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महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय तटरक्षक के राहत और बचाव प्रयास

 मुख्य बातें :

  • -आईसीजी ने प्रभावित क्षेत्रों में अपने संसाधनों की तैनाती की
  • -215 मूल्यवान जिंदगियां बचाई
  • -आईसीजी की टीमों ने फंसे लोगों को राहत सामग्री प्रदान की
  • और अधिक बचाव दल और विमान स्टैंडबाय पर

भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) ने महाराष्ट्रगोवा और कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में नागरिक अधिकारियों की सहायता के लिए अपने संसाधनों को तैनात किया है। आईसीजी ने आपदा राहत दल (डीआरटी) को फुलाई जा सकने वाली जेमिनी नाव और जीवन रक्षक गियर के साथ प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है। विशेष रूप से महाराष्ट्र के चिपलून और महाड जिलों और कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के उमलिजूगखड़गेजूगबोडजुग द्वीप और किन्नर गांव में पानी की बाढ़ के कारण जहां पहुंचना मुश्किल हो गया था वहां डीआरटी पहुंच गई। टीमों ने फंसे हुए लोगों को निकाला और राहत सामग्री मुहैया कराई।

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गोवा में आईसीजी विमानों ने गंजम बांधउसगांव और कोडली क्षेत्रों का हवाई मूल्यांकन किया। एक आईसीजी हेलीकॉप्टर ने फंसे हुए लोगों के लिए भोजन के पैकेट और पीने के पानी सहित लगभग 100 किलोग्राम राहत सामग्री गिराई।

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राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमोंराहत सामग्री और प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों को सुगम बनाने के लिए रत्नागिरी में आईसीजी एयर स्टेशन की सेवाओं को भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के विमानों को भी प्रदान किया जा रहा है।

दिनांक 25 जुलाई, 2021 तक आईसीजी ने इन तीन राज्यों में 215 लोगों की मूल्यवान जान बचाई है। आईसीजी डीआरटीजहाज और विमान जरूरत पड़ने पर तत्काल तैनाती के लिए स्टैंडबाय पर हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ करीबी समन्वय बना कर रखा जा रहा है ।

भारतीय सेनाभारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना भी तीनों राज्यों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में नागरिक प्रशासन और राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को सहायता प्रदान कर रही है।

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