वाघोली, जून (ह.ए. प्रतिनिधि)
आज 14 जून ‘विश्व रक्तदाता दिन’ के अवसर पर धर्मेंद्र सातव के नेतृत्व में प्रहार संघटन द्वारा वाघोली स्थित केसनंद फाटा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 27 लोगों ने रक्तदान किया। इस अवसर पर शिरूर-हवेली के लोकप्रिय विधायक अशोक बापू पवार प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इनके द्वारा सभी रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
विधायक श्री पवार ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि धर्मेंद्र सातव स्वयं दिव्यांग हैं और उन्होंने इस कोरोना काल में बढ़ती हुई मरीजों की संख्या और रक्त की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए दो बार रक्तदान शिविर का आयोजन कर सरकारी अस्पतालों को रक्त की आपूर्ति की, जो काबिले तारीफ है। रक्तदान करना पुण्य का काम है। दोनों ही रक्तदान शिविरों में मुझे आने का अवसर मिला।
आज 14 जून ‘विश्व रक्तदाता दिन’ के अवसर पर धर्मेंद्र सातव के नेतृत्व में प्रहार संघटन द्वारा वाघोली स्थित केसनंद फाटा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 27 लोगों ने रक्तदान किया। इस अवसर पर शिरूर-हवेली के लोकप्रिय विधायक अशोक बापू पवार प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इनके द्वारा सभी रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
विधायक श्री पवार ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि धर्मेंद्र सातव स्वयं दिव्यांग हैं और उन्होंने इस कोरोना काल में बढ़ती हुई मरीजों की संख्या और रक्त की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए दो बार रक्तदान शिविर का आयोजन कर सरकारी अस्पतालों को रक्त की आपूर्ति की, जो काबिले तारीफ है। रक्तदान करना पुण्य का काम है। दोनों ही रक्तदान शिविरों में मुझे आने का अवसर मिला।
रक्तदान शिविर को सफल बनाने के लिए ससून जिला रुग्णालय रक्तपेढी विभाग ने सहयोग प्रदान किया। ससून रक्तपेढी के किरन ठाकरे ने इस कोरोना महामारी में दो बार रक्तदान शिविर का आयोजन कर रक्त आपूर्ति करने के लिए धर्मेंद्र सातव का आभार माना।
रक्तदान शिविर में सुरेश बापू सातव, पूर्व पंचायत समिति सदस्य हवेली धर्मेन्द्र सातव, ज्ञानदेव मेहेत्रे. शकंर काका सातव, बालासाहेब कालभोर, सुप्रिया लोखंडे, अनीता कांबले, बापू कोकरे, दादा कालोखे, हरि सूर्यवंशी, नंदू कोलेकर, अब्दुल पठाण, दत्ता बहिरट, कैलाश कुसालकर और मुक्तेश्वर खैरनार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
रक्तदान शिविर में सुरेश बापू सातव, पूर्व पंचायत समिति सदस्य हवेली धर्मेन्द्र सातव, ज्ञानदेव मेहेत्रे. शकंर काका सातव, बालासाहेब कालभोर, सुप्रिया लोखंडे, अनीता कांबले, बापू कोकरे, दादा कालोखे, हरि सूर्यवंशी, नंदू कोलेकर, अब्दुल पठाण, दत्ता बहिरट, कैलाश कुसालकर और मुक्तेश्वर खैरनार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।


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