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मध्य रेल के आरपीएफ ने टीटीई, जीआरपी और स्टेशन कर्मचारियों के समन्वय से 864 बच्चों को बचाया और परिवारों से मिलाया

मुंबई, दिसंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने टीटीई, जीआरपी, मध्य रेल के स्टेशन कर्मचारियों के साथ समन्वय से जनवरी से नवंबर 2021 की अवधि के दौरान मध्य रेल पर ट्रेनों, रेलवे प्लेटफार्मों और रेलवे परिसर से 864 भागे हुए बच्चों को बचाया है और उन्हें उनके परिवारों से मिलाया है।
इनमें 535 लड़के और 329 लड़कियां शामिल हैं जो या तो अपने घर से भाग गए थे या खो गए थे। ये बच्चे ट्रेनों, रेलवे प्लेटफॉर्म और रेलवे परिसर में पाए गए थे, जिनको आरपीएफ द्वारा टिकट चेकिंग स्टाफ, शासकीय रेलवे पुलिस, चाइल्डलाइन एनजीओ और यात्रियों की मदद से बचाया गया।
इनमें से ज्यादातर बच्चे किसी झगड़े या किसी पारिवारिक समस्या के चलते या बेहतर जिंदगी या ग्लैमर की तलाश में अपने परिवार को बताए बिना रेलवे स्टेशन आ गए थे। कई अभिभावकों ने रेलवे की इस नेक सेवा के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता और आभार व्यक्त किया।
मध्य रेल पर जनवरी से नवंबर- 2021 तक बचाए गए बच्चों का मंडल-वार विवरण निम्नानुसार है :
-मुंबई डिवीजन के 322 बच्चे (194 लड़के और 128 लड़कियां)
-पुणे डिवीजन 306 बच्चे (212 लड़के और 94 लड़कियां)
-भुसावल डिवीजन 128 बच्चे (77 लड़के और 51 लड़कियां)।
-नागपुर डिवीजन के 66 बच्चे (28 लड़के और 38 लड़कियां)।
-सोलापुर डिवीजन 42 बच्चे (24 लड़के और 18 लड़कियां)।

मध्य रेल पर नवंबर-2021 के महीने में 50 लड़कों और 29 लड़कियों सहित कुल 79 बच्चों को बचाया गया और उनके परिवारों से मिला दिया गया।
मध्य रेल यात्रियों से अपील करता है कि वे यात्रा के दौरान सतर्क रहें और ऐसे मामलों की सूचना ऑन-ड्यूटी रेलवे कर्मचारियों या नजदीकी चाइल्डलाइन एनजीओ को दें या हेल्पलाइन नंबर 1098 डायल कर दें और इस तरह खोए हुए बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने में मदद करें।
यह प्रेस विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।


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