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दो उर्वरक विक्रेताओं के बिक्री लाइसेंस निलंबित : जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी की कार्रवाई

पुणे, अक्टूबर (जिमाका)

गोदाम में पीओएस मशीन और वास्तविक स्टॉक के बीच बेमेल होने के कारण दो उर्वरक विक्रेताओं के बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
अनुज्ञापन प्राधिकारी एवं जिला कृषि अधीक्षक ज्ञानेश्वर बोटे ने जुन्नर कृषि अधिकारी के माध्यम से दो उर्वरक विक्रेताओं के उर्वरक बिक्री लाइसेंस के निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन पर यूरिया उर्वरक के स्टॉक और गोदाम में वास्तविक स्टॉक के बीच विसंगतियों के लिए संबंधित उर्वरक बिक्री केंद्र को निलंबित कर दिया है।
केंद्र सरकार ने डीबीटी योजना के तहत सब्सिडी वाले उर्वरक की बिक्री के लिए पॉस मशीन का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। यदि यूरिया और अन्य सब्सिडी वाले उर्वरक पीओएस मशीनों के माध्यम से नहीं बेचे जाते हैं, तो वे मशीनों पर संतुलन में प्रतीत होते हैं और इससे अगले सीजन में केंद्र सरकार से उर्वरकों का आवंटन कम हो जाता है। इसके लिए सीजन में आवश्यक यूरिया के साथ-साथ अन्य सब्सिडी वाले उर्वरक प्राप्त करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। इस संबंध में अधीनस्थ गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षकों को सूचित कर दिया गया है। साथ ही अभियान के रूप में अनुदानित उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण किया जायेगा और जो विक्रेता मशीन पर स्टॉक और वास्तविक गोदाम में स्टॉक से मेल नहीं खाते हैं उनका बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा।
सभी वेंडरों को बिक्री केंद्र के सामने सब्सिडी वाले उर्वरक खरीदते समय किसानों को आधार कार्ड साथ लाने के लिए होर्डिंग लगाने चाहिए। सभी वेंडरों द्वारा यह नोट किया जाना चाहिए कि किसी भी परिस्थिति में बिना पीओएस के सब्सिडी वाले उर्वरक की बिक्री नहीं होगी। साथ ही सभी रियायती उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड एवं उर्वरक विक्रेताओं से क्रय करते समय मशीन से खाद बेचने पर जोर दें। यह अपील जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी ज्ञानेश्वर द्वारा की गई है।

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