15 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए कोविड टीकाकरण अगले महीने की तीन तारीख से शुरू होगा। इन्हें केवल कोवैक्सीन टीका ही लगाया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज बच्चों के लिए टीकाकरण और स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों तथा किसी अन्य रोग से पीड़ित साठ वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए ऐहतियाती डोज़ के बारे में दिशा-निर्देश जारी किए। 15 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए कोविन पर पंजीकरण अगले महीने की पहली तारीख से शुरू होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि 3 जनवरी 2022, सोमवार से, 15-18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए टीकाकरण शुरू हो जाएगा। इस कदम से स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को सामान्य स्थिति में लाने में मदद मिलने की संभावना है और इससे स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिता की चिंता कम होगी। उन्होंने 10 जनवरी 2022, सोमवार से स्वास्थ्य सेवा और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों के लिए एहतियाती खुराक की भी घोषणा की। अग्रिम मोर्चे के कर्मी और स्वास्थ्य देखभाल कर्मी कोविड रोगियों की सेवा में लगे हुए हैं। भारत में तीसरी खुराक को बूस्टर डोज नहीं ‘एहतियाती खुराक’ कहा गया है। एहतियाती खुराक के निर्णय से स्वास्थ्य सेवा और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों का विश्वास मजबूत होगा। प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि 10 जनवरी, 2022 से डॉक्टरों की सलाह पर सह-रुग्णता वाले 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी एहतियाती खुराक लेने का विकल्प उपलब्ध होगा।
इन दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि टीके की दो डोज़ ले चुके स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों और वरिष्ठ नागरिकों को अगले महीने की दस तारीख से एक और डोज़ दी जाएगी। टीके की यह डोज़ सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर निशुल्क दी जाएगी। निजी अस्पतालों में टीका लगवाने वालों को भुगतान करना होगा। ऐहतियाती डोज़ के लाभार्थी अपने मौजूदा कोविन अकाउंड के जरिए पंजीकरण करा सकते हैं। कोविन सिस्टम के जरिए उन्हें एसएमएस भेज कर इस बारे में सूचित किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा है कि ये दिशा-निर्देश अगले महीने की तीन तारीख से लागू हो जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि 3 जनवरी 2022, सोमवार से, 15-18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए टीकाकरण शुरू हो जाएगा। इस कदम से स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को सामान्य स्थिति में लाने में मदद मिलने की संभावना है और इससे स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिता की चिंता कम होगी। उन्होंने 10 जनवरी 2022, सोमवार से स्वास्थ्य सेवा और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों के लिए एहतियाती खुराक की भी घोषणा की। अग्रिम मोर्चे के कर्मी और स्वास्थ्य देखभाल कर्मी कोविड रोगियों की सेवा में लगे हुए हैं। भारत में तीसरी खुराक को बूस्टर डोज नहीं ‘एहतियाती खुराक’ कहा गया है। एहतियाती खुराक के निर्णय से स्वास्थ्य सेवा और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों का विश्वास मजबूत होगा। प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि 10 जनवरी, 2022 से डॉक्टरों की सलाह पर सह-रुग्णता वाले 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी एहतियाती खुराक लेने का विकल्प उपलब्ध होगा।
इन दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि टीके की दो डोज़ ले चुके स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों और वरिष्ठ नागरिकों को अगले महीने की दस तारीख से एक और डोज़ दी जाएगी। टीके की यह डोज़ सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर निशुल्क दी जाएगी। निजी अस्पतालों में टीका लगवाने वालों को भुगतान करना होगा। ऐहतियाती डोज़ के लाभार्थी अपने मौजूदा कोविन अकाउंड के जरिए पंजीकरण करा सकते हैं। कोविन सिस्टम के जरिए उन्हें एसएमएस भेज कर इस बारे में सूचित किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा है कि ये दिशा-निर्देश अगले महीने की तीन तारीख से लागू हो जाएंगे।
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