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लाइसेंसधारी 27 हजार 539 रिक्शाचालकों के खाते में अनुदान जमा : प्रादेशिक परिवहन अधिकारी डॉ. अजीत शिंदे द्वारा जानकारी

-राज्य में अनुग्रह अनुदान योजना में पुणे जिला अग्रणी
-48 हजार 134 रिक्शा लाइसेंसधारकों को सानुग्रह अनुदान स्वीकृत
-परिवहन विभाग द्वारा एक ऑनलाइन प्रणाली विकसित

पुणे, जून (जिमाका)

जिले में रिक्शा लाइसेंसधारी प्रत्येक को 1 हजार 500 रुपये के हिसाब से सानुग्रह अनुदान योजना के लिए 55 हजार 897 प्राप्त आवेदनों में से 48 हजार 134 रिक्शा लाइसेंसधारकों को सानुग्रह अनुदान मंजूर किया गया है। 27 हजार 539 रिक्शा लाइसेंस धारकों के खाते में अनुदान जमा कर दिया गया है। यह जानकारी प्रादेशिक परिवहन अधिकारी डॉ. अजीत शिंदे द्वारा दी गई है। सानुग्रह अनुदान योजना में अधिकांश लाभार्थियों को लाभ प्रदान करने में पुणे जिले ने अग्रणी भूमिका  निभाई है।
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए शासन ने पाबंदी लगाई है, जिसके कारण शासन ने राज्य के रिक्शाचालकों को (प्रत्येक को) 1500 रुपये सानुग्रह अनुदान देने का निर्णय लिया है। पुणे जिले के रिक्शाचालकों के खाते में अनुदान जमा होने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लॉकडाउन कालावधि में ऑनलाइन पद्धति से रिक्शाचालकों के खाते में सीधे रकम जमा होने से रिक्शाचालकों को आर्थिक आधार प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार व परिवहन मंत्री अनिल परब ने रिक्शाचालकों को आर्थिक आधार देने के लिए सानुग्रह अनुदान योजना शुरू की है। परिवहन विभाग द्वारा एक ऑनलाइन प्रणाली विकसित की गई है। 22 मई 2021 से लाइसेंसधारी रिक्शाचालकों को ऑनलाइन पद्धति से आवेदन करने के लिए कहा गया था। इसमें पुणे जिले में पुणे प्रादेशिक परिवहन कार्यालय के अंतर्गत 72 हजार, पिंपरी चिंचवड 19 हजार 793 और बारामती उपप्रादेशिक परिवहन कार्यालय के अंतर्गत एक हजार 839 रिक्शा लाइसेंसधारक हैं, इनमें से पुणे से 36 हजार 952, पिंपरी चिंचवड से 10 हजार 282 और बारामती से 930 आवेदन मंजूर किए गए।   पुणे में 4 हजार 610, पिंपरी चिंचवड में 2 हजार 593, बारामती में 266 आवेदन त्रुटि के कारण अस्वीकार किए गए। पुणे में 20 हजार 978, पिंपरी चिंचवड में 6 हजार 125 व बारामती में 436 कुल 27 हजार 539 रिक्शा लाइसेंसधारकों के खाते में सीधे अनुदान जमा कर दिया गया है। गौरतलब है कि अनुदान स्वीकृति के लिए कोई आवेदन लंबित नहीं है।

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