हड़पसर, दिसंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)
महात्मा फुले मंडई स्थित पुणे महानगरपालिका के बाबू गेनु (आर्यन) वाहनतल के बारे में नागरिकों की काफी बड़ी संख्या में शिकायतें आ रही हैं। उस पर सीधे कार्रवाई करने के लिए मनपा प्रशासन हिम्मत क्यों नहीं दिखा रहा है? यह सवाल पुणे महानगरपालिका की मुख्य सभा में भारतीय जनता पार्टी की नगरसेविका उज्ज्वला सुभाष जंगले ने पूछा और इसके खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि यह वाहनतल खतरनाक है, यहां के कर्मचारी महिलाओं के साथ बदतमीजी से बर्ताव करते हैं?
बुधवार पेठ स्थित बाबू गेनु वाहनतल की पुन: निविदा निकालने हेतु मुख्य सभा की मान्यता देने के लिए प्रस्ताव सभागृह में पेश किया गया तब भारतीय जनता पार्टी की नगरसेविका उज्ज्वला सुभाष जंगले ने कर्मचारियों के बर्ताव का मुद्दा सभा में उपस्थित किया।
नगरसेविका उज्ज्वला जंगले ने आगे कहा कि शहर के अनेक परिसर से महिलाएं शॉपिंग के लिए मंडई में आती हैं। मंडई स्थित यह बाबू गेनु वाहनतल महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। यहां पार्किंग के लिए अधिक पैसे ऐंठे जाते हैं। ठेकेदार के लोग नागरिकों के ऊपर दौड़ कर आते हैं। महिलाओं के साथ बदतमीजी से बर्ताव किया जाता है। मनपा प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए।
महात्मा फुले मंडई स्थित पुणे महानगरपालिका के बाबू गेनु (आर्यन) वाहनतल के बारे में नागरिकों की काफी बड़ी संख्या में शिकायतें आ रही हैं। उस पर सीधे कार्रवाई करने के लिए मनपा प्रशासन हिम्मत क्यों नहीं दिखा रहा है? यह सवाल पुणे महानगरपालिका की मुख्य सभा में भारतीय जनता पार्टी की नगरसेविका उज्ज्वला सुभाष जंगले ने पूछा और इसके खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि यह वाहनतल खतरनाक है, यहां के कर्मचारी महिलाओं के साथ बदतमीजी से बर्ताव करते हैं?
बुधवार पेठ स्थित बाबू गेनु वाहनतल की पुन: निविदा निकालने हेतु मुख्य सभा की मान्यता देने के लिए प्रस्ताव सभागृह में पेश किया गया तब भारतीय जनता पार्टी की नगरसेविका उज्ज्वला सुभाष जंगले ने कर्मचारियों के बर्ताव का मुद्दा सभा में उपस्थित किया।
नगरसेविका उज्ज्वला जंगले ने आगे कहा कि शहर के अनेक परिसर से महिलाएं शॉपिंग के लिए मंडई में आती हैं। मंडई स्थित यह बाबू गेनु वाहनतल महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। यहां पार्किंग के लिए अधिक पैसे ऐंठे जाते हैं। ठेकेदार के लोग नागरिकों के ऊपर दौड़ कर आते हैं। महिलाओं के साथ बदतमीजी से बर्ताव किया जाता है। मनपा प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए।
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