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वाइस एडमिरल पुनीत के बहल एवीएसएम, वीएसएम ने एझिमाला में भारतीय नौसेना अकादमी के कमांडेंट के रूप में कार्यभार ग्रहण किया

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    वाइस एडमिरल पुनीत के बहल ने 26 दिसंबर, 2021 को एझिमाला में भारतीय नौसेना अकादमी के कमांडेंट के रूप में पदभार ग्रहण किया। फ्लैग ऑफिसर पुनीत पहली जुलाई 1984 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। श्री बहल राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने डीएसएससी वेलिंगटन में स्टाफ कोर्स किया है और वे मुंबई के कॉलेज ऑफ नवल वारफेयर से नेवल हायर कमांड कोर्स भी कर चुके हैं। पुनीत बहल अनुभवी समुद्री टोही पायलट हैं और उन्होंने छह अलग-अलग प्रकार के विशेष विमान उड़ाए हैं। उनके परिचालन अनुभव में ऑपरेशन ताशा और ऑपरेशन विजय के दौरान उड़ान संचालन में उनकी सक्रिय भागीदारी भी शामिल है। वे नौसैनिक पोत के एक योग्य गोताखोर भी है। पुनीत ने चुनौतीपूर्ण परिचालनकर्मचारियों एवं प्रशिक्षण कार्यों की एक विस्तृत श्रृंखला का आयोजन किया है।
    उड़ान ड्यूटी के दौरान उनका कार्यकाल आईएनएस गरुड़आईएनएस राजालीएएफएस येलहंका और सीजीएएस 700 में रहा हैजबकि पोत के लिए उन्होंने आईएनएस विक्रांतबेतवागोदावरीसुजाता और पोरबंदर पर कार्य किया है। उनके प्रशिक्षण और स्टाफ असाइनमेंट में डीएसएससी वेलिंगटन तथा जेडीएनएएस (विमानन योजना) में नौसेना मुख्यालय में निर्देशन स्टाफ के रूप में कार्य करना शामिल हैंजहां उन्होंने विमान को शामिल करने की गतिविधियों को सफलतापूर्वक आयोजित किया और नौसेना विमानन परिप्रेक्ष्य एवं बुनियादी ढांचा योजनाओं का मसौदा तैयार किया। उनके कमांड कार्यकाल में गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस बेतवाअपतटीय गश्ती पोतआईएनएस सुजाता और देश के प्रमुख रणनीतिक हवाई अड्डों में से एक आईएनएस राजली शामिल हैं। राजली की कमान में रहते हुएउन्होंने बेस से पी8आई विमान के सुचारू रूप से शामिल होने तथा इसके संचालन का सफलतापूर्वक निरीक्षण कियाजिसे उनके कार्यकाल के दौरान नौसेना प्रमुख द्वारा यूनिट प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया था। वह वर्ष 2007-10 से टोक्यो में भारत के दूतावास में रक्षा अताशेजापान के रूप में कोरिया गणराज्य को समवर्ती मान्यता के साथ कार्यरत थेजहां उन्होंने भारत और जापान के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने हेतु सुरक्षा सहयोग पर एक ऐतिहासिक संयुक्त घोषणा के समन्वय तथा सुविधा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
    पुनीत बहल ने जनवरी 2015 में फ्लैग रैंक पर पदोन्नति के बाद नई दिल्ली में एसीआईडी (डब्लूएसओआई) गोवा नौसेना क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग और गोवा में फ्लैग ऑफिसर नेवल एविएशनमुंबई में फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग महाराष्ट्र नेवल एरियाचीफ स्टाफ ऑफिसर (प्रशिक्षण)एचक्यूएसएनसी और मुख्य प्रशिक्षक (नौसेना)डीएसएससी वेलिंगटन की नियुक्तियां की हैं। पहली जनवरी 2021 को वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नति पर उन्होंने प्रोजेक्ट सीबर्ड के महानिदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया।
    फ्लैग ऑफिसर पुनीत को 2020 में अति विशिष्ट सेवा मेडल, 2015 में विशिष्ट सेवा मेडल, 2005 में चीफ ऑफ द नवल स्टाफ द्वारा प्रशस्ति और 1998 में डीएसएससी वेलिंगटन में लेंटेनग्ने मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने श्रीमती अंजलि बहल से विवाह किया और उनके दो पुत्र ध्रुव बहल तथा रॉबिन बहल हैं। 

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