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हमारी संस्कृति है लोक कलाकारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना : वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बालकृष्ण कदम

पठ्ठेबापूराव प्रतिष्ठान व शिवसमर्थ संस्था द्वारा लोक कलाकारों को अनाज और सब्जियों का किया गया वितरण
पठ्ठेबापूराव प्रतिष्ठान व शिवसमर्थ संस्था की ओर से वरिष्ठ कलाकार कांताबाई सातारकर व रुक्मिणीबाई खुटेगावकर की याद में लोक कलाकारों को 500 किलो अनाज व 250 किलो सब्ज़ियों का वितरण किया गया है।
हड़पसर, जून (ह.ए. प्रतिनिधि)

लोककला के क्षेत्र में काम करनेवाले कलाकार न केवल लोक गीतकार हैं बल्कि ज्ञानोदय में भी अग्रणी व पथदर्शी हैं। उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हमारी संस्कृति है। ऐसी विपत्तिपूर्ण परिस्थिति में उनके साथ खड़ा होना हमारा कर्तव्य है। इन शब्दों में हड़पसर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बालकृष्ण कदम ने लोक कलाकारों का सम्मान किया। 
पठ्ठेबापूराव प्रतिष्ठान व शिवसमर्थ संस्था की ओर से लोककला के क्षेत्र में कार्यरत लावणी, शाहीरी, जागरण गोंधल, कव्वाली आदि क्षेत्र में काम करनेवाले लोक कलाकारों के लिए 500 किलो अनाज व 250 किलो सब्ज़ियों का वितरण हड़पसर स्थित विट्ठल तुपे पाटिल नाट्यगृह में किया गया, तब वे बोल रहे थे। हाल ही में निधन हुए वरिष्ठ कलाकार कांताबाई सातारकर व रुक्मिणीबाई खुटेगावकर की याद में कलाकारों को अनाज व सब्ज़ियों का वितरण किया गया है। इस अवसर पर यहां हड़पसर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (अपराध) राजू अडागले, विभागीय स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश भेंडे, वैद्यकीय अधिकारी स्नेहल काले, पठ्ठेबापूराव प्रतिष्ठान के संस्थापक जयप्रकाश वाघमारे, रामदास खोमणे, शिवसमर्थ संस्था की प्रमुख मनीषा दीपक वाघमारे, डॉ.शंतनू जगदाले, मित्रावरुण झांबरे, बापू जगताप, संदीप घुले, विठ्ठल कवितके के साथ अन्य अतिथिगण उपस्थित थे। लोक कलाकारों के प्रतिनिधि के रूप में मीरा दलवी, अमर पुणेकर, पप्पू बंड, कविता बंड, अनिल गोंदकर, विजय तावरे, दत्ता शिंदे व अनिल शिंदे उपस्थित थे।
कोरोना संकट के दौरान कई कलाकार और बैकस्टेज कलाकारों पर भूखे पेट रहने का समय आ गया है। गांव के मेलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के बंद होने से लोक कला कमजोर हो गई है। ऐसे समय में समाज की कई सामाजिक संस्थाएं विभिन्न माध्यमों से कलाकारों के प्रति अपने प्रेम का प्रसार कर रही हैं। इनके प्रति हम कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। साथ ही हमारे सभी लोक कलाकारों की ओर से हम आपका आभार मानते हैं। यह भावना लोक कलाकारों की ओर से लोक कलाकारों के प्रतिनिधियों ने व्यक्त की है।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक पठ्ठेबापूराव प्रतिष्ठान के संस्थापक जयप्रकाश वाघमारे ने किया।  सूत्र-संचालन डॉ. शंतनू जगदाले और आभार प्रदर्शन मित्रावरूण झांबरे ने किया।

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