गंगा-तारा वृद्धाश्रम की संस्थापिका एवं समाजसेविका नीता भोसले द्वारा जानकारी
मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए 51 हजार रुपयों का धनादेश शिवसेना महिला आघाडी की सहसंपर्क संघटिका कीर्ति फाटक को सौंपते हुए जितेंद्र वैद्य, साथ में गंगातारा वृद्धाश्रम की संस्थापिका अध्यक्षा नीता भोसले, साहेबराव भोसले व अन्य उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
हड़पसर, जून (ह.ए. प्रतिनिधि)
अनिवासी भारतीय जितेंद्र वैद्य ने कोरोना संक्रमण के कठिन समय में मुख्यमंत्री सहायता कोष में 51 हजार रुपयों की निधि दी है।
पिछले एक साल से कोरोना महामारी कहर बरपा रही है। लड़के-लड़कियां और रिश्तेदार कोरोना पीड़ितों से दूर हो गए। बच्चे आग देने के लिए पास भी नहीं आ रहे हैं न ही अस्थियां लेने के लिए बच्चे और रिश्तेदार आगे आ रहे हैं, ऐसी परिस्थिति निर्माण हो गई है, लेकिन इससे अनिवासी भारतीय जितेंद्र वैद्य अपवाद हैं। जितेंद्र वैद्य को अपने माता-पिता कोरोना पीड़ित हुए हैं, यह खबर पता लगते ही वे तुरंत पुणे शहर आ गए और पिछले दो महीनों से उनकी सेवा की। अपने माता-पिता जो कोरोना पीड़ित थे उन दोनों को कोरोना से मुक्त करवाया। साथ ही उन्होंने हमारे वडकीगांव स्थित गंगा-तारा वृद्धाश्रम को भेट देकर मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए 51 हजार रुपयों की निधि दी। यह जानकारी गंगा-तारा वृद्धाश्रम की संस्थापिका एवं समाजसेविका नीता भोसले ने दी है।
वडकी (ता. हवेली) के गंगातारा वृद्धाश्रम में इंजीनियर मराठी लेखक जितेंद्र वैद्य ने ‘इंतुजींची खाबूगिरी आणि भटजीगिरी’ नामक किताब की बिक्री से मिले 51 हजार रुपये मुख्यमंत्री सहायता कोष को दिये। पुणे-बारामती लोकसभा मतदार संघ शिवसेना महिला आघाडी की सहसंपर्क संघटिका कीर्ति फाटक के पास 51 हजार रुपयों का धनादेश सुपूर्द किया। इस अवसर पर यहां सूर्यकांत वैद्य, बारती वैद्य, पुणे शहर संघटिका सविता मते, नगरसेविका संगीता ठोसर, खडकवासला विधानसभा क्षेत्र संघटिका सरोज कार्वेकर, संघटिका मनीषा कुलकर्णी, गंगातारा वृद्धाश्रम की संस्थापिका अध्यक्षा नीता भोसले, एडवोकेट लक्ष्मी माने, साहेबराव भोसले, अनिकेत सोमण, प्रशांत ठोसर, संकेत मते, दीपक कामठे, वरिष्ठ पत्रकार अशोक बालगुडे आदि उपस्थित थे।
हड़पसर, जून (ह.ए. प्रतिनिधि)
अनिवासी भारतीय जितेंद्र वैद्य ने कोरोना संक्रमण के कठिन समय में मुख्यमंत्री सहायता कोष में 51 हजार रुपयों की निधि दी है।
पिछले एक साल से कोरोना महामारी कहर बरपा रही है। लड़के-लड़कियां और रिश्तेदार कोरोना पीड़ितों से दूर हो गए। बच्चे आग देने के लिए पास भी नहीं आ रहे हैं न ही अस्थियां लेने के लिए बच्चे और रिश्तेदार आगे आ रहे हैं, ऐसी परिस्थिति निर्माण हो गई है, लेकिन इससे अनिवासी भारतीय जितेंद्र वैद्य अपवाद हैं। जितेंद्र वैद्य को अपने माता-पिता कोरोना पीड़ित हुए हैं, यह खबर पता लगते ही वे तुरंत पुणे शहर आ गए और पिछले दो महीनों से उनकी सेवा की। अपने माता-पिता जो कोरोना पीड़ित थे उन दोनों को कोरोना से मुक्त करवाया। साथ ही उन्होंने हमारे वडकीगांव स्थित गंगा-तारा वृद्धाश्रम को भेट देकर मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए 51 हजार रुपयों की निधि दी। यह जानकारी गंगा-तारा वृद्धाश्रम की संस्थापिका एवं समाजसेविका नीता भोसले ने दी है।
वडकी (ता. हवेली) के गंगातारा वृद्धाश्रम में इंजीनियर मराठी लेखक जितेंद्र वैद्य ने ‘इंतुजींची खाबूगिरी आणि भटजीगिरी’ नामक किताब की बिक्री से मिले 51 हजार रुपये मुख्यमंत्री सहायता कोष को दिये। पुणे-बारामती लोकसभा मतदार संघ शिवसेना महिला आघाडी की सहसंपर्क संघटिका कीर्ति फाटक के पास 51 हजार रुपयों का धनादेश सुपूर्द किया। इस अवसर पर यहां सूर्यकांत वैद्य, बारती वैद्य, पुणे शहर संघटिका सविता मते, नगरसेविका संगीता ठोसर, खडकवासला विधानसभा क्षेत्र संघटिका सरोज कार्वेकर, संघटिका मनीषा कुलकर्णी, गंगातारा वृद्धाश्रम की संस्थापिका अध्यक्षा नीता भोसले, एडवोकेट लक्ष्मी माने, साहेबराव भोसले, अनिकेत सोमण, प्रशांत ठोसर, संकेत मते, दीपक कामठे, वरिष्ठ पत्रकार अशोक बालगुडे आदि उपस्थित थे।

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