पुणे, दिसंबर (जिमाका)
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अंबिया बहार फल उत्पादकों के लिए पुनर्गठित जलवायु आधारित फल फसल बीमा योजना 2021 लागू की गई है। प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की परिस्थिति के कारण फसल के नुकसान के मामले में सुरक्षा देने के लिए लागू की गई इस योजना का लाभ किसानों को उठाना चाहिए। यह अपील जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी ज्ञानेश्वर बोटे ने की है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फल उत्पादकों के लिए है। अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल के लिए उधारकर्ता और गैर-उधारकर्ता किसान वैकल्पिक (ऐच्छीक) हैं। केवल उत्पादक फल बाग ही बीमा कवर के दायरे में आएंगे। इस योजना में मुआवजा महावेध परियोजना के तहत राजस्व मंडल स्तर पर स्वचालित मौसम विज्ञान स्टेशन के आंकड़ों के अनुसार तय किया जाएगा, इसलिए कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। इस योजना की किसानों द्वारा भुगतान की जाने वाली फसलवार भागीदारी की समय सीमा, बीमा राशि और बीमा प्रीमियम के बारे में जानकारी निम्नलिखित है। दौंड, आम्बेगांव, भोर, जुन्नर, मावल, खेड़, हवेली, शिरूर, वेल्हा, मुलशी, बारामती, इंदापुर, सासवड तालुकाओं में आम की फसल के लिए प्रीमियम भुगतान की अंतिम तिथि 30 दिसंबर 2021 है। बीमा संरक्षित राशि 1 लाख 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर है। किसानों को 15,400 रुपये का बीमा प्रीमियम देना होगा।
दौंड, ईम्बेगांव, बारामती, जुन्नर, इंदापुर, सासवड, शिरूर, हवेली, खेड़ तालुकाओं में अनार की फसल की समय सीमा 14 जनवरी, 2022 है। बीमा संरक्षित राशि 1 लाख 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर है। किसानों को 9,750 रुपये का बीमा प्रीमियम भरना होगा। आम की फसल के लिए 31 मई 2022 तक बीमा कवर है। किसानों के हिस्सा सहित केंद्र, राज्य द्वारा किया गया कुल प्रीमियम 65,800 रुपये है। अनार की फसल का बीमा कवर 15 जनवरी से 31 जुलाई 2022 तक है और कुल प्रीमियम 52,000 रुपये है।
अधिक जानकारी के लिए भारतीय कृषि बीमा कंपनी के pikvima@aicofindia.com ई-मेल पर अथवा टोल फ्री नं. 18004195004 या टेलीफोन नंबर 022-61710912 पर कॉल करें।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अंबिया बहार फल उत्पादकों के लिए पुनर्गठित जलवायु आधारित फल फसल बीमा योजना 2021 लागू की गई है। प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की परिस्थिति के कारण फसल के नुकसान के मामले में सुरक्षा देने के लिए लागू की गई इस योजना का लाभ किसानों को उठाना चाहिए। यह अपील जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी ज्ञानेश्वर बोटे ने की है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फल उत्पादकों के लिए है। अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल के लिए उधारकर्ता और गैर-उधारकर्ता किसान वैकल्पिक (ऐच्छीक) हैं। केवल उत्पादक फल बाग ही बीमा कवर के दायरे में आएंगे। इस योजना में मुआवजा महावेध परियोजना के तहत राजस्व मंडल स्तर पर स्वचालित मौसम विज्ञान स्टेशन के आंकड़ों के अनुसार तय किया जाएगा, इसलिए कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। इस योजना की किसानों द्वारा भुगतान की जाने वाली फसलवार भागीदारी की समय सीमा, बीमा राशि और बीमा प्रीमियम के बारे में जानकारी निम्नलिखित है। दौंड, आम्बेगांव, भोर, जुन्नर, मावल, खेड़, हवेली, शिरूर, वेल्हा, मुलशी, बारामती, इंदापुर, सासवड तालुकाओं में आम की फसल के लिए प्रीमियम भुगतान की अंतिम तिथि 30 दिसंबर 2021 है। बीमा संरक्षित राशि 1 लाख 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर है। किसानों को 15,400 रुपये का बीमा प्रीमियम देना होगा।
दौंड, ईम्बेगांव, बारामती, जुन्नर, इंदापुर, सासवड, शिरूर, हवेली, खेड़ तालुकाओं में अनार की फसल की समय सीमा 14 जनवरी, 2022 है। बीमा संरक्षित राशि 1 लाख 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर है। किसानों को 9,750 रुपये का बीमा प्रीमियम भरना होगा। आम की फसल के लिए 31 मई 2022 तक बीमा कवर है। किसानों के हिस्सा सहित केंद्र, राज्य द्वारा किया गया कुल प्रीमियम 65,800 रुपये है। अनार की फसल का बीमा कवर 15 जनवरी से 31 जुलाई 2022 तक है और कुल प्रीमियम 52,000 रुपये है।
अधिक जानकारी के लिए भारतीय कृषि बीमा कंपनी के pikvima@aicofindia.com ई-मेल पर अथवा टोल फ्री नं. 18004195004 या टेलीफोन नंबर 022-61710912 पर कॉल करें।
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