबेर की किताब में छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में ऐसा आपत्तिजनक लिखेंगे, इसके पीछे उनका उद्देश्य क्या है? इसकी भी जांच होनी चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि आपके द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे पर जल्द से जल्द ध्यान देकर उचित कानूनी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। सरकार को इस किताब पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए अन्यथा लेखक गिरीश कुबेर और प्रकाशक हार्पर कोलिन्स के खिलाफ शिकायत दर्ज करेंगे और राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे। यह चेतावनी संभाजी ब्रिगेड पुणे जिलाध्यक्ष शिवश्री उत्तम बापू कामठे ने दी है।

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