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एक हजार किलो खाद का केक काटकर मनाया गया पेड़-पौधों का तीसरा जन्मदिन

तुकाईटेकडी पर गुरु सेवा प्रतिष्ठान व मानवी युवा विकास संस्था द्वारा संयुक्त रूप से पेड़ के जन्मदिन के अवसर पर एक हजार किलो खाद का केक काटते हुए सांसद डॉ. अमोल कोल्हे व विधायक चेतन तुपे, साथ में नगरसेवक योगेश ससाने, गणेश ढोरे, डॉ. शंतनु जगदाले, संजय हरपले, अमोल हरपले व अन्य उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
फुरसुंगी, जुलाई (ह.ए. प्रतिनिधि)

पर्यावरण की देखभाल करना समय की जरूरत है। बहुत से लोग सिर्फ फोटो और खबरों के लिए पेड़ लगाते हैं। हालांकि तुकाईटेकडी लेन 8 के निवासियों ने पेड़ लगाकर प्रकृति की सुंदरता में चार चांद लगा दिए हैं। पहाड़ी की पथरीली जमीन पर पेड़ लगाकर उनकी सिंचाई करने का प्रयास दूसरों के लिए प्रेरणादायी है। यह विचार सांसद डॉ. अमोल कोल्हे ने व्यक्त किए।
फुरसुंगी तुकाईटेकडी के गुरु सेवा प्रतिष्ठान व मानवी युवा विकास संस्था द्वारा संयुक्त रूप से तुकाईटेकडी के निवासियों द्वारा लगाए गए पौधों का एक हजार किलो खाद का केक सांसद डॉ. अमोल कोल्हे और विधायक चेतन तुपे के शुभ हाथों काटकर तीसरा जन्मदिन मनाया गया, तब वे बोल रहे थे। यहां नगरसेवक योगेश ससाने, हड़पसर प्रभाग समिति के अध्यक्ष गणेश ढोरे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के हड़पसर विधानसभा चुनाव क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. शंतनु जगदाले, कांग्रेस पार्टी के युवा नेता संजय हरपले, जिला नियोजन समिति सदस्य अमोल हरपले, प्रवीण कामठे, गुरु सेवा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष संदीप जगताप, मानवी युवा विकास संस्था के प्रमुख दिगंबर माने, स्थानिक निवासी नारायण जगताप, पी. एस. इंदलकर, महेश शेटे, हेमंत राजपुरे, युवराज पाटिल, अनिल जगताप, जितेंद्र लवांडे, धोंडिबा मेमाणे, संजय गरुड, संजय निकम, अनिल कदम, प्रदीप जगताप, रेवणनाथ निकम आदि उपस्थित थे।
तुकाईटेकडी लेन नंबर 8 के पहाड़ी की तलहटी में रहनेवाले निवासी एक साथ आए और पहाड़ी पर अतिक्रमण न हो इसलिए पिछले 3 सालों से 300 पेड़ लगाए हैं। प्रत्येक पेड़ को जन्मदिन पर गुब्बारों से सजाया गया था। पेड़ रंगोली से ढके हुए थे और प्रत्येक पेड़ खाद के केक से भर गया था।
स्थानीय निवासी प्रदीप जगताप ने बताया कि पिछले 3 सालों से हम सब एक साथ आ रहे हैं और पेड़-पौधे लगा रहे हैं। पेड़ों को उगाने के लिए, निवासियों ने स्वयं खर्चे से पाइप लाइन के माध्यम से सिंचाई की है, इसलिए पेड़ बढ़ रहे हैं, यह सब स्थानीय वृक्ष प्रेमियों द्वारा संभव हो पा रहा है। 

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