भारतीय जनता पार्टी वैद्यकीय आघाडी के शिष्टमंडल ने लगाई राज्यपाल से गुहार
राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी को मांगों का निवेदन देते हुए भाजपा वैद्यकीय आघाडी के प्रदेश संयोजक डॉ. अजीत गोपछडे व प्रदेश सहसंयोजक डॉ. बालासाहेब हरपले, आयुर्वेदिक विंग संयोजक डॉ. उज्ज्वला हाके, प्रदेश समन्वयक डॉ. स्वप्निल मंत्री, कोकण संयोजक डॉ. राहुल कुलकर्णी व डेंटल विंग संयोजक डॉ. गोविंद भताने उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
हड़पसर, जुलाई (ह.ए. प्रतिनिधि)
महाराष्ट्र राज्य के चिकित्सा क्षेत्र को विभिन्न मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी वैद्यकीय आघाडी के शिष्टमंडल ने भाजपा वैद्यकीय आघाडी के प्रदेश संयोजक डॉ. अजीत गोपछडे व प्रदेश सहसंयोजक डॉ. बालासाहेब हरपले के नेतृत्व में महाराष्ट्र राज्य के राज्यपाल महामहिम भगतसिंह कोश्यारी से मिलकर उन्हें अपनी मांगों का निवेदन दिया। इस अवसर पर यहां प्रदेश समन्वयक डॉ. स्वप्निल मंत्री, कोकण संयोजक डॉ. राहुल कुलकर्णी, आयुर्वेदिक विंग संयोजक डॉ. उज्ज्वला हाके व डेंटल विंग संयोजक डॉ. गोविंद भताने उपस्थित थे।
डॉ.अजीत गोपछडे और डॉ. बालासाहेब हरपले ने इस बारे में बताया कि हाल ही में हमारे वैद्यकीय आघाडी के शिष्टमंडल ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिलकर चिकित्सा क्षेत्रों की समस्याओं से अवगत कराया। जो इस प्रकार हैं- महाराष्ट्र में 950 बीएएमएस चिकित्सा अधिकारियों को हटाकर उनकी जगह पर बंधपत्रित डॉक्टरों को लिया जा रहा है, जिसके कारण इन बीएएमएस डॉक्टरों पर अन्याय हो रहा है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा आयोजित स्वास्थ्य भर्ती में सभी जिला और तालुकास्तर पर डेंटल सर्जन के पद भरे जाने चाहिए। कोरोना काल में सेवारत बीएएमएस संविदा चिकित्सकों को सरकारी सेवा में स्थान दिया जाए। चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख ने मेडिकल छात्रों में से 5200 डॉक्टर और 15000 नर्स उपलब्ध कराने की घोषणा की हालाँकि यह निर्णय केवल मेडिकल छात्रों के लिए इंटर्नशिप तक ही सीमित है। इंटर्नशिप के बाद प्रशिक्षित हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में सेवाएं देने के लिए बाध्य होनेवाले राज्य के उन 2900 डॉक्टरों पर निर्णय कब लिया जाएगा? कोरोना काल में सेवा देनेवाले डेंटल सर्जन को किसी प्रकार की बीमा सुरक्षा नहीं दी गई थी, साथ ही उन्हें दिया जानेवाला मानदेय अन्य चिकित्सा अधिकारियों के मानदेय से आधा है, उसमें बढ़ोतरी की जानी जाए। प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सभी ग्रामीण अस्पतालों में एक दंत चिकित्सक की नियुक्ति हो जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मुंह की समस्याओं का इलाज आसान हो सके और दंत चिकित्सकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकें। एमडीएस प्रवेश प्रक्रिया पिछले सात माह से स्थगित है जिससे देशभर में 30,000 से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। हम आपसे अनुरोध करते है कि इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए केंद्रीय स्तर पर हमारी मदद करें। शहीद कोरोना योद्धाओं के वारिसों को अब तक बीमा राशि नहीं मिली है, हमें इन कोरोना योद्धाओं की मरणोपरांत अवहेलना को रोकने में मदद करनी चाहिए। महाराष्ट्र में टीकाकरण में हो रही कालाबाजारी और फर्जीवाड़े की जांच होनी चाहिए।
महाराष्ट्र में सभी स्कूल और कॉलेज शुरू होनेवाले हैं, हम अनुरोध करते हैं कि सभी छात्रों को पहले टीका लगाया जाए, इसके लिए आपको कोशिश करनी चाहिए, साथ ही हमें ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन करें। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को चिकित्सा शिक्षा के संदर्भ में विभिन्न कारणों से शुरू किया गया था अब इस संबंध में सभी प्रक्रियाएं और अधिकार विश्वविद्यालय को बहाल किए जाने चाहिए। अनुरोध है कि उसे अपना काम करने दें, अपने मूल इरादों की अवहेलना करना बंद करें।
डॉक्टरों और नर्सों की नियुक्तियां व तबादला, चिकित्सा उपकरणों की खरीदी आदि सभी मामले सुचारू होने चाहिए। महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रबंधन में त्रुटि अहम कारण है व इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और उचित प्रबंधन के साथ स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है इस हेतु आप हमारी मदद करें। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाडी, पाडा स्वास्थ्य सेवक, प्रशिक्षण व सहायक उपकेंद्र आदि उपाययोजना करने से सरकार व लोगों का कुल स्वास्थ्य विषयक का खर्च कम होगा व ग्रामीण भाग को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होगी। महाराष्ट्र में निजी टीकाकरण में बड़ी संख्या में फर्जी टीकाकरण शुरू है, उसमें महाविकास आघाडी के नेता बड़ी संख्या में शामिल हैं, उन पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने आश्वासन दिया कि उपरोक्त सभी मांगों और समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे।
हड़पसर, जुलाई (ह.ए. प्रतिनिधि)
महाराष्ट्र राज्य के चिकित्सा क्षेत्र को विभिन्न मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी वैद्यकीय आघाडी के शिष्टमंडल ने भाजपा वैद्यकीय आघाडी के प्रदेश संयोजक डॉ. अजीत गोपछडे व प्रदेश सहसंयोजक डॉ. बालासाहेब हरपले के नेतृत्व में महाराष्ट्र राज्य के राज्यपाल महामहिम भगतसिंह कोश्यारी से मिलकर उन्हें अपनी मांगों का निवेदन दिया। इस अवसर पर यहां प्रदेश समन्वयक डॉ. स्वप्निल मंत्री, कोकण संयोजक डॉ. राहुल कुलकर्णी, आयुर्वेदिक विंग संयोजक डॉ. उज्ज्वला हाके व डेंटल विंग संयोजक डॉ. गोविंद भताने उपस्थित थे।
डॉ.अजीत गोपछडे और डॉ. बालासाहेब हरपले ने इस बारे में बताया कि हाल ही में हमारे वैद्यकीय आघाडी के शिष्टमंडल ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिलकर चिकित्सा क्षेत्रों की समस्याओं से अवगत कराया। जो इस प्रकार हैं- महाराष्ट्र में 950 बीएएमएस चिकित्सा अधिकारियों को हटाकर उनकी जगह पर बंधपत्रित डॉक्टरों को लिया जा रहा है, जिसके कारण इन बीएएमएस डॉक्टरों पर अन्याय हो रहा है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा आयोजित स्वास्थ्य भर्ती में सभी जिला और तालुकास्तर पर डेंटल सर्जन के पद भरे जाने चाहिए। कोरोना काल में सेवारत बीएएमएस संविदा चिकित्सकों को सरकारी सेवा में स्थान दिया जाए। चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख ने मेडिकल छात्रों में से 5200 डॉक्टर और 15000 नर्स उपलब्ध कराने की घोषणा की हालाँकि यह निर्णय केवल मेडिकल छात्रों के लिए इंटर्नशिप तक ही सीमित है। इंटर्नशिप के बाद प्रशिक्षित हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में सेवाएं देने के लिए बाध्य होनेवाले राज्य के उन 2900 डॉक्टरों पर निर्णय कब लिया जाएगा? कोरोना काल में सेवा देनेवाले डेंटल सर्जन को किसी प्रकार की बीमा सुरक्षा नहीं दी गई थी, साथ ही उन्हें दिया जानेवाला मानदेय अन्य चिकित्सा अधिकारियों के मानदेय से आधा है, उसमें बढ़ोतरी की जानी जाए। प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सभी ग्रामीण अस्पतालों में एक दंत चिकित्सक की नियुक्ति हो जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मुंह की समस्याओं का इलाज आसान हो सके और दंत चिकित्सकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकें। एमडीएस प्रवेश प्रक्रिया पिछले सात माह से स्थगित है जिससे देशभर में 30,000 से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। हम आपसे अनुरोध करते है कि इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए केंद्रीय स्तर पर हमारी मदद करें। शहीद कोरोना योद्धाओं के वारिसों को अब तक बीमा राशि नहीं मिली है, हमें इन कोरोना योद्धाओं की मरणोपरांत अवहेलना को रोकने में मदद करनी चाहिए। महाराष्ट्र में टीकाकरण में हो रही कालाबाजारी और फर्जीवाड़े की जांच होनी चाहिए।
महाराष्ट्र में सभी स्कूल और कॉलेज शुरू होनेवाले हैं, हम अनुरोध करते हैं कि सभी छात्रों को पहले टीका लगाया जाए, इसके लिए आपको कोशिश करनी चाहिए, साथ ही हमें ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन करें। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को चिकित्सा शिक्षा के संदर्भ में विभिन्न कारणों से शुरू किया गया था अब इस संबंध में सभी प्रक्रियाएं और अधिकार विश्वविद्यालय को बहाल किए जाने चाहिए। अनुरोध है कि उसे अपना काम करने दें, अपने मूल इरादों की अवहेलना करना बंद करें।
डॉक्टरों और नर्सों की नियुक्तियां व तबादला, चिकित्सा उपकरणों की खरीदी आदि सभी मामले सुचारू होने चाहिए। महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रबंधन में त्रुटि अहम कारण है व इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और उचित प्रबंधन के साथ स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है इस हेतु आप हमारी मदद करें। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाडी, पाडा स्वास्थ्य सेवक, प्रशिक्षण व सहायक उपकेंद्र आदि उपाययोजना करने से सरकार व लोगों का कुल स्वास्थ्य विषयक का खर्च कम होगा व ग्रामीण भाग को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होगी। महाराष्ट्र में निजी टीकाकरण में बड़ी संख्या में फर्जी टीकाकरण शुरू है, उसमें महाविकास आघाडी के नेता बड़ी संख्या में शामिल हैं, उन पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने आश्वासन दिया कि उपरोक्त सभी मांगों और समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे।

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