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कांगड़ा घाटी और कालका-शिमला रेलवे के लिए परेल कारखाना द्वारा निर्मित 10वें जेडडीएम3 लोको का किया गया उद्घाटन

 रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ द्वारा मध्य रेल के  परेल वर्कशॉप का निरीक्षण


परेल वर्कशॉप द्वारा निर्मित एनएमजीएच कोच का भी निरीक्षण किया

मुंबई, नवंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)

श्री सुनीत शर्मा, अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड और सीईओ, रेल मंत्रालय ने 8 नवंबर 2021 को मध्य रेल लोको वर्कशॉप, परेल का दौरा किया। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ का साफा बांधकर, आरती, स्वागत गीत और  पारंपरिक तिलक के साथ परेल वर्कशॉप में पारंपरिक स्वागत किया गया।
श्री सुनीत शर्मा ने जेडडीएम3 लोको का उद्घाटन किया, जिसका उपयोग कांगड़ा घाटी और कालका-शिमला रेलवे के उप-हिमालयी क्षेत्र में किया जाएगा। परेल वर्कशॉप द्वारा निर्मित यह लोको सेंट्रल रेलवे के रोलिंग स्टॉक प्रोग्राम के तहत 12 इंजनों में से 10वां लोकोमोटिव है। कारखाना 2019-20 और 2020-21 के दौरान पहले ही 9 ऐसे इंजनों का निर्माण और प्रेषण कर चुका है। मध्य रेल लोको वर्कशॉप, परेल ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के प्रति प्रतिबद्धता का एक अच्छा उदाहरण स्थापित किया है, क्योंकि लोको के लिए सभी आइटम स्वदेशी रूप से प्राप्त किए गए हैं।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ ने नए संशोधित हाई स्पीड ऑटोमोबाइल कैरियर (एनएमजीएच) कोच का भी निरीक्षण किया। हाल ही में मध्य रेल ने ऑटोमोबाइल की लोडिंग के लिए साइड एंट्री और अन्य उन्नत सुविधाओं के साथ एक प्रोटोटाइप एनएमजीएचएस कोच विकसित किया है। एनएमजीएच कोच, परेल वर्कशॉप, मध्य रेल द्वारा विकसित किया गया है, जिसमें विशाल दरवाजे , मजबूत चेकर फर्श, प्राकृतिक पाइप लाइट, फुटपाथ मार्कर और मार्गदर्शन के लिए रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप, बेहतर प्रवेश के लिए बेहतर फॉल प्लेट व्यवस्था और बैरल लॉक के साथ बेहतर एंड डोर डिज़ाइन जैसी बेहतर सुविधाएँ हैं। लॉकिंग में आसानी के लिए भारतीय रेल पर यह अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है।

परेल वर्कशॉप में श्री सुनीत शर्मा के कार्यकाल की स्मृतियों का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए महाप्रबंधक श्री अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि मुख्य कार्यखाना प्रबंधक, परेल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने परेल वर्कशॉप के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अब रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में इसके निरंतर आधुनिकीकरण में एक मार्गदर्शक है। श्री अनिल कुमार लाहोटी ने दोहराया कि मध्य रेल इसी तरह अग्रणी बनाए रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा।
श्री शर्मा ने परेल वर्कशॉप के कर्मचारियों और अधिकारियों से बातचीत की और परेल वर्कशॉप द्वारा किए गए कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। अपनी पुरानी यादों की चर्चा करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि परेल वर्कशॉप की सबसे बड़ी ताकत बदलते समय के साथ खुद को ढालने की क्षमता रही है। स्टीम लोकोमोटिव के निर्माण से लेकर डीजल इंजन तक, वर्कशॉप ने हमेशा खुद को फिर से खोजा है और समय के साथ आगे बढ़ता गया है।
उन्होंने कहा कि परेल वर्कशॉप की सबसे बड़ी ताकत बदलते समय के साथ खुद को ढालने की क्षमता रही है। स्टीम लोकोमोटिव के निर्माण से लेकर डीजल इंजन तक, वर्कशॉप ने हमेशा खुद को फिर से खोजा है और समय के साथ आगे बढ़ता गया है। उन्होंने यह भी कहा कि परेल वर्कशॉप भारतीय रेल के सबसे पुराने सबसे बड़ी वर्कशॉप में से एक है।

श्री अश्विनी सक्सेना, प्रधान मुख्य अभियंता, श्री ए. के. गुप्ता, प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता, श्री गोपाल चंद्रा प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता, श्रीमती रूबी अहलूवालिया, प्रधान वित्त सलाहकार, मध्य रेल, श्री विवेक आचार्य, मुख्य कारखाना प्रबंधक, परेल वर्कशॉप और अन्य वरिष्ठ मध्य रेल  के अधिकारी भी उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान सभी कोविड -19 प्रोटोकॉल का पालन किया गया। यह प्रेस विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।

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