मुंबई, दिसंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)
मध्य रेल ने यात्रियों और जनता को किसी भी ज्वलनशील सामान को न ले जाने और ट्रेनों में यात्रा करते समय धूम्रपान न करने हेतु जागरूक करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है।
आग की किसी भी घटना से बचने के लिए 1 दिसंबर 2021 से 15 दिसंबर तक शुरू किए गए विशेष पखवाड़े में ट्रेनों से प्लास्टिक एफआरपी या गैर-धातु कूड़ेदान को बदलने के लिए अग्निशमन यंत्रों के उचित उपयोग में कर्मचारियों को प्रशिक्षण शामिल है। मध्य रेल ने यात्रियों और जनता को जागरूक करने के लिए मल्टी-मीडिया अभियानों के साथ-साथ ऑन-बोर्ड धूम्रपान, चूल्हा आदि के प्रभावी निषेध को लागू करने के लिए ऑनबोर्ड स्टाफ और आरपीएफ को भी सक्रिय किया है, विशेष रूप से टॉयलेट के ‘डस्टबिन में जलता सिगरेट का टुकड़ा भी इसका कारण हो बन सकता है’ विषय पर संदेश दिया है।
ट्रेनों में ज्वलनशील वस्तुओं को ले जाना रेलवे अधिनियम की धारा 164 के तहत एक दंडनीय अपराध है और अपराधी को तीन साल तक की कैद या 1,000 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकता है और धारा 165 के तहत 500 का जुर्माना लागू होता है।
मध्य रेल ‘धूम्रपान निषेध’ नियम को सख्ती से लागू करने और रेल के माध्यम से ज्वलनशील सामग्री को ले जाने को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही यात्रियों से अपील है कि वे जलती हुई सिगरेट के तुकड़े को शौचालय के कूड़ेदान या कूड़ेदान में न फेंकें।
यह प्रेस विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।
मध्य रेल ने यात्रियों और जनता को किसी भी ज्वलनशील सामान को न ले जाने और ट्रेनों में यात्रा करते समय धूम्रपान न करने हेतु जागरूक करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है।
आग की किसी भी घटना से बचने के लिए 1 दिसंबर 2021 से 15 दिसंबर तक शुरू किए गए विशेष पखवाड़े में ट्रेनों से प्लास्टिक एफआरपी या गैर-धातु कूड़ेदान को बदलने के लिए अग्निशमन यंत्रों के उचित उपयोग में कर्मचारियों को प्रशिक्षण शामिल है। मध्य रेल ने यात्रियों और जनता को जागरूक करने के लिए मल्टी-मीडिया अभियानों के साथ-साथ ऑन-बोर्ड धूम्रपान, चूल्हा आदि के प्रभावी निषेध को लागू करने के लिए ऑनबोर्ड स्टाफ और आरपीएफ को भी सक्रिय किया है, विशेष रूप से टॉयलेट के ‘डस्टबिन में जलता सिगरेट का टुकड़ा भी इसका कारण हो बन सकता है’ विषय पर संदेश दिया है।
ट्रेनों में ज्वलनशील वस्तुओं को ले जाना रेलवे अधिनियम की धारा 164 के तहत एक दंडनीय अपराध है और अपराधी को तीन साल तक की कैद या 1,000 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकता है और धारा 165 के तहत 500 का जुर्माना लागू होता है।
मध्य रेल ‘धूम्रपान निषेध’ नियम को सख्ती से लागू करने और रेल के माध्यम से ज्वलनशील सामग्री को ले जाने को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही यात्रियों से अपील है कि वे जलती हुई सिगरेट के तुकड़े को शौचालय के कूड़ेदान या कूड़ेदान में न फेंकें।
यह प्रेस विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।
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