महाराष्ट्र सरकार ने आयातित विदेशी शराब ब्रैंड पर उत्पाद शुल्क में 50 प्रतिशत कमी कर दी है। इसका उद्देश्य आयातित शराब की अंतर-राज्यीय तस्करी रोकना और अन्य राज्यों के साथ इस ब्रैंड की शराब के मूल्य में समानता लाना है।
राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार आयातित शराब ब्रैंड पर उत्पाद शुल्क विनिर्माण लागत का तीन सौ प्रतिशत से घटाकर डेढ़ सौ प्रतिशत कर दिया गया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह कटौती केवल मूल देश में बोतल बंद की गई और पैक की गई आयातित शराब ब्रैंड पर लागू होगी, औऱ भारत में बोलत बंद किये गए अंतर-राष्ट्रीय ब्रैंड पर लागू नहीं होगी। भारत में बने विदेशी शराब ब्रैंड पर भी यह कटौती लागू नहीं होगी। उत्पाद शुल्क की नई दरें कल अधिसूचना जारी होने के साथ ही लागू हो गई है।
राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार आयातित शराब ब्रैंड पर उत्पाद शुल्क विनिर्माण लागत का तीन सौ प्रतिशत से घटाकर डेढ़ सौ प्रतिशत कर दिया गया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह कटौती केवल मूल देश में बोतल बंद की गई और पैक की गई आयातित शराब ब्रैंड पर लागू होगी, औऱ भारत में बोलत बंद किये गए अंतर-राष्ट्रीय ब्रैंड पर लागू नहीं होगी। भारत में बने विदेशी शराब ब्रैंड पर भी यह कटौती लागू नहीं होगी। उत्पाद शुल्क की नई दरें कल अधिसूचना जारी होने के साथ ही लागू हो गई है।
0 टिप्पणियाँ