जरूरतमंद छात्र को स्कूल साहित्य प्रदान करते हुए समाजसेवक हरिभाऊ काले उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
मांजरी, जुलाई (ह.ए. प्रतिनिधि)
समाजसेवक हरिभाऊ काले की ओर से जरूरतमंद छात्रों को अध्ययन करने में कोई विघ्न न आए इसलिए स्कूल की जरूरी चीजों की आपूर्ति व शिक्षा ग्रहण करने के लिए दुविधा न हो इस हेतु मदद की गई है। कोरोना संक्रमण के इस कठिन समय में उनके द्वारा उठाया गया यह विधायक कदम सही मायने में प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है।
संत श्रेष्ठ संत गाडगेबाबा के कार्य से प्रेरित होकर पिछले 25 सालों से वे सामाजिक कार्य में कार्यरत हैं। कोरोना संक्रमण का गहरा प्रभाव आम आदमी पर हुआ है, इस संकट ने अनेक परिवारों की नौकरी व रोजगार ले लिया है और अब उन पर भुखमरी का समय आ गया है। ऐसे परिवारों को राशन किट वे देते आ रहे हैं, साथ ही इस बार उन्होंने छात्रों को अध्ययन करने में कोई भी दुविधा न हो इस हेतु स्कूल की चीजें देकर राहत देने में अहम भूमिका निभाई है।
समाजसेवक हरिभाऊ काले ने इस बारे में हमारे प्रतिनिधि को बताया कि संत गाडगेबाबा की शिक्षा के अनुसार गरीब बच्चों की शिक्षा में मदद करें, भूखे को भोजन कराएं, इसलिए कुछ परिवारों को सामाजिक कर्तव्य के रूप में मदद कर रहा हूं। अन्य समाजसेवकों ने भी इसमें अपना योगदान दिया तो निश्चित ही हर जरूरतमंद छात्र को अध्ययन करने में किसी भी प्रकार की तकलीफ का सामना करना नहीं पड़ेगा।
मांजरी, जुलाई (ह.ए. प्रतिनिधि)
समाजसेवक हरिभाऊ काले की ओर से जरूरतमंद छात्रों को अध्ययन करने में कोई विघ्न न आए इसलिए स्कूल की जरूरी चीजों की आपूर्ति व शिक्षा ग्रहण करने के लिए दुविधा न हो इस हेतु मदद की गई है। कोरोना संक्रमण के इस कठिन समय में उनके द्वारा उठाया गया यह विधायक कदम सही मायने में प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है।
संत श्रेष्ठ संत गाडगेबाबा के कार्य से प्रेरित होकर पिछले 25 सालों से वे सामाजिक कार्य में कार्यरत हैं। कोरोना संक्रमण का गहरा प्रभाव आम आदमी पर हुआ है, इस संकट ने अनेक परिवारों की नौकरी व रोजगार ले लिया है और अब उन पर भुखमरी का समय आ गया है। ऐसे परिवारों को राशन किट वे देते आ रहे हैं, साथ ही इस बार उन्होंने छात्रों को अध्ययन करने में कोई भी दुविधा न हो इस हेतु स्कूल की चीजें देकर राहत देने में अहम भूमिका निभाई है।
समाजसेवक हरिभाऊ काले ने इस बारे में हमारे प्रतिनिधि को बताया कि संत गाडगेबाबा की शिक्षा के अनुसार गरीब बच्चों की शिक्षा में मदद करें, भूखे को भोजन कराएं, इसलिए कुछ परिवारों को सामाजिक कर्तव्य के रूप में मदद कर रहा हूं। अन्य समाजसेवकों ने भी इसमें अपना योगदान दिया तो निश्चित ही हर जरूरतमंद छात्र को अध्ययन करने में किसी भी प्रकार की तकलीफ का सामना करना नहीं पड़ेगा।

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