सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिविल सेवा परीक्षा में सफल उम्मीदवार को अपनी पसंद से गृह राज्य कैडर आवंटित करने की मांग का अधिकार नहीं है। शीर्ष न्यायालय ने इस बात का उल्लेख किया कि नियुक्ति से पहले वे देश में किसी भी स्थान पर सेवा करने का विकल्प चुनते हैं, लेकिन बाद में गृह राज्य में कैडर आवंटित करने की मांग करते हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश केरल उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ केन्द्र सरकार की अपील पर आया है जिसमें हिमाचल प्रदेश की रहने वाली भारतीय प्रशासनिक सेवा की एक महिला अधिकारी को उसके गृह राज्य में कैडर आवंटित करने का फैसला दिया था।
न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और वी रामा सुब्रमनियन ने केरल उच्च न्यायालय के फैसले को निरस्त कर दिया।
शीर्ष न्यायालय ने मंडल मामले में ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार, यदि सामान्य श्रेणी के तहत योग्यता के आधार पर चयन के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा उपयुक्त पाए जाते हैं तो उन्हें अनारक्षित रिक्तियों पर नियुक्ति दी जाए।
न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और वी रामा सुब्रमनियन ने केरल उच्च न्यायालय के फैसले को निरस्त कर दिया।
शीर्ष न्यायालय ने मंडल मामले में ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार, यदि सामान्य श्रेणी के तहत योग्यता के आधार पर चयन के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा उपयुक्त पाए जाते हैं तो उन्हें अनारक्षित रिक्तियों पर नियुक्ति दी जाए।

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