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जीएसटी में भुगतान की देरी पर विलंब शुल्क और ब्याज नहीं लगाने सहित अन्य बदलाव किए जाएं

अग्रवाल मारवाडी चेंबर के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश अग्रवाल की जोरदार मांग : प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री को लिखे पत्र
पुणे, दिसंबर (ह.ए. प्रतिनिधि) 
    जीएसटी के 12, 18 और 28 प्रतिशत टैक्स के स्लैब को हटाना, कर माफीवाली वस्तुओं की संख्या बढ़ाना, जीएसटी भुगतान की देरी पर विलंब शुल्क और ब्याज नहीं लगाना, जैसी कई मांगों को लेकर अग्रवाल मारवाडी चेंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्रीज एंड एजूकेशन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने आवाज उठाते हुए एक मांग का पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री को भेजा है।
आए दिन बढ़ती जा रही महंगाई, जीएसटी और सरकार की कुछ गलत नीति के चलते देश के सभी व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राजेश अग्रवाल ने उक्त मांगों के साथ एक्साइज और सर्विस टैक्स में छूट मिले, अगर जीएसटी कम होगा तो सभी व्यापारी, उद्योगों की बिक्री बढ़ेगी, जिसके चलते सरकार की आय बढ़ेगी।
बो उद्यमी जिन्हें एनपीए अकांउट तथा उनका पैसा डूबने पर केंद्र सरकार द्वारा रिकवरी बैड बैंक के जरिए किए जाने वाले प्रस्ताव का स्वागत संस्था ने किया है, लेकिन सरकार के उस फैसले का विरोध करते हैं, जहां पर केवल 5 लाख रुपये के डिपॉजिट वापसी का प्रावधान है। जिन व्यापारियों का लाखों या करोड़ों रुपये डिपॉजिट होगा, उन्हें भी सरकार केवल 5 लाख रुपये देगी, यह नीति व्यापारियों, उद्यमियों के लिए अन्यायकारक है। इधर अग्रवाल मारवाडी चेंबर का कहना है कि बैंक से लोन लेने पर वह पूरा लोन वसूलने तक पीछा नहीं छोड़ती, इसके चलते कइयों पर आत्महत्या करने जैसी नौबत आई है। ऐसे में जब बैंक हम से पूरा पैसा वसूलती है तो हमारा डिपॉजिट चाहे वह नैशनल बैंक के अलावा किसी भी बैंक में हो तो वह हमें सौ प्रतिशत ब्याज के साथ मिलना चाहिए।
उक्त विषयों के अलावा यह चेंबर क्रिप्टो करेंसी यानी आभासी मुद्रा पर प्रतिबंध लगाने की मांग करती है। वहीं कंस्ट्रक्शन को उद्योग का दर्जा मिले, इससे उन्हें बैंक लोन जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। सीमेंट और स्टील की कीमतों को नियंत्रित किया जाए। साथ ही इस पर केवल 5 प्रतिशत ही जीएसटी हो, जिससे मध्यम वर्ग लाभान्वित होगा। विनिर्माण क्षेत्र में तेजी आने पर अपने आप ही सरकार को अधिक राजस्व मिलेगा।
करोड़ों लोगों को रोजगार देने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सर्वाधिक योगदान देनेवाले 10 करोड़ से अधिक अग्रवाल, जैन, मारवाडी, गुजराती और माहेश्वरी समाज के सभी उद्योगपतियों, व्यापारियोंं और सभी प्रोफेशनल्स को संगठित करते यह चेंबर उनकी आवाज बन रही है। यह चेंबर सभी समस्याओं को सुलझाकर उन्हें शिखर पर पहुंचाने  का दायित्व निभाने की कोशिश कर रहा है। राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में यह चेंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना आत्मनिर्भर भारत को पूर्ण करने की दिशा में बढ़ रहा है।

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